Jhakanwada सीसी सड़क लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मधु कन्या नदी पुल से राजगढ़ मार्ग तक बनी सड़क पर खुले नाले, अधूरे सुरक्षा कार्य और दुर्घटनाओं के बढ़ते खतरे को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है।
Jhakanwada सीसी सड़क लापरवाही: खुले नाले और अधूरा निर्माण बन रहे हादसों की बड़ी वजह
Jhakanwada सीसी सड़क लापरवाही: करोड़ों की सड़क बनी लोगों के लिए परेशानी
झाबुआ प्रतिनिधि: मनीष कुमट
(9752354207)
झकनावदा क्षेत्र में झकनावदा सीसी सड़क लापरवाही का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। मधु कन्या नदी के पुल से राजगढ़ मार्ग तक करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सीसी सड़क आम नागरिकों के लिए सुविधा देने के बजाय दुर्घटनाओं का कारण बनती दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद सुरक्षा संबंधी कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे छोड़ दिए गए हैं। सड़क किनारे बने नालों पर ढक्कन नहीं लगाए गए हैं और कई स्थानों पर बड़े-बड़े खुले गड्ढे मौजूद हैं।
Jhakanwada सीसी सड़क लापरवाही से खुले नाले बने हादसों की वजह
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क के कई प्रमुख चौराहों पर नालों को बिना ढक्कन के छोड़ दिया गया है। इन खुले नालों के कारण वाहन चालकों, राहगीरों और दोपहिया सवारों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।विशेष रूप से रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। पर्याप्त चेतावनी संकेतक या सुरक्षा बैरिकेड्स नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्कूल के सामने खुला नाला, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
झकनावदा सीसी सड़क लापरवाही का सबसे चिंताजनक पहलू बालक प्राथमिक विद्यालय के सामने देखा जा सकता है।विद्यालय के सामने स्थित नाले का ढक्कन अब तक नहीं लगाया गया है। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र इसी मार्ग से विद्यालय आते-जाते हैं। बच्चे आसपास खेलते भी रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में यदि तेज बारिश के दौरान नाले में पानी का बहाव बढ़ता है और कोई बच्चा उसमें गिर जाता है, तो गंभीर जनहानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेना चाहिए।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा विभाग?
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है।
कई स्थानों पर अधूरा कार्य छोड़ दिया गया है। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा बैरिकेडिंग की गई है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो विभाग किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि का इंतजार कर रहा हो।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
झकनावदा सीसी सड़क लापरवाही को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई है, तो सुरक्षा संबंधी मूलभूत कार्यों को अधूरा क्यों छोड़ा गया?स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
कलेक्टर से हस्तक्षेप और जांच की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए।साथ ही उन्होंने मांग की है कि:
- सभी खुले नालों पर तुरंत ढक्कन लगाए जाएं।
- सड़क किनारे चेतावनी संकेतक लगाए जाएं।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बैरिकेडिंग की जाए।
- संबंधित विभाग और ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाए।
- निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
जनता का सवाल
“जब लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई है, तो सुरक्षा के मूलभूत कार्य अधूरे क्यों छोड़े गए? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?”
यह सवाल आज पूरे क्षेत्र की जनता प्रशासन और संबंधित विभाग से पूछ रही है।
प्रशासन के लिए चेतावनी संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना उतना ही आवश्यक है जितना निर्माण कार्य स्वयं। खुले नाले और अधूरी संरचनाएं भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
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