MP मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर सियासी घमासान, राहुल गांधी का बड़ा हमला – बोले ‘सीट चोरी हो रही है’
MP में राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग और रिटर्निंग अधिकारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तक इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
राहुल गांधी का तीखा हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से कांग्रेस के साथ अन्याय किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि पहले “वोट चोरी” और “सरकार चोरी” हुई और अब “सीट चोरी” का खेल शुरू हो गया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुकाबला शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया गया है। उनके अनुसार, भाजपा के लिए चुनाव जीतना अब नियमों के पालन से अधिक आसान धांधली का मामला बनता जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में ऐसे और मामले देखने को मिल सकते हैं।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने इस फैसले को पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण बताते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि एक ही चुनाव प्रक्रिया में दो उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया गया है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन ने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे और उनके खिलाफ कोई लंबित आपराधिक मामला भी नहीं था। इसके बावजूद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन में कई त्रुटियां होने के बावजूद उन्हें सुधार का अवसर दिया गया। कांग्रेस ने इसे स्पष्ट रूप से भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताया है।
चुनाव आयोग से जवाब न मिलने का आरोप
कांग्रेस का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग से मुलाकात कर स्पष्टिकरण मांगा था, लेकिन आयोग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। पार्टी का आरोप है कि आयोग ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और न ही पारदर्शी तरीके से स्थिति स्पष्ट की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि प्रक्रिया निष्पक्ष होती तो मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त नहीं किया जाता।
दिग्विजय सिंह की कड़ी प्रतिक्रिया
MP पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र पूरी तरह से अवैधानिक तरीके से रद्द किया गया है।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई एफआईआर या लंबित आपराधिक मामला नहीं है। इसके बावजूद नामांकन निरस्त किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
कांग्रेस का आरोप – लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रणाली में पक्षपात किया जा रहा है और विपक्षी उम्मीदवारों को निशाना बनाया जा रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि अगर इस तरह की कार्रवाई होती रही तो चुनावों की पारदर्शिता पर जनता का भरोसा कमजोर होगा।
राजनीतिक माहौल गर्माया
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई थी, लेकिन इस विवाद ने माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या?
कांग्रेस इस मामले को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ने की रणनीति बना रही है। पार्टी का कहना है कि यदि जरूरी हुआ तो वे न्यायालय का भी रुख करेंगे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहेंगे।
फिलहाल यह मामला MP की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है और आने वाले दिनों में इसके और भी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
