Sagar में सांदीपनि स्कूल की क्लर्क रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई से मचा हड़कंप
Sagar जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सांदीपनि स्कूल में पदस्थ क्लर्क गंधाली कदम को लोकायुक्त पुलिस ने 2500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब क्लर्क ने एक शिक्षक से एरियर राशि जारी करने के बदले अवैध रूप से पैसे की मांग की थी।
एरियर निकालने के बदले मांगी गई रिश्वत
मामले की शिकायत करने वाले शिक्षक गेंदालाल अहिरवार ने बताया कि उन्हें लगभग 60 हजार रुपये का एरियर मिलना था। इसके लिए उन्होंने स्कूल कार्यालय में पदस्थ क्लर्क गंधाली कदम से संपर्क किया था। शिक्षक का आरोप है कि काम आगे बढ़ाने और एरियर की फाइल प्रोसेस करने के बदले क्लर्क ने 3000 रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटकर 2500 रुपये में तय हुई। इसके बाद शिक्षक ने इस पूरे मामले की जानकारी लोकायुक्त पुलिस को दी और शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त टीम ने बनाई योजना
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। इसके बाद कार्रवाई के लिए तय समय और स्थान पर निगरानी शुरू कर दी गई।
लोकायुक्त अधिकारियों ने शिक्षक को केमिकल लगे नोट देकर क्लर्क के पास भेजा, ताकि रिश्वत लेने की पुष्टि हो सके।
रंगे हाथों पकड़ी गई क्लर्क गंधाली कदम
18 जून, गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने तय योजना के अनुसार स्कूल परिसर में कार्रवाई की। शिक्षक ने जैसे ही क्लर्क गंधाली कदम को 2500 रुपये दिए, उसी समय पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
जैसे ही पैसे की लेन-देन पूरी हुई, टीम ने तत्काल क्लर्क को हिरासत में ले लिया और नोट भी बरामद कर लिए।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस निरीक्षक रंजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि क्लर्क को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अब इस बात पर भी केंद्रित होगी कि क्या इस तरह की मांग पहले भी की गई थी या इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
शिक्षा विभाग में हड़कंप
इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल मच गई है। सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
Sagar की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और निगरानी कितनी जरूरी है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
