MP Police Sports Quota Bharti: एमपी पुलिस में फिर शुरू होगी खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, सीएम ने किया बड़ा ऐलान
MP के खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अब मध्यप्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती फिर से शुरू की जाएगी। इसके साथ ही गृह विभाग ने मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021 में संशोधन करते हुए गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब हर साल खिलाड़ियों को बिना लिखित परीक्षा और बिना पीईटी (Physical Efficiency Test) के सीधे सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा।
सीएम ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार ने नियमों में संशोधन कर खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि वे अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी तैयारी को भी जारी रख सकेंगे।
सीएम ने यह भी कहा कि संशोधित व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया अब हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को स्थायी अवसर मिलेंगे।
पुलिस विभाग में मिलेंगे सीधी भर्ती के पद
नई व्यवस्था के तहत मध्यप्रदेश पुलिस में खेल कोटे से कुल 60 पदों पर सीधी भर्ती का अवसर मिलेगा। इसमें 10 पद उप निरीक्षक (Sub Inspector) और 50 पद आरक्षक (Constable) के होंगे।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से प्रदेश के खिलाड़ियों का पलायन रुकेगा और वे अपने ही राज्य में सम्मानजनक नौकरी प्राप्त कर सकेंगे।
खिलाड़ियों को मिलेंगी बड़ी छूटें
संशोधित नियमों के अनुसार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कई प्रकार की छूट दी जाएगी। इसमें शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक मापदंड (जैसे ऊंचाई) और अन्य मानकों में विशेष छूट शामिल है।
इसके अलावा चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों को लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से भी पूरी तरह छूट दी जाएगी।
इन भर्तियों में खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह उनके खेल प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर किया जाएगा।
कौन होंगे पात्र खिलाड़ी?
नई भर्ती नीति के अनुसार अब केवल पदक विजेता ही नहीं, बल्कि ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी पात्र होंगे।
उप निरीक्षक पद के लिए पात्रता:
- ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ी
- स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी
आरक्षक पद के लिए पात्रता:
- राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ी
- मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी
- उप निरीक्षक पद की पात्रता रखने वाले खिलाड़ी स्वतः आरक्षक पद के लिए भी योग्य माने जाएंगे
चयन प्रक्रिया होगी पारदर्शी
गृह विभाग द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार पुलिस मुख्यालय हर साल आरक्षक और उप निरीक्षक पदों के लिए रिक्तियों का विज्ञापन जारी करेगा।
चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो चयन में ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे बड़े मंचों के प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा उम्र भी चयन का एक महत्वपूर्ण आधार होगी।
खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से मध्यप्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी। युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी और राज्य की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
इस नीति से खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के लिए अन्य राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभा यहीं बनी रहेगी।
हर साल होगी नियमित भर्ती
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब खेल कोटे की भर्ती हर साल नियमित रूप से की जाएगी। इससे खिलाड़ियों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें स्थायी अवसर मिलते रहेंगे।
निष्कर्ष
MP सरकार का यह फैसला राज्य के खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। बिना परीक्षा सीधे भर्ती की यह व्यवस्था खिलाड़ियों को सम्मान, स्थायित्व और प्रोत्साहन देने वाली साबित होगी। इससे न केवल खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा बल्कि प्रदेश की खेल पहचान भी और मजबूत बनेगी।
