ममता खासगीवाला पीएचडी को जैन दर्शन आधारित ‘वस्तुत्व महाकाव्य’ पर शोध के लिए पीएचडी की उपाधि मिली। Indore की इस उपलब्धि से जैन साहित्य और दर्शन जगत में हर्ष की लहर है।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
ममता खासगीवाला पीएचडी: वस्तुत्व महाकाव्य में जैन दर्शन विषय पर Indore की विदुषी को मिली डॉक्टरेट उपाधि
ममता खासगीवाला पीएचडी से इंदौर गौरवान्वित
ममता खासगीवाला पीएचडी के रूप में Indore शहर को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। धर्म, समाजसेवा एवं गर्भ संस्कार की गतिविधियों में सक्रिय Indore की विदुषी ममता खासगीवाला को जैन दर्शन आधारित शोध विषय “जैन फिलॉसफी इन वस्तुत्व महाकाव्य” पर इंटरनेशनल झोराष्ट्रीयन कॉलेज, मुंबई द्वारा डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) की उपाधि प्रदान की गई।यह सम्मान मुंबई में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया। उनकी यह उपलब्धि जैन दर्शन, साहित्य एवं अध्यात्म के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
वस्तुत्व महाकाव्य को बताया जैन दर्शन का विश्वकोश
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा रचित वस्तुत्व महाकाव्य 12 खंडों और लगभग 1200 कविताओं का एक विशाल महाकाव्य है।इस महाकाव्य में जैन धर्म, दर्शन, अध्यात्म, न्याय, नीति, अहिंसा, शाकाहार, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य, अनेकांतवाद, स्याद्वाद एवं सापेक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों का काव्यात्मक एवं मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से निरूपण किया गया है।
शोध में अनेकांतवाद और स्याद्वाद का गहन विश्लेषण
ममता खासगीवाला पीएचडी शोध प्रबंध में भगवान महावीर के अनेकांतवाद, स्याद्वाद, सप्तभंगी नय, अहिंसा और अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों का गहन अध्ययन किया गया है।उन्होंने अपने शोध में वस्तुत्व महाकाव्य को जैन दर्शन का विश्वकोश बताते हुए कहा कि यह केवल एक काव्य रचना नहीं, बल्कि जैन दर्शन की अद्भुत प्रयोगशाला है, जहां दर्शन के सिद्धांतों को व्यवहारिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया गया है।
प्रख्यात विद्वानों का मिला मार्गदर्शन
यह शोध कार्य प्रख्यात गणितज्ञ एवं जैन विद्या विशेषज्ञ डॉ. अनुपम जैन Indore के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।साथ ही पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज की प्रेरणा, मुनि श्री सुब्रत सागर जी महाराज एवं श्रुतसंवेगी श्रमण मुनि आदित्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से यह शोध पूर्ण हुआ।शोध प्रबंध भारतीय दर्शन की उस महत्वपूर्ण धारा को सामने लाता है जो विश्व शांति, सहअस्तित्व और मानवीय मूल्यों की स्थापना में सहायक सिद्ध हो सकती है।
जैन साहित्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
वरिष्ठ समाजसेवी एवं पत्रकार डॉ. जैनेंद्र जैन ने कहा कि ममता खासगीवाला पीएचडी प्राप्त कर जैन दर्शन और साहित्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के हिन्दी पाठ्यक्रमों में वस्तुत्व महाकाव्य को सम्मिलित किया जाना चाहिए ताकि नई पीढ़ी भारतीय दर्शन एवं जैन साहित्य की महान परंपरा से परिचित हो सके।
समाजजनों ने दी शुभकामनाएं
Indore ममता खासगीवाला की इस उपलब्धि पर महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, अष्टापद बद्रीनाथ के अध्यक्ष आदित्य कासलीवाल, वरिष्ठ समाजसेवी हंसमुख गांधी, डॉ. जैनेंद्र जैन, आजाद जैन, टी.के. वेद, आनंद नवीन गोधा, धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू, विपिन गांधी, सोशल ग्रुप फेडरेशन की संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद Indore संभाग की अध्यक्ष मुक्ता जैन, साधना दगड़े, रेखा जैन सहित अनेक समाजजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

