—Advertisement—

ब्रह्माकुमारीज़ का “प्रकृति संरक्षण–जीवन संरक्षण” सेमिनार कल ज्ञानशिखर Indore में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित होगा

Author Picture
Published On: 4 June 2026
Indore

—Advertisement—

“प्रकृति संरक्षण–जीवन संरक्षण” विषय पर भव्य सेमिनार का आयोजन कल ज्ञानशिखर में

Indore में विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष आयोजन की तैयारी

Indore , 4 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 5 जून को प्रातः 8 बजे न्यू पलासिया स्थित ज्ञानशिखर में आयोजित होगा। सेमिनार का मुख्य विषय “प्रकृति संरक्षण–जीवन संरक्षण” रखा गया है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना और जीवन के लिए प्रकृति के महत्व को पुनः स्थापित करना है।

“प्रकृति परिवर्तन प्रोजेक्ट” के अंतर्गत आयोजन

यह सेमिनार ब्रह्माकुमारीज़ के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा चलाए जा रहे “प्रकृति परिवर्तन प्रोजेक्ट” का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने पर भी केंद्रित है।

संस्था का मानना है कि प्रकृति में हो रहे अनियंत्रित दोहन और जलवायु परिवर्तन की समस्याओं का समाधान केवल तकनीकी उपायों से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है।

देशभर से जुड़ रहे विशेषज्ञ और पर्यावरण कार्यकर्ता

इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से विशेषज्ञ और पर्यावरण से जुड़े प्रतिनिधि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से धमतरी (छत्तीसगढ़) से कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग की जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी सरिता बहन इंदौर पधार रही हैं।

उनका उद्देश्य इस सेमिनार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के लिए आध्यात्मिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक समाधान दोनों को साझा करना है। उनके विचारों से ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन को समझने में मदद मिलेगी।

Indore जोन की क्षेत्रीय निदेशिका का मार्गदर्शन

कार्यक्रम में इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। वे सेमिनार में प्रकृति संरक्षण के लिए आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।

उनका मानना है कि पर्यावरण संकट केवल बाहरी समस्या नहीं है, बल्कि यह मानव के व्यवहार और सोच से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए समाधान के लिए आंतरिक परिवर्तन भी आवश्यक है।

सरकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी

इस सेमिनार की विशेषता यह भी है कि इसमें प्रशासनिक और सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। इंदौर की मुख्य वन संरक्षक श्रीमती पद्म प्रिया कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सरकारी प्रयासों पर प्रकाश डालेंगी।

इसके अलावा नगर निगम के अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, सीईपीआरडी के अध्यक्ष अनिल भंडारी तथा कृषि विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होकर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

इन सभी विशेषज्ञों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, शहरी विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में हरित नीतियों पर चर्चा की जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण पर व्यापक संवाद का मंच

यह सेमिनार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहां पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की जाएगी।

इसमें यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि किस प्रकार मानव जीवन, कृषि व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। साथ ही यह भी विचार किया जाएगा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण से प्रकृति संरक्षण का संदेश

ब्रह्माकुमारी संस्था हमेशा से यह संदेश देती आई है कि प्रकृति का संरक्षण केवल भौतिक प्रयासों से नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धता से भी जुड़ा हुआ है।

संस्था का मानना है कि जब मानव मन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता होगी, तभी वह प्रकृति के साथ न्याय कर सकेगा। इसी विचारधारा को इस सेमिनार में प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

समाज के विभिन्न वर्गों से सहभागिता

इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से लोगों की भागीदारी भी अपेक्षित है। पर्यावरण कार्यकर्ता, शिक्षाविद, कृषि विशेषज्ञ, युवा वर्ग और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इस सेमिनार में शामिल होंगे।

इससे यह उम्मीद की जा रही है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान को गति मिलेगी।

पर्यावरण और मानव जीवन का गहरा संबंध

सेमिनार में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे पर निर्भर हैं। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो ही मानव जीवन सुरक्षित रह सकेगा।

जल, वायु, मिट्टी और वनस्पति जैसे प्राकृतिक संसाधनों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए इनका संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है।

कार्यक्रम का उद्देश्य और संदेश

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है, ताकि वे प्रकृति को केवल उपयोग की वस्तु न मानकर उसके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि बड़े बदलाव केवल बड़े प्रयासों से ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपने स्तर पर किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक कदमों से भी संभव हैं। यदि समाज का हर व्यक्ति अपनी दैनिक आदतों में थोड़ा सा भी सुधार करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा प्रभाव देखा जा सकता है।

वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, जल का सावधानीपूर्वक उपयोग करना, ऊर्जा की बचत करना और प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से बचना जैसे उपाय इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन प्रयासों से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

निष्कर्ष

“प्रकृति संरक्षण–जीवन संरक्षण” विषय पर आयोजित यह सेमिनार न केवल पर्यावरण जागरूकता का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज को यह भी संदेश देगा कि प्रकृति की रक्षा ही मानव अस्तित्व की रक्षा है।

ब्रह्माकुमारी संस्था का यह प्रयास पर्यावरण और आध्यात्मिकता को एक साथ जोड़कर एक संतुलित और स्थायी भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp