BJP Youth Wing Appointment MP के तहत इंदौर में भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष और प्रकोष्ठ संयोजकों की नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। 21 जून तक नाम भेजे जाएंगे, एक दर्जन से अधिक दावेदार मैदान में हैं।
BJP Youth Wing Appointment MP: इंदौर में युवा मोर्चा नियुक्तियों को लेकर बढ़ी हलचल
BJP Youth Wing Appointment MP के तहत मध्यप्रदेश भाजपा में युवा मोर्चा और विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व संयोजकों की नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इंदौर जिले में भी संगठन स्तर पर नामों को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। कोर कमेटी के सदस्यों से संभावित दावेदारों के नाम मांगे गए हैं, जिससे संगठन के भीतर हलचल बढ़ गई है।सूत्रों के अनुसार अधिकांश नेताओं की पहली पसंद भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का अध्यक्ष पद है। कई नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों के नाम आगे बढ़ाए हैं और उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
21 जून तक मांगे गए नाम
जानकारी के मुताबिक जिन नेताओं ने अब तक अपने सुझाव नहीं भेजे हैं, उन्हें 21 जून तक नाम भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद संभागीय प्रभारी, जिला प्रभारी और नगर अध्यक्ष मिलकर अंतिम पैनल तैयार करेंगे।यह पैनल बाद में प्रदेश संगठन को भेजा जाएगा, जहां से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कोर कमेटी की बैठक में हुई महत्वपूर्ण चर्चा
हाल ही में नगर भाजपा की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सभी सदस्यों से मोर्चा और प्रकोष्ठों में नियुक्तियों को लेकर नाम मांगे।अचानक नाम मांगने की इस प्रक्रिया से कई नेता असहज दिखाई दिए। उनका मानना था कि सार्वजनिक रूप से किसी एक दावेदार का नाम सामने रखने से अन्य समर्थकों में नाराजगी पैदा हो सकती है।कई नेताओं ने निजी तौर पर नाम देने की इच्छा जताई। बाद में सहमति बनी कि सभी सदस्य 21 जून तक अपने सुझाव सौंप देंगे।
BJP Youth Wing Appointment MP में सबसे ज्यादा रुचि युवा मोर्चा पदों में
संगठन सूत्रों का कहना है कि इस बार अधिकांश नेताओं की रुचि युवा मोर्चा में अधिक दिखाई दे रही है। लगभग हर वरिष्ठ नेता अपने समर्थक को भाजयुमो में जिम्मेदारी दिलाना चाहता है।यही कारण है कि अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। संगठन में युवा नेतृत्व को लेकर प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है।
महिला मोर्चा में नाम देने से बच रहे कुछ नेता
जहां युवा मोर्चा के लिए नेताओं की सक्रियता दिखाई दे रही है, वहीं महिला मोर्चा के लिए कुछ नेता नाम देने से बचते नजर आए।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कई नेता अनावश्यक विवादों से बचना चाहते हैं। यही कारण है कि महिला मोर्चा के लिए सुझाव देने में अपेक्षाकृत कम उत्साह दिखाई दिया।
पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग के नामों पर भी चर्चा
इस बार संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग से भी कई मजबूत नाम सामने आए हैं।भाजपा नेतृत्व सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखकर नियुक्तियां करने की तैयारी में है। इसलिए विभिन्न वर्गों के दावेदारों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
भोपाल भेजा जाएगा अंतिम पैनल
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी नामों की सूची तैयार होने के बाद संभागीय प्रभारी रणवीर सिंह रावत, जिला प्रभारी राजेश सिंह सोलंकी और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा संयुक्त रूप से मंथन करेंगे।इसके बाद चयनित नामों का पैनल तैयार कर भोपाल भेजा जाएगा, जहां प्रदेश संगठन अंतिम निर्णय लेगा।
भाजयुमो अध्यक्ष पद के लिए एक दर्जन से अधिक दावेदार
भाजयुमो नगर अध्यक्ष बनने के इच्छुक नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोर कमेटी के लगभग हर सदस्य ने दो या उससे अधिक नाम सुझाए हैं।हालांकि अधिकांश नेताओं ने एक नाम को प्राथमिकता दी है जबकि अन्य नाम संतुलन बनाए रखने के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पहले जहां एक दर्जन दावेदार मैदान में थे, अब यह संख्या और बढ़ती जा रही है। ऐसे में अंतिम चयन के समय संगठन को कई राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखना होगा।
आगे क्या होगा?
21 जून के बाद नामों की समीक्षा प्रक्रिया शुरू होगी। संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक संतुलन, सक्रियता और राजनीतिक स्वीकार्यता जैसे कई पहलुओं के आधार पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया जाएगा।भाजपा संगठन की कोशिश है कि युवा मोर्चा और अन्य प्रकोष्ठों में ऐसे चेहरों को जिम्मेदारी मिले जो आगामी चुनावी रणनीति में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
