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LPG Rate Today, 5 June: जानिए आपके शहर में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ताज़ा रेट, क्यों बदलती हैं एलपीजी की कीमतें?

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Published On: 5 June 2026
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LPG Rate Today, 5 June: जानिए आपके शहर में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ताज़ा रेट, क्यों बदलती हैं एलपीजी की कीमतें?

भारत में एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) LPG करोड़ों परिवारों की दैनिक जरूरत का अहम हिस्सा है। रसोई गैस के बिना आज के समय में घरेलू जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। हर महीने की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियां (OMCs) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी करती हैं, जिन पर देशभर के उपभोक्ताओं की नजर रहती है। 5 जून को जारी ताज़ा कीमतों के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतें देश के विभिन्न शहरों में 910.50 रुपये से लेकर 1002.50 रुपये तक बनी हुई हैं।

वहीं दूसरी ओर, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में जून महीने में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला था और जून में भी इसके दाम में लगभग 42 रुपये तक की वृद्धि की गई है।

हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में मार्च के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे करोड़ों परिवारों को फिलहाल अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

देश में LPG की बढ़ती भूमिका

पिछले कुछ वर्षों में भारत में एलपीजी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर उज्ज्वला योजना के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एलपीजी की पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज करोड़ों परिवार खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस पर निर्भर हैं।

एलपीजी को पारंपरिक ईंधनों जैसे लकड़ी, कोयला और मिट्टी के तेल की तुलना में अधिक स्वच्छ और सुरक्षित माना जाता है। यही कारण है कि सरकार भी स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

5 जून को प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट

देश के विभिन्न महानगरों और प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग हैं। इसकी वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, परिवहन लागत और स्थानीय शुल्क हैं।

दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है। वहीं 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर का रेट 3071.50 रुपये है।

मुंबई

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 912.50 रुपये में उपलब्ध है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3024 रुपये है।

कोलकाता

कोलकाता में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का मूल्य 939 रुपये है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3202.50 रुपये निर्धारित की गई है।

चेन्नई

चेन्नई में उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर के लिए 928.50 रुपये चुकाने होंगे। कमर्शियल सिलेंडर का रेट 3237 रुपये है।

बेंगलुरु

बेंगलुरु में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 915.50 रुपये है जबकि कमर्शियल सिलेंडर 3152 रुपये में उपलब्ध है।

अमृतसर

अमृतसर में घरेलू सिलेंडर का मूल्य 954 रुपये है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3178 रुपये तय की गई है।

चंडीगढ़

चंडीगढ़ में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 922.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3092.50 रुपये में उपलब्ध है।

भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू सिलेंडर का रेट 918.50 रुपये है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3077 रुपये है।

भुवनेश्वर

भुवनेश्वर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 939 रुपये में उपलब्ध है जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3238.50 रुपये है।

घरेलू सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता से मिली राहत

मार्च के बाद से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे समय में जब खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर रहने से आम लोगों को राहत मिली है।

विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह एक सकारात्मक खबर है क्योंकि घरेलू बजट में एलपीजी सिलेंडर का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी

घरेलू सिलेंडर की तुलना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। जून महीने में 42 रुपये तक की वृद्धि के बाद होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और अन्य व्यावसायिक इकाइयों की लागत बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का असर खाने-पीने की वस्तुओं और रेस्टोरेंट सेवाओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर के नए रेट

एलपीजी का उपयोग केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है। कई लोग छोटे परिवार, यात्रा या अस्थायी उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर का उपयोग करते हैं।

फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) के तहत मिलने वाले 5 किलोग्राम के छोटू सिलेंडर की कीमत में हाल ही में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 821.50 रुपये हो गई है।

यह छोटा सिलेंडर विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जिन्हें सीमित मात्रा में गैस की आवश्यकता होती है।

आखिर कैसे तय होती हैं एलपीजी की कीमतें?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर हर महीने गैस सिलेंडर के रेट कैसे तय किए जाते हैं। वास्तव में इसके पीछे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारक काम करते हैं।

1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें

भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।

यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस महंगे होते हैं तो भारत को अधिक कीमत पर आयात करना पड़ता है, जिसका प्रभाव उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।

2. डॉलर-रुपया विनिमय दर

एलपीजी आयात के लिए भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है। यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है तो आयात लागत बढ़ जाती है।

इसके विपरीत यदि रुपया मजबूत होता है तो आयात सस्ता पड़ सकता है, जिससे कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

3. राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट

हर राज्य में एलपीजी पर लगाए जाने वाले वैट और अन्य कर अलग-अलग होते हैं। यही कारण है कि एक ही कंपनी का सिलेंडर अलग-अलग राज्यों में अलग कीमत पर मिलता है।

4. परिवहन और वितरण लागत

गैस सिलेंडर को रिफाइनरी से गोदामों और फिर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में परिवहन लागत लगती है। दूरी और लॉजिस्टिक खर्च बढ़ने पर कीमतों में अंतर दिखाई देता है।

5. सरकारी नीतियां

केंद्र सरकार की सब्सिडी नीति और तेल कंपनियों के मूल्य निर्धारण संबंधी निर्णय भी एलपीजी कीमतों को प्रभावित करते हैं।

एलपीजी सब्सिडी का क्या है वर्तमान हाल?

कुछ वर्ष पहले तक अधिकांश उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी मिलती थी। हालांकि समय के साथ सब्सिडी व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।

वर्तमान में पात्र लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जबकि अधिकांश उपभोक्ता बाजार मूल्य पर गैस सिलेंडर खरीदते हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को समय-समय पर विशेष राहत प्रदान की जाती है।

क्या आने वाले महीनों में बढ़ सकते हैं गैस के दाम?

एलपीजी की भविष्य की कीमतों का अनुमान कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ती हैं या डॉलर मजबूत होता है तो घरेलू बाजार में भी कीमतों पर दबाव बन सकता है।

हालांकि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो घरेलू सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

गैस सिलेंडर बुक कराने से पहले अपने शहर के ताज़ा रेट की जानकारी जरूर प्राप्त करें। तेल विपणन कंपनियां हर महीने कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। साथ ही उपभोक्ताओं को गैस की बचत और सुरक्षित उपयोग पर भी ध्यान देना चाहिए।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतें केवल घरेलू बजट ही नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार की स्थिति को भी दर्शाती हैं। इसलिए इनके रेट में होने वाले बदलाव पर नजर रखना हर उपभोक्ता के लिए महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

5 जून को जारी ताज़ा दरों के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे आम परिवारों को राहत मिली है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि जारी है, जिसका असर व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर, राज्य स्तरीय कर और परिवहन लागत जैसे कई कारक एलपीजी की कीमतों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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