अवैध खनन एवं परिवहन पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, पांच वाहन जप्त
संवाददाता : मनीष कुमट
कलेक्टर के निर्देश पर चला विशेष जांच अभियान
Jhabua जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशों के पालन में खनिज विभाग ने 18 जून 2026 को व्यापक कार्रवाई करते हुए पांच वाहनों को जप्त किया। यह कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत की जांच के दौरान की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन और खनिज परिवहन की सूचना मिली थी।
खनिज अधिकारी श्री जुवानसिंह भिडे के नेतृत्व में गठित टीम ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त वाहनों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान मिट्टी, गिट्टी और मुरूम के अवैध उत्खनन तथा परिवहन से जुड़े मामलों का खुलासा हुआ। विभाग ने सभी मामलों में नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
ग्राम खवासा में मिट्टी के अवैध परिवहन पर कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग की टीम ने ग्राम खवासा, तहसील थांदला क्षेत्र में निरीक्षण किया। यहां एक ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी-45-एसी-1155 को बिना वैध अनुमति के मिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया। जांच में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर वाहन को तत्काल जप्त कर लिया गया।
वाहन चालक अशोक पिता रामचंद्र सिंगाड़ निवासी मखोड़िया खवासा तथा वाहन स्वामी शांतिलाल पिता पन्नालाल निवासी खवासा की उपस्थिति में पूरी कार्रवाई की गई। विभागीय अधिकारियों ने पंचनामा तैयार करने के बाद वाहन को पुलिस चौकी खवासा की अभिरक्षा में सौंप दिया।
अधिकारियों ने बताया कि खनिज संपदा के परिवहन के लिए वैध रॉयल्टी पर्ची और आवश्यक अनुमति पत्र होना अनिवार्य है। दस्तावेजों के अभाव में परिवहन को अवैध माना जाता है और संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है।
गिट्टी के अवैध परिवहन में एक और ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त
खनिज विभाग की टीम ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एक अन्य स्थान पर ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी-43-एसी-7357 को रोका। जांच के दौरान वाहन में खनिज गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था। वाहन चालक से वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन आवश्यक अनुमति और परिवहन संबंधी कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
इसके बाद विभाग ने वाहन को जप्त कर लिया। यह कार्रवाई वाहन चालक संतोष पिता ढोला निवासी रावटी, जिला रतलाम की उपस्थिति में संपन्न हुई। जप्त वाहन को पुलिस चौकी बामनिया की अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली गिट्टी, रेत, मुरूम और अन्य खनिजों का अवैध परिवहन लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। ऐसे मामलों में नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है।
कृषि उपज मंडी पेटलावद क्षेत्र में अवैध उत्खनन का खुलासा
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई पेटलावद क्षेत्र में सामने आई। कृषि उपज मंडी परिसर के आसपास खनिज मुरूम के अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की पुष्टि करने के लिए खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बिना किसी वैध अनुमति के मुरूम का उत्खनन किया जा रहा था। मौके पर एक जेसीबी मशीन और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली खनिज निकालने तथा परिवहन की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी क्रमांक एमपी-43-ज़ेडडी-5861 तथा दो बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त कर लिए।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध उत्खननकर्ता कचरू पिता शंकरलाल राठौर निवासी रायपुरिया रोड, पेटलावद की उपस्थिति में की गई। जप्त किए गए सभी वाहनों को थाना पेटलावद की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
अवैध उत्खनन से राजस्व को होता है नुकसान
खनिज विभाग के अनुसार अवैध खनन और परिवहन से शासन को राजस्व की बड़ी हानि होती है। खनिज संसाधन राज्य की महत्वपूर्ण संपदा हैं और इनके उत्खनन के लिए निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है। जब कोई व्यक्ति बिना अनुमति या बिना रॉयल्टी का भुगतान किए खनिज निकालता अथवा परिवहन करता है तो इससे न केवल सरकारी राजस्व प्रभावित होता है, बल्कि वैध खनन कारोबारियों के हितों को भी नुकसान पहुंचता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन से प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन होता है। इससे भूमि की संरचना प्रभावित होती है, पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न होता है तथा कई बार स्थानीय जल स्रोतों और कृषि भूमि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
पुलिस की अभिरक्षा में रखे गए जप्त वाहन
खनिज विभाग द्वारा जप्त किए गए सभी पांच वाहनों को संबंधित पुलिस चौकियों और थाने की अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है। खवासा क्षेत्र से जप्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस चौकी खवासा, बामनिया क्षेत्र से जप्त वाहन को पुलिस चौकी बामनिया तथा पेटलावद क्षेत्र से जप्त जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को थाना पेटलावद में जमा कराया गया है।
यह व्यवस्था इसलिए की जाती है ताकि जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके तथा आवश्यक होने पर उन्हें साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
नियम 2022 के तहत दर्ज होंगे प्रकरण
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जप्त किए गए सभी पांच वाहनों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। इन मामलों में अवैध उत्खनन एवं परिवहन की जांच पूरी होने के बाद संबंधित दस्तावेज तैयार कर प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय को भेजे जाएंगे।
न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों पर अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। नियमों के अनुसार अवैध खनन और परिवहन में प्रयुक्त वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में वाहन जब्ती की कार्रवाई भी लंबे समय तक जारी रह सकती है।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत की जांच के दौरान सामने आई। प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जनसहभागिता के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। यदि नागरिक किसी क्षेत्र में अवैध खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी प्रशासन को देते हैं तो संबंधित विभाग तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता है।
अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की गोपनीयता बनाए रखते हुए सत्यापन कराया जाता है और शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती है। इससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच कानून का भय भी बना रहता है।
जिलेभर में जारी रहेगा अभियान
खनिज विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि जिलेभर में लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न तहसीलों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, गश्त और जांच की जा रही है। विभाग की टीमें सड़क मार्गों पर भी निगरानी रख रही हैं ताकि खनिजों के अवैध परिवहन को रोका जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि जहां भी अवैध खनन या परिवहन की सूचना प्राप्त होगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। विभाग आधुनिक तकनीक और स्थानीय सूचना तंत्र की सहायता से ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन का सख्त संदेश
झाबुआ प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पांच वाहनों की जब्ती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अब खनिज संपदा की चोरी और अवैध दोहन के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगा।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशों के अनुरूप खनिज विभाग लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विभाग का कहना है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में अवैध खनन या परिवहन की गतिविधियां दिखाई दें तो तत्काल संबंधित विभाग या सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से इसकी सूचना दें। जनसहयोग और प्रशासनिक सतर्कता के माध्यम से ही प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा शासन के राजस्व की रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
निष्कर्ष
झाबुआ जिले में खनिज विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ग्राम खवासा, बामनिया और पेटलावद क्षेत्रों में की गई संयुक्त कार्रवाई के दौरान पांच वाहनों की जब्ती ने यह साबित किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। अब इन सभी मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से अर्थदंड और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में चल रहे सतत अभियान से यह उम्मीद की जा रही है कि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
