Jaora की जर्जर सड़कें और खुले गड्ढों से बढ़ते हादसों के खतरे को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को ज्ञापन भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
Jaora की जर्जर सड़कें: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भेजा गया ज्ञापन, खुले गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा
रतलाम/जावरा। जावरा की जर्जर सड़कें और नगरभर में खुले पड़े गड्ढे आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। विशेष रूप से मानसून की शुरुआत के साथ दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ गई है। इसी जनहित के मुद्दे को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट रतलाम जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह जैतका द्वारा मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया गया है।
Jaora की जर्जर सड़कें बनीं चिंता का विषय
ज्ञापन में बताया गया है कि जावरा नगर के मुख्य मार्गों, बाजारों तथा विभिन्न गली-मोहल्लों की सड़कें लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। कई स्थानों पर विभिन्न विभागों द्वारा पेयजल, गैस पाइपलाइन एवं अन्य विकास कार्यों के लिए सड़कें खोदी गईं, लेकिन बाद में उन्हें व्यवस्थित रूप से नहीं भरा गया।इसके कारण नागरिकों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों एवं महिलाओं के लिए यह स्थिति विशेष रूप से जोखिमपूर्ण बन चुकी है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भेजा गया विस्तृत ज्ञापन
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह जैतका ने जनहित में मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया है कि मानसून के दौरान खुले गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
मानसून में बढ़ सकता है हादसों का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के मौसम में सड़क पर बने गड्ढे और अधूरे निर्माण कार्य गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।Jaora नगर में भी कई ऐसे स्थान हैं जहां सड़क खुदाई के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। ऐसे में यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
संगठन की प्रमुख मांगें
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने ज्ञापन के माध्यम से निम्न मांगें रखी हैं—
खुले गड्ढों का तत्काल भराव
नगर में मौजूद सभी खुले गड्ढों का गुणवत्तापूर्ण भराव कराया जाए।
सड़कों पर फैली निर्माण सामग्री हटाई जाए
निर्माण कार्यों के बाद छोड़ी गई सामग्री को तत्काल हटाया जाए ताकि यातायात बाधित न हो।
मानसून में अनावश्यक खुदाई पर रोक
बारिश के दौरान नई सड़क खुदाई संबंधी कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई जाए।
संयुक्त मॉनिटरिंग टीम का गठन
नगर पालिका एवं संबंधित विभागों की संयुक्त मॉनिटरिंग टीम बनाकर नियमित निरीक्षण किया जाए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने क्या कहा
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना प्रत्येक जागरूक नागरिक एवं सामाजिक संगठन का दायित्व है।उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा का विषय सीधे हजारों नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। संगठन को उम्मीद है कि शासन और प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करेगा।
पदाधिकारियों ने भी जताई चिंता
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के पदाधिकारियों—
- शिवम तिवारी
- कृष्णा यादव
- डॉ. प्रेम कुमार वैद्य
- रामवेश सिंह राजावत
- युवराज सिंह राठौर
- मनीष गुप्ता
- जीवनलाल जैन (चाय वाले)
ने संयुक्त रूप से कहा कि Jaora नगर सहित प्रदेश के सभी शहरों में वर्षा ऋतु के दौरान सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि खुले गड्ढे और अधूरे निर्माण कार्य आम नागरिकों के जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं तथा प्रशासन को शीघ्र आवश्यक कदम उठाकर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को समाप्त करना चाहिए।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने उम्मीद जताई है कि Jaora नगर में सड़क सुरक्षा को लेकर जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
