Silwani सिविल अस्पताल नियुक्ति विवाद को लेकर बेरोजगार युवा संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय युवाओं ने रोजगार में प्राथमिकता और पारदर्शिता की मांग उठाई।
Silwani सिविल अस्पताल नियुक्ति विवाद: उद्घाटन से पहले उठे नियुक्तियों पर सवाल
सिलवानी।
Silwani सिविल अस्पताल नियुक्ति विवाद अब उद्घाटन से पहले ही चर्चा का विषय बन गया है। नगर में 15 तारीख को होने जा रहे सिविल अस्पताल के उद्घाटन से पहले अस्पताल में हुई नियुक्तियों को लेकर बेरोजगार युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेरोजगार युवा संघ ने इस मामले में कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए अस्पताल में की गई नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि भर्ती किस आधार पर की गई और चयन प्रक्रिया में कितनी पारदर्शिता बरती गई।
बेरोजगार युवा संघ ने उठाई पारदर्शिता की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि अस्पताल में हुई नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए। संघ का आरोप है कि नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए।युवाओं का कहना है कि अस्पताल के संचालन से पहले उम्मीद थी कि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके चलते युवाओं में निराशा और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं।
स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग
Silwani सिविल अस्पताल नियुक्ति विवाद के केंद्र में स्थानीय रोजगार का मुद्दा भी है। युवाओं का कहना है कि सरकारी संस्थानों में होने वाली भर्तियों में स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।संघ ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की नियुक्ति प्रक्रिया में स्थानीय योग्य युवाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार मिल सके।
निजीकरण और ठेका व्यवस्था पर भी सवाल
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि अस्पताल से जुड़े कार्यों का निजीकरण और प्राइवेट ठेका व्यवस्था समाप्त की जाए।युवाओं का आरोप है कि कई सरकारी कार्य निजी कंपनियों को सौंप दिए जाते हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं। साथ ही ठेका व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे प्रश्न
नियुक्तियों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अभी तक शासन और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।इस मामले में प्रशासन की चुप्पी को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा है। कई लोगों का मानना है कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो विवाद और बढ़ सकता है।
युवाओं में बढ़ रहा असंतोष
Silwani क्षेत्र के कई युवा लंबे समय से रोजगार के अवसरों की प्रतीक्षा कर रहे थे। सिविल अस्पताल के संचालन को लेकर युवाओं को उम्मीद थी कि उन्हें रोजगार मिलेगा।लेकिन नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों ने युवाओं के बीच असंतोष का माहौल बना दिया है। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे खुलकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
क्या होगी नियुक्तियों की जांच?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन नियुक्तियों की जांच करवाता है या नहीं। यदि जांच होती है तो भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई तथ्य सामने आ सकते हैं।दूसरी ओर यदि जांच नहीं होती है तो यह विवाद और अधिक राजनीतिक तथा सामाजिक रूप ले सकता है।
निष्कर्ष
Silwani सिविल अस्पताल नियुक्ति विवाद अब उद्घाटन से पहले ही बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बेरोजगार युवा संघ द्वारा उठाए गए सवालों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और शासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट:
वैभव जैन मस्ताना, Silwani
