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Indore BRICS कृषि सम्मेलन का दूसरा दिन: राजवाड़ा और ग्रामीण हाट में विदेशी प्रतिनिधियों ने देखी मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और कृषि विरासत

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Published On: 10 June 2026
Indore BRICS कृषि सम्मेलन का दूसरा दिन: राजवाड़ा और ग्रामीण हाट में विदेशी प्रतिनिधियों ने देखी मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और कृषि विरासत

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Indore BRICS कृषि सम्मेलन का दूसरा दिन: राजवाड़ा और ग्रामीण हाट में विदेशी प्रतिनिधियों ने देखी मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और कृषि विरासत

प्रस्तावना

Indore BRICS कृषि सम्मेलन का बुधवार को दूसरा दिन रहा। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 20 ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। आज का दिन सांस्कृतिक और कृषि अनुभवों से भरपूर रहा, जहां विदेशी डेलिगेट्स ने इंदौर की ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा और ग्रामीण हाट बाजार का भ्रमण किया।

इस दौरान प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, कृषि उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को करीब से समझा और उसकी सराहना की।

राजवाड़ा में हुआ भव्य स्वागत

दिन की शुरुआत विदेशी प्रतिनिधिमंडल के राजवाड़ा आगमन से हुई। यहां पहुंचने पर सभी डेलिगेट्स का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। ऐतिहासिक होलकरकालीन धरोहर राजवाड़ा में प्रतिनिधियों ने इंदौर के गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य कला को नजदीक से देखा।

इतिहासकार जफर अंसारी ने प्रतिनिधियों को इंदौर के इतिहास, होलकर शासनकाल, सांस्कृतिक विरासत और राजवाड़ा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विदेशी मेहमानों ने इस ऐतिहासिक भवन की भव्यता और संरचना की सराहना की।

ग्रामीण हाट में दिखाई दी मालवा की झलक

राजवाड़ा भ्रमण के बाद प्रतिनिधिमंडल ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार पहुंचा, जहां मध्यप्रदेश की ग्रामीण जीवनशैली, कृषि उत्पाद और हस्तशिल्प की झलक प्रस्तुत की गई।

यहां प्रतिनिधियों का स्वागत पारंपरिक मालवी पगड़ी पहनाकर किया गया, जो स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय कलाकारों ने लोक और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर विदेशी प्रतिनिधि भी उत्साहित हो गए और कई लोग स्वयं भी नृत्य में शामिल हुए।

कृषि, हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों में गहरी रुचि

ग्रामीण हाट में प्रतिनिधियों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। यहां उन्हें मध्यप्रदेश की विविध कृषि और हस्तशिल्प उत्पादों से परिचित कराया गया।

प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से इन उत्पादों में रुचि दिखाई:

  • बुरहानपुर के केले से बने उत्पाद
  • बालाघाट का जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल
  • रीवा के प्रसिद्ध आम
  • झाबुआ की पारंपरिक फसलें
  • प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पाद

विदेशी प्रतिनिधियों ने आमों का स्वाद भी लिया और उनकी गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध की खुलकर प्रशंसा की।

महिला समूहों और प्राकृतिक उत्पादों की सराहना

प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की भी सराहना की। इनमें शामिल थे:

  • चंदेरी, महेश्वरी और कोसा वस्त्र
  • प्राकृतिक शहद
  • A2 दूध उत्पाद
  • हर्बल और औषधीय सामग्री

प्रतिनिधियों ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण का मॉडल अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाया आकर्षण

ग्रामीण हाट में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। लोक और जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने विदेशी मेहमानों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।

चारपाई पर बैठने की पारंपरिक व्यवस्था ने भी प्रतिनिधियों को भारतीय ग्रामीण जीवन का अनुभव कराया, जिसे उन्होंने बेहद अनोखा और यादगार बताया।

पहले दिन भारत-रूस द्विपक्षीय बैठक

सम्मेलन के पहले दिन मंगलवार को भारत और रूस के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई थी। इसमें कृषि व्यापार को बढ़ाने, तकनीकी सहयोग मजबूत करने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

दोनों देशों ने जलवायु अनुकूल खेती, कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

Indore BRICS सम्मेलन में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा

9 से 13 जून तक चल रहे इस ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • खाद्य सुरक्षा और पोषण
  • कृषि व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • जलवायु अनुकूल खेती
  • कृषि में तकनीक और नवाचार
  • किसानों की आय बढ़ाने के उपाय
  • पशुपालन और मत्स्य पालन

निष्कर्ष

इंदौर में आयोजित यह ब्रिक्स कृषि सम्मेलन न केवल कृषि सहयोग को मजबूत कर रहा है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और ग्रामीण विरासत को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। राजवाड़ा की ऐतिहासिक भव्यता से लेकर ग्रामीण हाट की जीवंत संस्कृति तक, विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की विविधता और समृद्धि का गहरा अनुभव मिला।

आने वाले दिनों में इस सम्मेलन से कृषि, व्यापार और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों और नई संभावनाओं के खुलने की उम्मीद है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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