Gold Silver Rate Today 4 June: सोने में फिर आई गिरावट, चांदी में हल्की तेजी, जानें ताजा भाव
देशभर में Gold और Silver की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों का असर अब सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी बीच 4 जून को बाजार खुलते ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव में मामूली तेजी देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों की बदलती रणनीति और डॉलर की चाल का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। हालांकि खुदरा बाजार में सोने की कीमतें अभी भी अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे बनी हुई हैं, जिससे खरीदारों को कुछ राहत मिल रही है।
24 और 22 कैरेट Gold के ताजा भाव
आज 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,59,380 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव करीब 1,43,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। बीते कुछ दिनों की तुलना में सोने की कीमतों में नरमी देखी गई है, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों की नजर बाजार पर बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक घटनाओं के आधार पर सोने की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
प्रमुख शहरों में सोने की कीमत
देश के विभिन्न शहरों में सोने के दाम स्थानीय करों, परिवहन लागत और बाजार की मांग के आधार पर अलग-अलग बने हुए हैं।
| शहर | 24 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|
| नोएडा | ₹1,56,360 | ₹1,43,340 |
| मुंबई | ₹1,59,380 | ₹1,46,100 |
| कोलकाता | ₹1,59,380 | ₹1,46,100 |
| चेन्नई | ₹1,61,240 | ₹1,47,800 |
| बेंगलुरु | ₹1,59,380 | ₹1,46,100 |
| हैदराबाद | ₹1,59,380 | ₹1,46,100 |
| अहमदाबाद | ₹1,59,430 | ₹1,46,150 |
| लखनऊ | ₹1,59,530 | ₹1,46,230 |
| जयपुर | ₹1,59,530 | ₹1,46,230 |
क्यों गिर रही हैं सोने की कीमतें?
विश्लेषकों के मुताबिक सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पहले निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया था, लेकिन अब बाजार में अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुख बदलता नजर आ रहा है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भी निवेश पैटर्न पर पड़ रहा है। जब ऊर्जा लागत बढ़ती है तो निवेशक अन्य परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ा सकते हैं, जिससे सोने की मांग प्रभावित होती है। मांग में कमी आने पर कीमतों पर दबाव बनता है।
निवेशकों की रणनीति में बदलाव
पिछले कुछ महीनों में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गया था। ऐसे में कई निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है और कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी एक मजबूत निवेश विकल्प बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच सोना सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
चांदी में लौटी तेजी
जहां सोने में गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी के बाजार में हल्की मजबूती देखने को मिली। 4 जून को चांदी के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई। इससे पहले 3 जून को देश के कई सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में 3,000 से 4,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट देखी गई थी।
आज सुबह MCX पर जुलाई फ्यूचर्स में चांदी का भाव लगभग 2,64,060 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि निवेशकों की रुचि एक बार फिर चांदी की ओर बढ़ रही है।
औद्योगिक मांग से मिल रहा समर्थन
चांदी की कीमतों को औद्योगिक मांग का भी समर्थन मिल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों में तेजी जारी रहती है तो आने वाले समय में चांदी के भाव और मजबूत हो सकते हैं।
खरीदारी करने वालों के लिए क्या है सलाह?
ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा कीमतें अपेक्षाकृत राहत देने वाली मानी जा रही हैं। हालांकि बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में ताजा रेट जरूर जांचें, क्योंकि शहरों और राज्यों के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।
इसके अलावा सोना खरीदते समय हॉलमार्क की जांच करना भी बेहद जरूरी है। हॉलमार्क वाला सोना गुणवत्ता और शुद्धता की गारंटी देता है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ब्याज दरों और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ता है तो सोने की मांग फिर बढ़ सकती है, जबकि आर्थिक गतिविधियों में सुधार चांदी को समर्थन दे सकता है।
फिलहाल 4 जून को सोने में नरमी और चांदी में हल्की मजबूती का रुख देखने को मिला है। निवेशकों और खरीदारों की नजर अब वैश्विक बाजारों के अगले संकेतों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे।
