मुनिश्री सुधासागरजी महाराज Indore चातुर्मास को लेकर इंदौर की दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के नेतृत्व में 108 वाहनों से हजारों श्रद्धालु गुना पहुंचे और गुरुवर से इंदौर में चातुर्मास करने का निवेदन किया।
मुनिश्री सुधासागरजी महाराज Indore चातुर्मास: 108 वाहनों से गुना पहुंचे हजारों श्रद्धालु, गुरुवर इंदौर पधारो हम सबको तारो
मुनिश्री सुधासागरजी महाराज Indore चातुर्मास का निवेदन
गुना। मुनिश्री सुधासागरजी महाराज इंदौर चातुर्मास की मांग को लेकर रविवार को इंदौर से हजारों गुरु भक्त गुना पहुंचे। श्रमण संस्कृति के महाश्रमण, तीर्थ उद्धारक एवं जगतपूज्य मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के समक्ष इंदौर की दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने इंदौर में चातुर्मास करने का भावपूर्ण निवेदन किया।”गुरुवर Indore पधारो, हम सबको तारो” के उद्घोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने श्रीफल समर्पित कर गुरुदेव से इंदौर में चातुर्मास करने का आग्रह किया।
108 वाहनों से गुना पहुंचा श्रद्धालुओं का विशाल कारवां
सांसद के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर से 108 वाहनों का विशाल काफिला गुना पहुंचा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए गुरुदेव के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया।यह पहली बार था जब इंदौर के विभिन्न मंदिरों और संगठनों से जुड़े समाजजन एकजुट होकर सामूहिक रूप से चातुर्मास का निवेदन करने पहुंचे।
आनंद नवीन गोधा ने समाज की ओर से किया निवेदन
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद इंदौर के सर्वमान्य अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा ने मुनिश्री के समक्ष भावपूर्ण निवेदन करते हुए कहा कि—”गुरुदेव, हम किसी एक मंदिर, संस्था या कॉलोनी के बैनर तले नहीं आए हैं। हम इंदौर के 140 मंदिरों से जुड़े संपूर्ण दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधि सामाजिक संसद के बैनर पर आपके समक्ष श्रीफल समर्पित कर विनम्र निवेदन करने आए हैं।”उन्होंने कहा कि इंदौर का समूचा समाज गुरुदेव के सान्निध्य का लाभ लेना चाहता है और उनके चातुर्मास से समाज में नई ऊर्जा और दिशा का संचार होगा।
सामाजिक संसद की समाजहितकारी योजनाएं
आनंद नवीन गोधा ने बताया कि सामाजिक संसद गुरुदेव के आशीर्वाद से समाजहित में कई नई योजनाओं को मूर्त रूप देना चाहती है।इन योजनाओं में प्रमुख रूप से—
शिक्षा क्षेत्र
- रियायती दरों पर शिक्षा व्यवस्था
- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सहयोग
चिकित्सा क्षेत्र
- सुलभ और किफायती चिकित्सा सुविधाएं
- जरूरतमंद परिवारों को सहायता
छात्रावास व्यवस्था
- विद्यार्थियों के लिए आधुनिक छात्रावास
- सुरक्षित और संस्कारयुक्त वातावरण
भोजन एवं यात्री निवास
- समाज के यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था
- कम लागत पर भोजन और आवास की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि गुरुदेव का चातुर्मास इन योजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने भी रखी अपनी भावनाएं
मुनिश्री सुधासागरजी महाराज Indore चातुर्मास के निवेदन के दौरान समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे।इनमें प्रमुख रूप से—
- एम.के. जैन (शिरोमणि संरक्षक)
- नवीन गोधा (कार्य अध्यक्ष)
- हर्ष जैन (महामंत्री)
- शेखर छाबड़ा (दि जैन खंडेलवाल महासभा अध्यक्ष)
- राजेश जैन दद्दू (धर्म समाज प्रचारक एवं मीडिया प्रभारी)
- विजय पटौदी
- प्रितपाल टोंगिया
- संजय मेग्नस
- राहुल स्पोर्ट्स
- आकाश जैन
- संजय काका
- मयंक जैन
- प्रिंसिपल टोंगिया
- स्वदेश जैन
- मधुर जैन
- साधना दगडे
सभी ने गुरुदेव के समक्ष अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए इंदौर नगर में चातुर्मास करने का निवेदन किया।
मुनिश्री सुधासागरजी महाराज का प्रेरणादायी आशीर्वचन
श्रद्धालुओं की भावनाओं को सुनने के बाद जगतपूज्य मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने सभी गुरु भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया।उन्होंने कहा—“चातुर्मास के लिए Indore वालों का हक तो बनता है क्योंकि अभी तक आप लोगों को मिला नहीं। मैं हमेशा यही सोचता था कि इतने वर्षों से इंदौर कहां था। पहली बार इंदौर एकजुट होकर आज यहां निवेदन करने आया है।”
गुरुदेव ने आगे कहा—“आप भावना भाएं, समय आने पर सबकी मनोकामना पूर्ण होगी।”मुनिश्री के इन शब्दों ने उपस्थित श्रद्धालुओं में नई आशा और उत्साह का संचार कर दिया।
Indore में चातुर्मास की बढ़ती संभावनाएं
मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के वक्तव्य के बाद समाजजनों में यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि भविष्य में इंदौर को चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है।धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से इंदौर देशभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। ऐसे में यदि मुनिश्री का चातुर्मास इंदौर में होता है तो इससे धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
निष्कर्ष
मुनिश्री सुधासागरजी महाराज Indore चातुर्मास को लेकर इंदौर की दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद द्वारा किया गया यह सामूहिक प्रयास समाज की एकजुटता का प्रतीक बन गया है। 108 वाहनों के साथ हजारों श्रद्धालुओं का गुना पहुंचना और एक स्वर में गुरुवर से चातुर्मास का निवेदन करना समाज की आस्था और समर्पण का अनुपम उदाहरण है।अब सभी की निगाहें गुरुदेव के आगामी निर्णय पर टिकी हैं।


