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MPIDC ने माचल में 23 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर इंदौर को लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की तैयारी

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Published On: 11 June 2026
MPIDC Allocates 23.33 Hectares in Machal for

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इंदौर में 600 करोड़ की लॉजिस्टिक्स हब परियोजना: औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम

इंदौर

मध्यप्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे इंदौर शहर को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) ने ग्राम माचल में एक बड़ी लॉजिस्टिक्स परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत एक्सएसआईओ लॉजिस्टिक्स को 23.33 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जहां एक अत्याधुनिक एवं एकीकृत लॉजिस्टिक्स हब विकसित किया जाएगा।

यह परियोजना न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश के औद्योगिक और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स पार्क में 600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना में वैश्विक निवेश कंपनी काला पत्थर द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) किया जा रहा है।

यह निवेश इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से प्रदेश में विदेशी निवेश का नया रास्ता खुलेगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

4000 से अधिक रोजगार के अवसर

इस लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण और संचालन से राज्य में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अनुमान के अनुसार इस परियोजना से 4,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे।

इन रोजगार अवसरों में शामिल होंगे:

  • लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • वेयरहाउसिंग और स्टोरेज ऑपरेशंस
  • ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रिब्यूशन सेवाएं
  • टेक्नोलॉजी और डिजिटल मैनेजमेंट
  • प्रशासनिक और सहायक सेवाएं

यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बनेगी।

इंदौर-अहमदाबाद हाईवे से सीधा संपर्क

प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स हब की सबसे बड़ी विशेषता इसका रणनीतिक स्थान है। यह सीधे इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा होगा, जिससे माल परिवहन की गति और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

इसके अलावा यह परियोजना इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी जुड़ी होगी, जिससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इससे विशेष रूप से लाभ मिलेगा:

  • पीथमपुर सेक्टर-7
  • मोहना औद्योगिक क्षेत्र
  • आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयां

लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मिलेगा नया विस्तार

यह नया लॉजिस्टिक्स पार्क इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में विकसित हो रहे व्यापक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा।

यह परियोजना पहले से मौजूद सुविधाओं के साथ मिलकर एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगी, जिसमें शामिल हैं:

  • ₹1100 करोड़ का मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP)
  • पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र
  • कानकोर द्वारा संचालित ICD टीही लॉजिस्टिक्स सुविधा

इन सभी परियोजनाओं के एक साथ जुड़ने से इंदौर क्षेत्र देश के सबसे मजबूत लॉजिस्टिक्स हब में शामिल हो सकता है।

लॉजिस्टिक्स लागत में कमी का लक्ष्य

इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और सप्लाई चेन को अधिक कुशल बनाना है।

बेहतर सड़क नेटवर्क, डिजिटल ट्रैकिंग और आधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधाओं के कारण:

  • माल ढुलाई की लागत कम होगी
  • डिलीवरी समय में कमी आएगी
  • उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ेगी
  • निर्यात क्षमता में सुधार होगा

आधुनिक तकनीक से लैस होगा हब

यह लॉजिस्टिक्स हब पूरी तरह से आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। इसमें कई डिजिटल और स्मार्ट सुविधाएं शामिल होंगी:

  • AI आधारित सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • GPS ट्रैकिंग सिस्टम
  • ऑटोमेटेड वेयरहाउसिंग
  • डिजिटल इन्वेंट्री मैनेजमेंट
  • स्मार्ट ट्रांसपोर्ट कंट्रोल सिस्टम

इन तकनीकों से संचालन अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।

निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

MPIDC के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति के अनुसार यह परियोजना इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों में स्थापित करने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से:

  • निवेश को बढ़ावा मिलेगा
  • औद्योगिक विकास तेज होगा
  • नए व्यवसायिक अवसर उत्पन्न होंगे
  • रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे

सरकार का पूर्ण सहयोग

राज्य सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता में रखते हुए कंपनी को सभी आवश्यक अनुमतियों और सहयोग का आश्वासन दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि यह परियोजना जल्द से जल्द जमीन पर उतारी जाए।

प्रशासनिक स्तर पर सभी प्रक्रियाओं को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।

इंदौर बनेगा लॉजिस्टिक्स हब का केंद्र

इस परियोजना और अन्य मौजूदा औद्योगिक विकास योजनाओं के साथ इंदौर तेजी से राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इंदौर:

  • पश्चिम भारत का प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब
  • औद्योगिक निवेश का केंद्र
  • सप्लाई चेन मैनेजमेंट का मजबूत नेटवर्क

के रूप में स्थापित हो सकता है।

निष्कर्ष

600 करोड़ रुपये से अधिक की यह लॉजिस्टिक्स परियोजना मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। आधुनिक तकनीक, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ यह परियोजना न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक संरचना को मजबूत करने की क्षमता रखती है।

यदि योजना समय पर और प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक राज्यों की सूची में एक मजबूत स्थान दिला सकती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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