छत्तीसगढ़ में BJP नेता की हत्या और कार में आगजनी: कोरिया में रेत विवाद ने लिया हिंसक रूप,
कोरिया जिले में बड़ी वारदात से फैली सनसनी
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में रेत तस्करी को लेकर हुए विवाद ने भयावह रूप ले लिया। इस हिंसक घटना में BJP के स्थानीय नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह की कार में लगी आग में गंभीर रूप से झुलसने के बाद मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
रेत खनन विवाद बना हिंसा की वजह
जानकारी के अनुसार पूरा मामला रेत खनन के ठेके और अवैध खनन से जुड़ा हुआ है। सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में रेत घाट का ठेका एक परिवार से जुड़े लोगों के पास था, जिसके बाद अवैध खनन और वर्चस्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
इसी विवाद ने धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया, जो अंततः हिंसक टकराव में बदल गया।
देर रात हमला, कार को बनाया निशाना
बताया जा रहा है कि 16 जून की देर रात करीब 12 बजे यह घटना हुई। आरोप है कि हमलावरों ने पहले भरत सिंह के घर को घेरा और फिर वहां से निकल रही फॉर्च्यूनर कार को निशाना बनाया।
कार को रोकने के लिए सामने डंपर वाहन लगाया गया, जिससे वाहन आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। इस दौरान कार में भरत सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह और दो अन्य लोग मौजूद थे।
मौके पर मची अफरा-तफरी, कई लोग झुलसे
कार में आग लगने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें रायपुर रेफर किया गया है।
इलाज के दौरान नागेंद्र सिंह की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है।
मृतकों की पहचान और पारिवारिक संबंध
घटना में मृतकों की पहचान भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह और उनके भाई नागेंद्र सिंह के रूप में हुई है। नागेंद्र सिंह पेशे से शिक्षक बताए जा रहे हैं। दोनों एक ही परिवार से जुड़े हुए थे, जिससे घटना ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह परिवार क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक पहचान रखता था।
नामजद एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पीड़ित परिवार की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें उत्कर्ष, लवकुश और मयंक सहित कुछ अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश और रेत खनन विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है।
फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। वाहन के अवशेष, पेट्रोल के नमूने और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की जा रही है।
सरगुजा रेंज के आईजी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति की निगरानी की। प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति को रोका जा सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और नेताओं की मौजूदगी
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी घटना पर दुख जताया और सरगुजा आईजी से बातचीत कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद सोनहत और आसपास के क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन ने एहतियातन अतिरिक्त बल तैनात किया है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश और डर दोनों का माहौल है।
निष्कर्ष
कोरिया जिले की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि रेत खनन विवाद से उपजे गहरे सामाजिक और राजनीतिक तनाव को भी उजागर करती है। भाजपा नेता की हत्या और कार में आगजनी की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
