कुवैत एयरपोर्ट पर हमले में Ujjain निवासी की मौत, भारत लौटने की तैयारी के दौरान हुआ हादसा
Ujjain । मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शहर की राजरायल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद उर्फ शेरू भाई की कुवैत के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए कथित ड्रोन हमले में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे और कुछ ही घंटों बाद उनकी फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी। इस घटना की सूचना मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है।
30 वर्षों से कुवैत में कर रहे थे काम
परिजनों के अनुसार, 50 वर्षीय मंजूर अहमद पिछले लगभग 30 वर्षों से रोजगार के सिलसिले में कुवैत आते-जाते रहे थे। वहां वे टेलरिंग का काम करते थे और अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी और बच्चे उज्जैन की राजरायल कॉलोनी में रहते हैं। परिवार का कहना है कि मंजूर लंबे समय से विदेश में काम कर रहे थे और नियमित रूप से अपने घर आते-जाते रहते थे।
मंजूर को इलाके में लोग शेरू भाई के नाम से भी जानते थे। वे अपने सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण परिचितों के बीच काफी लोकप्रिय थे।
मंगलवार को परिवार से हुई थी आखिरी बातचीत
परिजनों ने बताया कि मंगलवार को मंजूर अहमद ने फोन पर अपने परिवार से बातचीत की थी। उन्होंने घर लौटने की खुशी जाहिर करते हुए जल्द मिलने की बात कही थी। परिवार के सदस्य भी उनके आगमन की तैयारी कर रहे थे और कई दिनों बाद उनसे मुलाकात का इंतजार कर रहे थे।
किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत परिवार के साथ उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी। अगले ही दिन सुबह आई दुखद सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
फ्लाइट पकड़ने पहुंचे थे एयरपोर्ट
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मंजूर अहमद की भारत आने वाली फ्लाइट निर्धारित थी। यात्रा कार्यक्रम के तहत उन्हें पहले दिल्ली पहुंचना था और वहां से उज्जैन आना था। इसी सिलसिले में वे सुबह एयरपोर्ट पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि उसी दौरान एयरपोर्ट क्षेत्र में ड्रोन हमला हुआ। हमले की चपेट में आने से मंजूर अहमद की मौत हो गई। घटना के बाद एयरपोर्ट क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का कहना है कि पहले उन्हें इस खबर पर विश्वास ही नहीं हुआ। बाद में कुवैत में मौजूद रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क करने पर घटना की पुष्टि हुई।
मंजूर अहमद अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। उनकी दोनों बेटियों का विवाह हो चुका है। परिवार के सदस्य इस घटना से गहरे सदमे में हैं और लगातार अपने प्रियजन के पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।
शव को भारत लाने के प्रयास जारी
कुवैत में रहने वाले रिश्तेदार और परिचित शव को भारत भेजने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। वे स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं ताकि आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द पूरा किया जा सके।
उधर Ujjain में मौजूद परिजन भी प्रशासनिक अधिकारियों और राज्य सरकार से सहायता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार की मदद से प्रक्रिया तेज हो सकती है और शव जल्द भारत लाया जा सकेगा।
शुक्रवार तक उज्जैन पहुंच सकता है पार्थिव शरीर
परिजनों के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर बातचीत जारी है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो शुक्रवार शाम तक मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर उज्जैन लाया जा सकता है।
परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों को लेकर भी चर्चा कर रहा है और अपने रिश्तेदारों को घटना की जानकारी दी जा रही है।
इलाके में शोक का माहौल
मंजूर अहमद की मौत की खबर फैलते ही राजरायल कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसी, मित्र और परिचित परिवार के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंजूर मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे। उन्होंने वर्षों तक विदेश में रहकर अपने परिवार के लिए संघर्ष किया और हमेशा अपने सामाजिक संबंधों को बनाए रखा।
खाड़ी क्षेत्र में बना हुआ है तनाव
उल्लेखनीय है कि हाल के समय में खाड़ी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। विभिन्न देशों के बीच चल रहे विवादों और सुरक्षा चुनौतियों के कारण समय-समय पर ऐसी घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं।
इसी बीच हुई इस घटना ने उज्जैन के एक परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। पूरे शहर के लोग दिवंगत मंजूर अहमद को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
अंतिम दर्शन का इंतजार
फिलहाल परिवार की निगाहें मंजूर अहमद के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने पर टिकी हैं। परिजन उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। वहीं क्षेत्र के लोग भी उनके अंतिम विदाई कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
एक परिवार, जो अपने सदस्य के घर लौटने की खुशी का इंतजार कर रहा था, अब उसी सदस्य को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है। यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गहरा सदमा बन गई है।
