गिरनार अस्मिता आंदोलन को लेकर Indore जैन समाज ने ऐतिहासिक संकल्प लिया है। 18 जुलाई को 2500 तीर्थरक्षक गिरनार कूच करेंगे। मुनि पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पांचवीं टोंक की रक्षा का महा-शंखनाद हुआ।
गिरनार अस्मिता आंदोलन: Indore जैन समाज का ऐतिहासिक महा-शंखनाद, 2500 तीर्थरक्षक करेंगे गिरनार कूच
गिरनार अस्मिता आंदोलन को मिला Indore का समर्थन
गिरनार अस्मिता आंदोलन को लेकर Indore में सकल जैन समाज ने ऐतिहासिक एकजुटता का परिचय दिया है। भगवान नेमिनाथ की दीक्षा एवं केवलज्ञान भूमि माने जाने वाले गिरनार महातीर्थ की पांचवीं टोंक की रक्षा के लिए इंदौर से महा-शंखनाद किया गया।संगठन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर स्थित श्री दिगंबर जैन उदासीन आश्रम में गिरनार समर्पण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सकल जैन समाज, दिगंबर जैन सामाजिक संसद, विश्व जैन संगठन, राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं विभिन्न जैन संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
गिरनार अस्मिता आंदोलन के तहत 2500 तीर्थरक्षकों के कूच का संकल्प
बैठक को परम पूज्य मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने गिरनार की धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए संकल्प लिया।यात्रा संयोजक मयंक जैन ने घोषणा करते हुए बताया कि 18 जुलाई 2026 को Indore से हजारों श्रद्धालुओं का विशाल संघ गिरनार के लिए प्रस्थान करेगा। वहीं 20 जुलाई 2026 को गिरनार सिद्धक्षेत्र पहुंचकर 2500 तीर्थरक्षक पांचवीं टोंक की रक्षा के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।ध्वनिमत से पारित प्रस्ताव में समाज ने एक स्वर में कहा कि गिरनार की अस्मिता और जैन धरोहर की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
पांचवीं टोंक की रक्षा के लिए गूंजी हुंकार
बैठक का सबसे भावुक क्षण तब आया जब उपस्थित श्रद्धालुओं ने “मौन टूटा, विरासत बचाएंगे” का उद्घोष किया।वक्ताओं ने कहा कि भगवान नेमिनाथ के चरण चिह्नों और जैन प्रतीकों को बदलने का प्रयास जैन समाज की आस्था पर सीधा आघात है। समाज अब इस विषय पर एकजुट होकर संघर्ष करेगा।सभा में युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा गया कि वे धर्म और धरोहर रक्षा की इस मुहिम में अग्रिम पंक्ति में अपनी भूमिका निभाएं।
9 जुलाई को Indore में होगा भव्य स्वागत
विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन (दिल्ली) 9 जुलाई 2026 को इंदौर पहुंचेंगे। इस अवसर पर “श्री नेमि गिरनार धर्मयात्रा” के इंदौर आगमन पर नगर जैन समाज द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा।समाज के पदाधिकारियों के अनुसार यह स्वागत कार्यक्रम मालवा क्षेत्र में जैन समाज की एकजुटता और धार्मिक आस्था का अभूतपूर्व उदाहरण बनेगा।
जैन समाज के कर्णधार हुए एकजुट
बैठक की अध्यक्षता महेंद्र जैन भैयन ने की। इस अवसर पर सर्वमान्य अध्यक्ष आनंद गोधा, हर्ष जैन, टीके-कैलाश वेद, नकुल पाटोदी, डीके जैन, ओम पाटोदी, मनीष नायक, जेनेश झांझरी, राहुल जैन, संजय काका, सुदीप जैन, अनिल जैनको, महेंद्र पाहड़िया, संजय अहिंसा, सत्येन्द्र जैन एडवोकेट सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन मयंक जैन ने किया जबकि आभार प्रदर्शन राजेश जैन दद्दू ने माना।
निष्कर्ष
गिरनार अस्मिता आंदोलन अब केवल एक धार्मिक अभियान नहीं बल्कि जैन समाज की आस्था, विरासत और पहचान की रक्षा का जनआंदोलन बनता जा रहा है। इंदौर से 2500 तीर्थरक्षकों का गिरनार कूच इस आंदोलन को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा।


