इंदौर-बैतूल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, बैतूल PWD के SDO दरियाव सिंह परमार की मौत
ननासा ओवरब्रिज पर हुआ हादसा, सिर और सीने में गंभीर चोट लगने से गई जान
देवास। इंदौर-बैतूल हाईवे पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बैतूल लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO दरियाव सिंह परमार की मौत हो गई। यह हादसा देवास जिले के कन्नौद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ननासा स्थित ओवरब्रिज पर हुआ, जहां उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और परमार को गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा वाहन में फंसे घायल अधिकारी को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
बैतूल से धार जा रहे थे दरियाव सिंह परमार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दरियाव सिंह परमार मूल रूप से धार जिले के अमझेरा क्षेत्र के निवासी थे। वर्तमान में वे बैतूल जिले में लोक निर्माण विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे।
बताया जा रहा है कि वे किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बैतूल से धार जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार ननासा ओवरब्रिज पर हादसे का शिकार हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन अचानक अनियंत्रित हुआ और सीधे डिवाइडर से जा टकराया।
हादसे के बाद फट गया कार का टायर
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डिवाइडर से टकराने के बाद कार का टायर भी फट गया था। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में परमार के सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चोटों की प्रकृति और दुर्घटना के वास्तविक कारणों को लेकर और स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
दुर्घटना के कारणों की जांच जारी
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा तेज रफ्तार, चालक की असावधानी, वाहन में तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से हुआ।
कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि दुर्घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और वाहन की तकनीकी स्थिति का भी परीक्षण कराया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
विभाग में शोक की लहर
दरियाव सिंह परमार की असामयिक मृत्यु की खबर मिलते ही लोक निर्माण विभाग में शोक की लहर फैल गई। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
बताया जाता है कि परमार अपने सरल स्वभाव और कार्य के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। विभागीय स्तर पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में योगदान दिया था।
उनके निधन की सूचना मिलते ही विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी कन्नौद अस्पताल पहुंचे। सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों ने भी अस्पताल पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
देवास जिले में भी दे चुके हैं सेवाएं
जानकारी के अनुसार दरियाव सिंह परमार करीब पांच से छह वर्ष पहले देवास जिले में भी पदस्थ रह चुके थे। उनके कार्यकाल के दौरान कई विकास कार्यों को गति मिली थी, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर भी उनकी पहचान थी।
देवास में पदस्थापना के दौरान उन्होंने कई सड़क और निर्माण परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि उनके निधन की खबर सुनकर देवास जिले के कई अधिकारी और परिचित भी स्तब्ध रह गए।
हाईवे हादसों पर फिर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर हाईवे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रण, सीट बेल्ट का उपयोग और सतर्कता बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन की तकनीकी जांच और चालक की शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
स्वजन को दी गई सूचना
पुलिस ने हादसे की जानकारी परमार के स्वजन को दे दी है। उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार के लिए स्वजन को सौंपा जाएगा।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार में शोक का माहौल है। परिजन और परिचित इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
निष्कर्ष
इंदौर-बैतूल हाईवे पर ननासा ओवरब्रिज के पास हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। बैतूल PWD के एसडीओ दरियाव सिंह परमार का असामयिक निधन न केवल उनके परिवार बल्कि विभाग और प्रशासनिक क्षेत्र के लिए भी बड़ी क्षति है।
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। सभी की नजर अब पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच रिपोर्ट पर है, जिससे इस दर्दनाक हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
