Sehore जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने मरीजों से मुलाकात कर धन मांगने और अभद्र व्यवहार की शिकायतें सुनीं। संगठन ने अस्पताल प्रशासन को 8 दिन में सुधार करने का अल्टीमेटम दिया।
Sehore जिला अस्पताल निरीक्षण: मानव अधिकार ट्रस्ट ने मरीजों की शिकायतें सुनीं, 8 दिन में सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
रिपोर्टर : स्वराज वाणी ब्यूरो | सीहोर
Sehore जिला अस्पताल निरीक्षण में सामने आईं मरीजों की समस्याएं
Sehore जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी लेना था।
संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, विशेष रूप से जच्चा वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान कई मरीजों और उनके परिजनों ने कुछ कर्मचारियों द्वारा धनराशि की मांग करने और अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें संगठन के समक्ष रखीं।
मरीजों और परिजनों ने रखीं गंभीर शिकायतें
निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से अस्पताल के कुछ कर्मचारियों द्वारा सुविधा देने के नाम पर धन मांगने और मरीजों के साथ उचित व्यवहार नहीं करने के आरोप शामिल रहे।
परिजनों ने बताया कि कई बार मरीजों को समय पर जानकारी नहीं दी जाती और कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगात्मक नहीं रहता। संगठन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अस्पताल प्रशासन के समक्ष मामला उठाया।
अस्पताल प्रशासन से की गई चर्चा
Sehore जिला अस्पताल निरीक्षण के बाद भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सिविल सर्जन एवं संबंधित वार्ड प्रभारी डॉक्टर से मुलाकात की।संगठन की ओर से निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं—
- मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- धन मांगने संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार लाया जाए।
- मरीजों और परिजनों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
- अस्पताल में शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए।
अस्पताल प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
अस्पताल प्रशासन ने संगठन को आश्वस्त किया कि प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाएगी। साथ ही आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।प्रशासन ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार या अवैध रूप से धन मांगने की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
8 दिन में सुधार नहीं हुआ तो होगी वैधानिक कार्रवाई
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने अस्पताल प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए 8 दिन का समय दिया है।संगठन का कहना है कि यदि निर्धारित अवधि में सुधार नहीं हुआ तो मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव का संदेश
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा—
“स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार हैं। किसी भी मरीज या उसके परिजन के साथ अभद्र व्यवहार अथवा अवैध रूप से धन की मांग स्वीकार्य नहीं है। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट सदैव जनहित एवं मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपेक्षा करते हैं कि अस्पताल प्रशासन शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निराकरण कर मरीजों को सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।”
निरीक्षण में उपस्थित रहे ये पदाधिकारी
कार्यक्रम के दौरान संगठन की महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती अरुण पंवार, राष्ट्रीय महामंत्री सोहन वर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुनील वर्मा, राजन वर्मा, ब्रजेश शर्मा, जिला अध्यक्ष रमाकांत शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।इसके अलावा शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता एवं जीवनलाल जैन (चाय वाले) ने संयुक्त रूप से कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के सम्मान, सुरक्षा तथा बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही आवश्यक है। अस्पतालों में समय-समय पर निरीक्षण और जनसुनवाई जैसी व्यवस्थाएं मरीजों की समस्याओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
निष्कर्ष
Sehore जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान सामने आई शिकायतों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने जांच और सुधार का आश्वासन दिया है, लेकिन अब निगाहें इस बात पर होंगी कि अगले 8 दिनों में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संगठन आगे भी सक्रिय रूप से कार्य करता रहेगा।


