MP Weather Today: मानसून से पहले ही मेहरबान मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
MP में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले ही मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके कारण बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
रविवार को राजधानी भोपाल, सीहोर, खंडवा, जबलपुर, देवास समेत कई जिलों में मौसम ने करवट ली। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चलीं। अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली और वातावरण सुहावना हो गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसूनी सिस्टम सक्रिय है, जिसकी वजह से बारिश और आंधी की घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं।
सामान्य से 65 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
MP मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून माह के शुरुआती दिनों में ही मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 65 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। आमतौर पर इस अवधि में प्रदेश में औसतन 8.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज होती है, लेकिन इस बार कई क्षेत्रों में इससे कहीं अधिक वर्षा हुई है। कई जिलों में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
राजधानी भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में लगभग दो इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं नीमच जिले में ढाई इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। लगातार हो रही बारिश ने किसानों और आम नागरिकों दोनों को राहत दी है, हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
इन जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। जिन जिलों में मौसम का असर अधिक रहने की संभावना है उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाने की सलाह दी है। किसानों को भी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है।
15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश कर सकता है मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र तक पहुंच चुका है। इसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच दस्तक दे सकता है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून प्रदेश में 15 जून के आसपास प्रवेश करता है।
पिछले वर्ष मानसून ने एक दिन की देरी से 16 जून को मध्य प्रदेश में एंट्री की थी। इस बार भी मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मानसून के निर्धारित समय के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जल्द ही अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
प्री-मानसूनी गतिविधियां बनीं बारिश की वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में जो बारिश हो रही है, वह पूरी तरह से प्री-मानसूनी गतिविधियों का परिणाम है। जून की शुरुआत से ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल, तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला बना हुआ है। रविवार को भी देवास, सीहोर और आसपास के कई जिलों में मौसम अचानक बदला और बारिश दर्ज की गई।
प्री-मानसूनी सिस्टम के सक्रिय रहने से आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। इससे तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
एक इंच से अधिक बारिश वाले जिलों की संख्या बढ़ी
प्रदेश के कई जिलों में अब तक एक इंच या उससे अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। इनमें सतना, सीधी, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, हरदा, बुरहानपुर और नीमच प्रमुख हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 30 सितंबर तक होने वाली वर्षा को मानसूनी सीजन की कुल वर्षा में शामिल किया जाता है। हालांकि वर्तमान में जो बारिश हो रही है, उसे तकनीकी रूप से प्री-मानसून वर्षा माना जा रहा है। इसके बावजूद यह वर्षा कृषि और जल संसाधनों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है।
कुछ जिलों में लू का भी खतरा
जहां प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी है, वहीं मौसम विभाग ने उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में 9 और 10 जून को लू चलने की संभावना भी जताई है। इसका मतलब है कि प्रदेश में मौसम का मिला-जुला स्वरूप देखने को मिल सकता है।
एक ओर कुछ क्षेत्रों में बारिश से राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर कुछ जिलों में तेज गर्मी और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, MP में मानसून आने से पहले ही मौसम पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट ने लोगों को राहत दी है। अब सभी की नजरें मानसून की औपचारिक दस्तक पर टिकी हैं, जिसके 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में पहुंचने की संभावना है।
