CM Mohan Yadav ने इंदौर स्कूल में प्रवेशोत्सव के दूसरे चरण में किया निरीक्षण, छात्राओं से किया संवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए अहम संदेश
प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के तहत स्कूल में दिखा उत्साह
मध्य प्रदेश की राजधानी और आर्थिक नगरी इंदौर में बुधवार को शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। मौका था राज्य सरकार के प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण का, जिसमें प्रदेश के CM Mohan Yadav स्वयं स्कूल पहुंचे।
जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला स्कूल परिसर में पहुंचा, विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ में उत्साह की लहर दौड़ गई। छात्राओं ने तालियों और स्वागत के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। पूरा परिसर एक तरह से उत्सव स्थल में बदल गया, जहां शिक्षा के साथ-साथ प्रेरणा और संवाद का वातावरण बन गया।
छात्राओं से सीधा संवाद, आत्मविश्वास की सराहना
CM Mohan Yadav ने स्कूल पहुंचकर सीधे कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्राओं से बातचीत शुरू की। उन्होंने बच्चों से सामान्य ज्ञान, विज्ञान और पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछे। छात्राओं ने भी बिना झिझक और पूरे आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए।
कई छात्राओं ने मुख्यमंत्री से भी सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता से जवाब दिया। यह संवाद पूरी तरह इंटरएक्टिव रहा, जिसमें छात्राओं की भागीदारी बेहद सक्रिय रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी आज किसी भी स्तर पर निजी स्कूलों के बच्चों से कम नहीं हैं।
उन्होंने छात्राओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहारिक जीवन से जोड़ना आवश्यक है।
आत्मीयता भरा पल: आशीर्वाद और प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे क्षण भी आए जब मुख्यमंत्री ने छात्राओं के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। छात्राओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं और शिक्षा उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत है।
विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण और शैक्षणिक मूल्यांकन
मुख्यमंत्री ने विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला का भी विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद उपकरणों, प्रयोगों और छात्रों की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने उन्हें विभिन्न विज्ञान प्रयोगों का प्रदर्शन भी दिखाया।
उन्होंने शिक्षकों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रयोगात्मक शिक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों की समझ और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में प्रयोग और व्यवहारिक ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षा सुधारों पर सरकार का दावा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है और स्कूलों में उपस्थिति लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर को लगभग शून्य तक लाने में सफलता मिली है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
प्रवेशोत्सव का उद्देश्य और सरकार की रणनीति
प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्कूलों से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों से कहा कि वे घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने का कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि हर बच्चा नियमित रूप से स्कूल आए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
शिक्षकों और प्रशासन की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही विद्यार्थियों का भविष्य आकार लेता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं।
उन्होंने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत किया जाए तथा डिजिटल शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाए।
छात्राओं में दिखा विशेष उत्साह
मुख्यमंत्री के आगमन से छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्राओं ने मुख्यमंत्री से अपने करियर और भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने विज्ञान, तकनीक और प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ने की इच्छा भी व्यक्त की।
शिक्षकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम का समापन और सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और आने वाले समय में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
