Mahu में नर्मदा फेस-3 पाइपलाइन फटी, सड़क बनी तालाब; घर-दुकानों में घुसा पानी, जलापूर्ति प्रभावित
सुबह 9:30 बजे फटी मुख्य पाइपलाइन
इंदौर जिले के Mahu क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गैरिसन ग्राउंड के पास नर्मदा फेस-3 परियोजना की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। यह घटना करीब सुबह 9:30 बजे की बताई जा रही है। पाइपलाइन फटते ही तेज दबाव के साथ पानी सड़क पर बहने लगा और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पाइपलाइन से निकलने वाला पानी इतनी तेज गति से बह रहा था कि सड़क पर लगभग आधा किलोमीटर तक जलभराव हो गया। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र एक अस्थायी तालाब में बदल गया।
सड़क बनी तालाब, यातायात प्रभावित
पाइपलाइन फटने के बाद सड़क पर पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहनों की आवाजाही रुक गई और कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि सड़क और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह पानी में डूब गया। राहगीरों और वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ा।
घरों, दुकानों और बैंकों में घुसा पानी
पाइपलाइन फटने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई जब पानी आसपास के घरों, दुकानों और बैंक परिसरों में घुसने लगा। दुकानदारों को तुरंत अपने प्रतिष्ठानों से सामान सुरक्षित करने में जुटना पड़ा।
कई दुकानों में रखे सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, बैंक परिसरों में भी पानी घुसने से कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक व्यवस्था संभालनी पड़ी।
स्थानीय लोगों में नाराजगी और अफरा-तफरी
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने जल संसाधन विभाग और संबंधित एजेंसियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन की नियमित जांच और रखरखाव नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है।
कई लोगों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
80 पानी टंकियों की जलापूर्ति प्रभावित
नर्मदा फेस-3 पाइपलाइन के फटने का सबसे बड़ा असर जल आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, लगभग 80 पानी की टंकियों की सप्लाई इस पाइपलाइन से जुड़ी हुई थी, जो अब बाधित हो गई है।
इसके चलते महू और आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर काम कर रहा है ताकि नागरिकों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
मरम्मत कार्य शुरू, टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पाइपलाइन को बंद करने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पाइपलाइन की मरम्मत में कुछ समय लग सकता है, क्योंकि पानी का दबाव अभी भी अधिक है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही पूरी मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
साथ ही बिजली विभाग को भी एहतियात के तौर पर कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बंद करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
नर्मदा परियोजना की पाइपलाइनों को लेकर पहले भी कई बार रखरखाव और लीकेज से जुड़ी समस्याएं सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर निरीक्षण और मरम्मत की जाती, तो इस तरह की बड़ी घटना से बचा जा सकता था।
निष्कर्ष
Mahu में नर्मदा फेस-3 पाइपलाइन फटने की यह घटना न केवल जल आपूर्ति व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है, बल्कि शहरी ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव पर भी चिंता जताती है। फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य करने में जुटा हुआ है और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द राहत की उम्मीद की जा रही है।
