—Advertisement—

Ujjain : महाकालेश्वर मंदिर भस्म आरती दर्शन व्यवस्था में ठगी और वसूली के मामले, श्रद्धालु हो रहे शिकार

Author Picture
Published On: 11 June 2026
Ujjain

—Advertisement—

महाकालेश्वर मंदिर भस्म आरती दर्शन व्यवस्था में ठगी और वसूली के मामले, 

प्रस्तावना: आस्था का केंद्र बना उज्जैन का महाकाल मंदिर

मध्यप्रदेश के Ujjain स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती का महत्व अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक माना जाता है। हर दिन हजारों श्रद्धालु इस अलौकिक आरती के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।

भस्म आरती को भगवान महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन का सर्वोच्च माध्यम माना जाता है। मान्यता है कि इस आरती में शामिल होना और भगवान के साक्षात दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। यही कारण है कि इस आरती के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु उज्जैन आते हैं।

हालांकि, हाल के वर्षों में इस पवित्र व्यवस्था के इर्द-गिर्द ठगी और वसूली के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है।

भस्म आरती दर्शन की व्यवस्था और पास प्रणाली

महाकाल मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रतिदिन लगभग 1700 श्रद्धालुओं को भस्म आरती के दर्शन के लिए पास जारी किए जाते हैं। यह व्यवस्था सीमित क्षमता और सुरक्षा कारणों से लागू की गई है।

श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होता है। चयनित श्रद्धालुओं को निर्धारित समय पर मंदिर में प्रवेश दिया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियंत्रित मानी जाती है।

लेकिन समस्या तब उत्पन्न होती है जब श्रद्धालु इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं रखते और अनाधिकृत व्यक्तियों या दलालों के संपर्क में आ जाते हैं।

ठगी और वसूली का बढ़ता नेटवर्क

पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय कुछ दलाल और असामाजिक तत्व श्रद्धालुओं को भस्म आरती दर्शन का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलते हैं।

ये लोग श्रद्धालुओं को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे आसानी से पास दिला सकते हैं या VIP दर्शन करा सकते हैं। इसके बदले में वे हजारों रुपये तक की वसूली करते हैं।

कई मामलों में श्रद्धालुओं को नकद या ऑनलाइन माध्यम से पैसे देने के बाद भी उन्हें कोई वैध पास नहीं मिलता, और आरोपी फरार हो जाते हैं।

कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप

इन घटनाओं ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब कुछ मामलों में मंदिर कर्मचारियों की मिलीभगत के संकेत भी सामने आए।

सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारी दलालों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को गलत जानकारी देकर वसूली में शामिल पाए गए हैं। हालांकि, मंदिर प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है, लेकिन पूरी तरह इस समस्या पर नियंत्रण नहीं हो पाया है।

करीब दो वर्ष पहले ऐसे ही मामलों में मंदिर समिति के 9 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समस्या केवल बाहरी नहीं बल्कि आंतरिक स्तर पर भी मौजूद है।

हाल के ठगी के मामले: दिल्ली और मुंबई के श्रद्धालु बने शिकार

दिल्ली के छात्रों से वसूली

ताजा मामलों में दिल्ली के तीन छात्रों से 7500 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ये छात्र भस्म आरती के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे।

मंदिर प्रशासन द्वारा किए गए निरीक्षण में यह खुलासा हुआ कि कुछ युवकों ने इन छात्रों से प्रति व्यक्ति 2500 रुपये वसूले थे। आरोपियों ने उन्हें भस्म आरती में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया था।

जांच में हर्षित जैन और रजत शर्मा नाम के दो युवकों की भूमिका सामने आई, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

मुंबई के श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी

एक अन्य मामले में मुंबई के विरार वेस्ट निवासी श्रद्धालु धीरज चोरघे और उनके साथियों से भी ठगी की गई।

संतोष अकोड़िया नाम के व्यक्ति ने उनसे भस्म आरती दर्शन कराने के नाम पर पहले 3000 रुपये नकद और बाद में 1250 रुपये ऑनलाइन लिए।

इसके बाद जब श्रद्धालुओं ने संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी का मोबाइल बंद मिला। इस मामले में भी महाकाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

मंदिर प्रशासन की भूमिका और कार्रवाई

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन लगातार श्रद्धालुओं को जागरूक करने के प्रयास कर रहा है। मंदिर प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति या एजेंट अधिकृत नहीं है जो सीधे दर्शन पास उपलब्ध करा सके।

प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है और सीसीटीवी कैमरों की मदद से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

इसके अलावा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाता है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।

श्रद्धालुओं के लिए जारी चेतावनी

मंदिर समिति ने बार-बार यह चेतावनी जारी की है कि श्रद्धालु किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं।

श्रद्धालुओं से कहा गया है कि:

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट या निर्धारित काउंटर से ही पास प्राप्त करें
  • किसी भी व्यक्ति को पैसे देकर दर्शन की गारंटी न लें
  • संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना मंदिर प्रशासन को दें
  • सोशल मीडिया या दलालों के झांसे से बचें

व्यवस्था पर उठते सवाल

लगातार सामने आ रहे मामलों ने मंदिर की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आस्था के इस बड़े केंद्र पर हो रही ठगी यह दर्शाती है कि निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी नहीं होगी, तब तक ऐसे मामलों पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।

तकनीकी सुधार की आवश्यकता

विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि:

  • भस्म आरती पास पूरी तरह ऑनलाइन और OTP आधारित किया जाए
  • बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम लागू किया जाए
  • दलालों पर निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाई जाए
  • श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन और QR आधारित सत्यापन सिस्टम हो

इन उपायों से ठगी की घटनाओं में काफी कमी आ सकती है।

निष्कर्ष: आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन जरूरी

महाकालेश्वर मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का केंद्र है। ऐसे स्थान पर होने वाली किसी भी प्रकार की ठगी न केवल व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि आस्था को भी ठेस पहुंचाती है।

जरूरी है कि मंदिर प्रशासन, पुलिस और राज्य सरकार मिलकर ऐसी घटनाओं पर सख्त नियंत्रण करें और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

भस्म आरती की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने के लिए पारदर्शी व्यवस्था ही एकमात्र स्थायी समाधान है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp