अखिल भारतीय Jain श्वेताम्बर सोशल ग्रुप्स फेडरेशन का 32वाँ स्थापना दिवस :
इंदौर में आयोजित हुई भव्य “मानव सेवा सभा”
इंदौर, 6 जून। अखिल भारतीय Jain श्वेताम्बर सोशल ग्रुप्स फेडरेशन ने अपना 32वाँ स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया। इस अवसर पर जेएसएसजी प्राइम इंदौर द्वारा प्रीतमलाल दुआ सभागृह में भव्य “मानव सेवा सभा” का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से जुड़े पदाधिकारियों, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों, वरिष्ठ सदस्यों और बड़ी संख्या में दम्पत्ति सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम केवल स्थापना दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि संगठन की तीन दशक से अधिक लंबी यात्रा, उसके सेवा कार्यों और समाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का भी उत्सव था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके पश्चात स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में केक काटकर संगठन की 32 वर्षों की उपलब्धियों और निरंतर विकास की यात्रा का सामूहिक रूप से उत्सव मनाया गया। सभागृह में उपस्थित सदस्यों ने संगठन के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण को दोहराते हुए सेवा, मैत्री और संस्कारों के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
देशभर से पहुंचे पदाधिकारी और सदस्य
कार्यक्रम में फेडरेशन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश कोठारी, अध्यक्ष इलेक्ट नरेन्द्र भंडारी, निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जिनेश्वर जैन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश भटेवरा, पीयूष जैन, राजेन्द्र जैन सहित अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र संचेती ने किया।
उपस्थित अतिथियों ने संगठन की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसकी सेवा भावना, पारस्परिक मैत्री और समाज को जोड़ने की क्षमता है।
“मैत्री से संगठन” का सपना आज बना विशाल वटवृक्ष
संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार जैन ने अपने संबोधन में संगठन की स्थापना के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि 31 वर्ष पूर्व कुछ लोगों ने “मैत्री से संगठन” की भावना के साथ एक छोटा-सा प्रयास शुरू किया था। उस समय किसी ने कल्पना नहीं की थी कि यह प्रयास एक दिन राष्ट्रीय स्तर का विशाल संगठन बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज फेडरेशन देशभर में 140 से अधिक सोशल ग्रुप्स के माध्यम से हजारों परिवारों को जोड़ रहा है। यह केवल एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि परिवारों को जोड़ने वाला एक ऐसा मंच है, जहां सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दी जाती है।
वीरेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि संगठन की सफलता का आधार उसके कार्यकर्ताओं की निष्ठा और सदस्यों का विश्वास है। यही कारण है कि वर्षों बाद भी संगठन निरंतर विस्तार और प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
संस्थापक सदस्यों के योगदान को किया याद
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने अपने उद्बोधन में संगठन के संस्थापक सदस्यों, पूर्व पदाधिकारियों और दिवंगत कार्यकर्ताओं के योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए स्मरण किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता उसके वर्तमान नेतृत्व के साथ-साथ उन लोगों की मेहनत और त्याग पर भी आधारित होती है जिन्होंने उसकी नींव रखी होती है।
उन्होंने कहा कि फेडरेशन के कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपना समय, ऊर्जा और संसाधन संगठन को मजबूत बनाने में लगाए। उनके समर्पण और दूरदर्शिता का परिणाम है कि आज फेडरेशन देशभर में सम्मानजनक पहचान बना चुका है।

सेवा कार्यों ने दिलाई विशिष्ट पहचान
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश भटेवरा ने फेडरेशन की सेवा गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 31 वर्षों में संगठन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवदया, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में अनेक महत्वपूर्ण प्रकल्प संचालित किए हैं।
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा सहायता, गरीब परिवारों को चिकित्सा सहयोग, पशु-पक्षियों की सेवा के लिए जीवदया अभियान, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम जैसे अनेक कार्य नियमित रूप से किए जाते रहे हैं।
प्रकाश भटेवरा ने कहा कि सेवा कार्यों के कारण संगठन ने समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। आज फेडरेशन का नाम केवल सामाजिक मेल-मिलाप तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रतीक के रूप में भी स्थापित हो चुका है।
युवा शक्ति को जोड़ने पर दिया गया विशेष जोर
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष जैन ने अपने संबोधन में युवा पीढ़ी की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन का भविष्य उसकी युवा शक्ति पर निर्भर करता है। यदि युवाओं को सही दिशा, अवसर और नेतृत्व प्रदान किया जाए तो वे संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि फेडरेशन युवाओं के लिए केवल सामाजिक मंच नहीं है, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, करियर मार्गदर्शन और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का भी एक सशक्त माध्यम है।
पीयूष जैन ने युवाओं से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया और कहा कि आने वाले समय में युवाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।
सामूहिकता से बढ़े व्यापार और रोजगार के अवसर
निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जिनेश्वर जैन ने संगठन की सामूहिक शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फेडरेशन ने केवल सामाजिक और सेवा कार्यों तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा है, बल्कि सदस्यों के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि संगठन के माध्यम से सदस्यों के बीच व्यावसायिक संपर्क बढ़े हैं, जिससे व्यापार, रोजगार और नए उद्यमों के अवसर विकसित हुए हैं। आपसी विश्वास और सहयोग की भावना ने अनेक सदस्यों को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल सामाजिक गतिविधियों का संचालन करना नहीं, बल्कि सदस्यों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी है।
आगामी योजनाओं का प्रस्तुत किया गया खाका
राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश कोठारी और अध्यक्ष इलेक्ट नरेन्द्र भंडारी ने अपने संबोधन में आगामी कार्यकाल की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में सदस्य विस्तार, सेवा प्रकल्पों का विस्तार, युवा सहभागिता में वृद्धि और डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ना और सेवा गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इसके लिए विभिन्न राज्यों और शहरों में नए ग्रुप्स के गठन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी योजना बनाई गई है।
दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि संगठन आने वाले समय में और अधिक सशक्त होकर समाज सेवा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।

मानव सेवा एवं जीवदया के लिए दिया गया सहयोग
स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर केवल विचार-विमर्श ही नहीं हुआ, बल्कि सेवा कार्यों को भी मूर्त रूप दिया गया। आयोजक जेएसएसजी प्राइम इंदौर द्वारा मानव सेवा एवं जीवदया प्रकल्प के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं को सहायता प्रदान की गई।
इस दौरान उन्मुक्त आनंद आश्रम, गीता भवन, संजीवनी सेवा संगम तथा महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ को आर्थिक सहायता और आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। इन संस्थाओं द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों को देखते हुए संगठन ने सहयोग का हाथ बढ़ाया।
सदस्यों ने इसे स्थापना दिवस की सबसे सार्थक गतिविधियों में से एक बताया और कहा कि किसी भी उत्सव की वास्तविक सफलता तब होती है जब वह समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का माध्यम बने।
सेवा सप्ताह में एक करोड़ रुपये से अधिक के कार्य
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा सप्ताह के दौरान फेडरेशन से जुड़े देशभर के लगभग 140 सोशल ग्रुप्स ने विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य किए। इन सेवा गतिविधियों का कुल मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक रहा।
इन कार्यों में शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहयोग, खाद्य सामग्री वितरण, पर्यावरण संरक्षण अभियान, जीवदया प्रकल्प, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा सामाजिक कल्याण से जुड़ी अनेक गतिविधियां शामिल रहीं।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सेवा सप्ताह का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत बनाना है। देश के विभिन्न शहरों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने संगठन की व्यापक पहुंच और सक्रियता को प्रमाणित किया।
संगठन की बढ़ती सामाजिक भूमिका
वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि आज के समय में सामाजिक संगठनों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। समाज में बढ़ती चुनौतियों, पारिवारिक मूल्यों में बदलाव और सामाजिक समरसता की आवश्यकता को देखते हुए ऐसे संगठनों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
अखिल भारतीय जैन श्वेताम्बर सोशल ग्रुप्स फेडरेशन ने वर्षों से समाज को जोड़ने, सेवा कार्यों को प्रोत्साहित करने और संस्कारों को सशक्त बनाने का कार्य किया है। यही कारण है कि संगठन को समाज के विभिन्न वर्गों में सम्मान और विश्वास प्राप्त है।
उत्साह और आत्मीयता से भरा रहा आयोजन
पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, आत्मीयता और पारिवारिक वातावरण देखने को मिला। वरिष्ठ सदस्यों और नए सदस्यों के बीच संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान और संगठन की उपलब्धियों पर चर्चा कार्यक्रम की विशेषता रही।
स्थापना दिवस समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि संगठन की शक्ति केवल उसकी संख्या में नहीं, बल्कि उसके सदस्यों के बीच मौजूद विश्वास, मैत्री और सेवा भावना में निहित है। यही मूल्य संगठन को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं और भविष्य में भी उसकी प्रगति का आधार बने रहेंगे।
आभार प्रदर्शन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में सचिव लोकेन्द्र सकलेचा ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस का यह आयोजन संगठन की एकता, सेवा भावना और सामाजिक प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फेडरेशन आने वाले वर्षों में भी सेवा, संस्कार और संगठन के अपने मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज के लिए सकारात्मक योगदान देता रहेगा। इसी विश्वास और संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, लेकिन सेवा और सामाजिक उत्थान की यात्रा को और अधिक गति देने का संदेश सभी के साथ आगे बढ़ गया।
