Sarangpur में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन और स्थान
Sarangpur । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के धारणीधर गौ सेवा सदन, उड़नखेड़ी में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग डॉ. गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
त्रिमूर्ति पौधारोपण के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने विशेष रूप से नीम, पीपल और बरगद के पौधों का त्रिमूर्ति स्वरूप में रोपण किया। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि नीम, पीपल और बरगद केवल पेड़ नहीं बल्कि जीवनदायिनी ऊर्जा के स्रोत हैं। ये वृक्ष पर्यावरण को शुद्ध करने, ऑक्सीजन देने और जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उद्देश्य
मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल एक पौधारोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी भावनाओं, संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी माँ, पिता या परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य के नाम पर पौधा लगाता है, तो वह केवल एक पेड़ नहीं लगाता बल्कि एक भावनात्मक रिश्ता भी जोड़ता है, जो उसे उस पौधे की देखभाल के लिए प्रेरित करता है।

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
मंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर इसे जनआंदोलन के रूप में अपनाया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र को पूरी तरह हरित और समृद्ध बनाया जा सकता है।
एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
डॉ. गौतम टेटवाल ने जानकारी दी कि सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मिलकर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल संख्या का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।
गौ सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संबंध
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने धारणीधर गौ सेवा सदन में संचालित विभिन्न गतिविधियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने गौशाला में गौ माताओं को हरा चारा खिलाकर सेवा भाव प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि गौ सेवा और पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। दोनों ही प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।

जलवायु परिवर्तन पर चिंता
मंत्री डॉ. टेटवाल ने बढ़ते जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाएं गंभीर समस्या बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि सामूहिक जनभागीदारी से ही संभव है।
वृक्षों का जीवन में महत्व
उन्होंने कहा कि एक वृक्ष केवल पौधा नहीं होता, बल्कि वह जीवन का आधार होता है। वृक्ष हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, छाया, फल और पर्यावरण संतुलन प्रदान करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि वृक्षों की अंधाधुंध कटाई इसी तरह जारी रही, तो आने वाले समय में मानव जीवन संकट में पड़ सकता है।
समाज से सामूहिक जिम्मेदारी की अपील
कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि केवल वृक्ष लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। पौधों को सुरक्षित रखना और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करना हम सभी का कर्तव्य है।

उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भागीदारी
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष देव नारायण नागर, सरपंच नंदकिशोर भिलाला, सुदर्शन सोनी, अमित गोस्वामी, अरुण खत्री, जगदीश राजपूत, सुनील नागर सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले, एसडीएम रोहित बामोरे, जनपद सीईओ हेमेन्द्र गोविल, एसडीओ कृपाल पेरवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उत्साह और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी ने पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम – एक पौधा भविष्य के नाम” और “हरित सारंगपुर – समृद्ध सारंगपुर” जैसे संदेशों के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
निष्कर्ष
यह कार्यक्रम न केवल पौधारोपण तक सीमित रहा, बल्कि इसने समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश भी दिया। ऐसे प्रयास भविष्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और क्षेत्र को हरित एवं समृद्ध बनाने में सहायक होंगे।
