Jain समाज पर टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आतिम जमाई को नीलेश सुराणा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। साधु-संतों की सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय साधु-संत सुरक्षा आयोग बनाने की मांग भी उठाई।
Jain समाज पर टिप्पणी: आतिम जमाई को नीलेश सुराणा की खरी-खरी, साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाने की मांग
जावरा।
Jain समाज पर टिप्पणी को लेकर देशभर में चल रही चर्चा के बीच समाजसेवी एवं जैन राष्ट्रीय एकता संगठन मध्यप्रदेश इकाई के प्रदेश अध्यक्ष नीलेशकुमार सुराणा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आतिम जमाई को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गलती के बाद माफी मांगना कोई एहसान नहीं है तथा जैन समाज का नाम लेकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिशें बंद होनी चाहिए।
Jain समाज पर टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
हाल ही में एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर आयोजित बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आतिम जमाई द्वारा जैन समाज को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद देशभर के जैन संगठनों और समाजजनों में नाराजगी देखने को मिली।बयान सामने आने के बाद विभिन्न जैन संगठनों ने इसका विरोध किया और बिना शर्त माफी की मांग उठाई। बढ़ते विरोध के बाद आतिम जमाई ने माफी तो मांगी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि मुस्लिमों के बाद जैन समाज को सबसे अधिक परेशान किया जा रहा है।
Jain समाज पर टिप्पणी पर नीलेश सुराणा का कड़ा जवाब
समाजसेवी नीलेशकुमार सुराणा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि माफी मांगकर कोई एहसान नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि जैन समाज यह भलीभांति जानता है कि कौन उसका सम्मान करता है और कौन उसे निशाना बनाने का प्रयास करता है। जैन समाज को राजनीतिक बयानबाजी का माध्यम बनाने से बचना चाहिए।सुराणा ने कहा कि जैन धर्म, जैन दर्शन और प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के इतिहास और योगदान को समझे बिना किसी भी प्रकार की टिप्पणी करना अनुचित है।
पुणे विश्वविद्यालय को भी दी चेतावनी
नीलेशकुमार सुराणा ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में जैन साधु-संतों को आमंत्रित किया जाता है तो उन्हें पूरा सम्मान और गरिमा मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में साधु-संतों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी।
साधु-संतों के सम्मान और सुरक्षा पर चिंता
सुराणा ने कहा कि भविष्य में जैन समाज और उसके साधु-संतों को निशाना बनाने का प्रयास किया गया तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से उसका विरोध करेगा।उन्होंने रीवा में विहार के दौरान साध्वीजी की हुई हत्या पर भी गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि देशभर में विहाररत साधु-संतों, श्रावक-श्राविकाओं एवं सेवकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।उनका कहना है कि कई बार दुर्घटनाओं, हमलों और आपराधिक घटनाओं में धर्माचार्यों को निशाना बनाया जाता है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
राष्ट्रीय साधु-संत सुरक्षा आयोग बनाने की मांग
नीलेशकुमार सुराणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों से मांग करते हुए कहा कि साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।उन्होंने “राष्ट्रीय साधु-संत सुरक्षा आयोग” के गठन की मांग करते हुए कहा कि भारत संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है। ऐसे में देशभर में विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
नीलेश सुराणा की प्रमुख जिम्मेदारियां
नीलेशकुमार सुराणा वर्तमान में कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों में महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं—
- प्रदेश अध्यक्ष, जैन राष्ट्रीय एकता संगठन मध्यप्रदेश इकाई
- राष्ट्रीय महामंत्री, अंतरराष्ट्रीय सनातन महासंघ
- राष्ट्रीय मंत्री, जिसो
- स्टेट इंचार्ज, ऑल इंडिया ओल्ड टेंपल रिनोवेशन ट्रस्ट मध्यप्रदेश
- प्रदेश मंत्री, युवक महासंघ मध्यप्रदेश
- पर्यावरण एवं जल संरक्षण विभाग प्रभारी, भारत विकास परिषद जावरा
वे अपनी बेबाक कार्यशैली और समाजसेवा के लिए व्यापक पहचान रखते हैं।
