Nepal-भारत मैत्री यात्रा एवं अंतर्राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी के अंतर्गत काठमांडू में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, पत्रकार सम्मेलन और साहित्योत्सव का भव्य आयोजन हुआ। नेपाल जैन परिषद, अथाई मीडिया इंटरनेशनल और अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की इस ऐतिहासिक यात्रा में विद्वानों, पत्रकारों और साहित्यकारों ने भाग लिया।
Nepal-भारत मैत्री यात्रा एवं अंतर्राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी: नेपाल में इतिहास रचता भव्य आयोजन
काठमांडू।
Nepal-भारत मैत्री यात्रा एवं अंतर्राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी के अंतर्गत अथाई मीडिया इंटरनेशनल तथा अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की ओर से 24 मई से 2 जून 2026 तक आयोजित 10 दिवसीय नेपाल-भारत मैत्री यात्रा का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन हुआ। इस यात्रा के दौरान नेपाल जैन परिषद के तत्वावधान में काठमांडू स्थित कमल पोखरी के भगवान महावीर जैन निकेतन में अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी, पत्रकार सम्मेलन और साहित्योत्सव का सफल आयोजन किया गया।
Nepal-भारत मैत्री यात्रा एवं अंतर्राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी में जुटे देश-विदेश के विद्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता नेपाल जैन परिषद के अध्यक्ष श्री सुशील जैन ने की। मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य डॉ. लक्ष्मण पंथी, कार्यकारी निदेशक, संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नेपाल सरकार उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों में—
- श्री लोकमान्य गोलछा (अध्यक्ष, भगवान महावीर जैन निकेतन)
- श्री ज्योति कुमार बेगानी (पूर्व अध्यक्ष, नेपाल जैन परिषद)
- श्री दिनेश कुमार नौलख (अध्यक्ष, नेपाल श्वेतांबर तेरापंथ सभा)
- श्री फूल कुमार लालवानी (अध्यक्ष, नेपाल अणुव्रत समिति)
- ज्योतिषविद् पिनारका मिस्त्री (मुंबई)
विशेष रूप से उपस्थित रहे।स्थानीय समाजसेवियों में श्री सुभाष सेठी, श्री पंकज जैन और श्री सुमित जैन की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ अथाई मीडिया इंटरनेशनल के अध्यक्ष डॉ. जयेन्द्रकीर्ति स्वामी, संगठन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. अखिल बंसल, अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के अध्यक्ष श्री जगदीश प्रसाद जैन तथा कार्याध्यक्ष श्री अनिल जैन IPS सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।स्वागताध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सरावगी ने सभी अतिथियों का रुद्राक्ष माला एवं दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया।डॉ. अल्पना जैन ने मंचासीन अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया।
पुस्तकों और पत्रिकाओं का हुआ भव्य विमोचन
इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया गया।
विमोचित कृतियां
- आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति ‘मूकमाटी’ (नेपाली अनुवाद)
- आचार्य विशुद्ध सागर जी की कृति ‘वस्तुत्व महाकाव्य’
- डॉ. श्रीयांश कुमार जी की कृति ‘जोग सारो सहज योग ख्याति संस्कृत टीका’
- डॉ. अखिल बंसल संपादित पाक्षिक पत्र ‘समन्वय वाणी’ का नेपाल यात्रा विशेषांक
- श्री जगदीश प्रसाद जैन संपादित ‘जैसवाल जैन जागरण’ का नवीन अंक
इन सभी कृतियों का विमोचन मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया।
विश्व इतिहास में अनूठा आयोजन
आयोजकों के अनुसार यह संभवतः विश्व इतिहास का पहला अवसर रहा जब भारत के बाहर किसी अन्य देश में विद्वत् संगोष्ठी, पत्रकार सम्मेलन और साहित्योत्सव जैसे तीन बड़े कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए गए।नेपाल जैन परिषद के श्री सुमित जैन ने पूरे कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन किया।संगठन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. अखिल बंसल ने अथाई मीडिया इंटरनेशनल की गतिविधियों और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विद्वानों ने रखे सारगर्भित विचार
विद्वत् संगोष्ठी का संचालन डॉ. राजीव प्रचण्डिया, संपादक ‘जय कल्याण श्री’ ने किया।संगोष्ठी में उपस्थित विद्वानों एवं वक्ताओं ने अपने-अपने विषयों पर गहन और सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।डॉ. जयेन्द्रकीर्ति स्वामी जी ने ‘मूकमाटी’ और ‘वस्तुत्व महाकाव्य’ की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए सभी को अथाई मीडिया इंटरनेशनल से जुड़ने का आह्वान किया।समारोह के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और पशुपतिनाथ मंदिर का आकर्षक स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
साहित्योत्सव में बिखरे साहित्य के रंग
27 मई की रात्रि में स्वामी जयेन्द्रकीर्ति जी की अध्यक्षता तथा श्री पंकज जी और श्री सुमित जी के आतिथ्य में भव्य साहित्योत्सव आयोजित किया गया।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती स्वाति ‘सरू’ जैसलमेरिया, जोधपुर ने किया।साहित्योत्सव में देश-विदेश से आए साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं और उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
Nepal-भारत धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
यात्रा के दौरान प्रतिनिधियों ने तीन दिनों तक काठमांडू के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया।इसके बाद दो दिनों तक पोखरा के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन
- लुम्बिनी (भगवान बुद्ध जन्मस्थली)
- अयोध्या राम मंदिर
- हनुमानगढ़ी
- पांच जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमियां
- रत्नपुरी
- श्रावस्ती
- मिथिलापुरी
- सीतामढ़ी
- जनकपुरी
सभी श्रद्धालुओं ने इन पवित्र स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
नए पदाधिकारियों की घोषणा
यात्रा के समापन अवसर पर संगठन में नई जिम्मेदारियों की घोषणा भी की गई।
नियुक्तियां
- डॉ. लक्ष्मण पंथी – कार्याध्यक्ष
- सुमित जैन – विदेश प्रभारी
- सुशील सेठी – नेपाल समन्वयक
Nepal-भारत मैत्री यात्रा ने मजबूत किए सांस्कृतिक संबंध
अथाई मीडिया इंटरनेशनल द्वारा आयोजित यह 10 दिवसीय विदेश यात्रा भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक, साहित्यिक, आध्यात्मिक और पत्रकारिता संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला आयोजन साबित हुई।संगठन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. अखिल बंसल के नेतृत्व में यात्रा का सफल संयोजन किया गया।
