यूनिवर्सिटी को ज्ञान का मंदिर कहा जाता है अगर वही यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री का सेंटर बन जाये तो केसा होगा। आपको ये जान कर हैरानी हो रही होगी लेकिन ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है, भोपाल की प्रसिद्ध बरकतउल्ला यूनिवर्स्टी BU से ,जिस पर गंभीर आरोप लगे है। दरअसल बात यह है की श्रीराम महाविद्यालय 2016 से BU से आफिलेटेड है , लेकिन ये कॉलेज केवल कागजो पर ही है। न इसकी कोई बिल्डिंग और न कोई शिक्षक फिर भी 2016 से यह छात्रों को फर्जी डिग्रियां बाट रहा हैं।
10 साल में कुलगुरु बदले पर नहीं हुआ फर्जीवाड़ा बंद:
इन 10 सालो में अभी तक 2 कुलगुरु और चार कुलसचिव बदले लेकिन कोई भी नहीं रोक पाया ये फर्जी डिग्रियों का सिलसिला। बताया जा रहा है की 2016 से अभी तक , हर साल 150 विद्यार्थियों को फर्जी डिग्रियां दी जाती रही है।
2026 के मार्च में आई एक रिपोर्ट ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कठोर कदम नहीं उठाये है। इस रिपोर्ट में पता चला की 30 और भी ऐसे फर्जी महाविद्याल थे जो बी एड की डिग्रियां दे रहे थे।
इस पुरे मामले में केवल युनिवेर्सिटी ही नहीं एनसीटीई पर भी कई सवाल उठे है। बता दे बीएड कॉलेजेस को मान्यता NTI ही देती ऐसे में ऐसे फर्जीवाड़े के बाद युनिवेर्सिटी के साथ NTI की विश्वसनीयता पर भी सवाल होना लाजमी है।
कुलपति का बयान :
इस मामले में BU के कुलपति समर बहादुर सिंह का कहना है कि श्रीराम महाविद्यालय की जांच रिपोर्ट मिल गई है और जांच जारी है। अभी तक बिना निरीक्षण किए विवि कालेजों को संबद्धता जारी करता था। इस साल से निरीक्षण शुरू कराया गया है। इसमें 30 अन्य महाविद्यालयों में भी कमियां पाई गई हैं।
