Indore में किसानों का बड़ा विरोध प्रदर्शन: रिंग रोड और मनमाड़ रेल लाइन परियोजना पर अड़े 44 गांवों के लोग
Indore में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज
Indore में पूर्वी बायपास (रिंग रोड) और प्रस्तावित इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन परियोजना के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के विरोध में 44 गांवों के किसानों ने बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय स्थित गंजी कंपाउंड पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने साफ कहा है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे और जब तक परियोजना का रास्ता नहीं बदला जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों का कहना है कि यह जमीन उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और इसे अधिग्रहित करने से उनका भविष्य संकट में पड़ जाएगा।
गर्मी में प्रदर्शन, दो किसानों की तबीयत बिगड़ी
धरने के दौरान तेज गर्मी और उमस के कारण दो किसानों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक टीम ने उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।
प्रदर्शन में सिमरोल, तिल्लौर खुर्द, फरसपुर, खुड़ैल, खाती पिपलिया सहित कई गांवों के किसान अपने परिवारों के साथ शामिल हुए। कई किसान अपने साथ भोजन सामग्री जैसे आटा, दाल और अन्य जरूरी सामान भी लेकर पहुंचे, ताकि आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखा जा सके।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो वे मौके पर ही भोजन बनाकर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे।
महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी भागीदारी
इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। किसानों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का मुद्दा नहीं है, बल्कि उनके पूरे परिवार और भविष्य का सवाल है।
स्थानीय किसानों ने आरोप लगाया कि वे कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अपनी आपत्तियां दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से उन्होंने इस बार बड़ा और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है।
प्रशासन से बातचीत, लेकिन सहमति नहीं बनी
धरने के दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। हालांकि किसानों ने अपनी मांगों पर अड़े रहते हुए स्पष्ट कहा कि वे किसी भी स्थिति में अपनी जमीन नहीं देंगे।
प्रदर्शन के दौरान किसान घनश्याम पटेल की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में उनकी हालत में सुधार हो गया।
किसानों की मुख्य मांगें
किसानों की प्रमुख मांग है कि पूर्वी बायपास और इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन परियोजना को या तो पूरी तरह निरस्त किया जाए या फिर ऐसा वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाए जिससे उनकी उपजाऊ जमीन प्रभावित न हो।
किसानों का कहना है कि पहले भी उन्हें आश्वासन दिए गए थे, लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। इसलिए अब वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस और स्थायी समाधान चाहते हैं।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। आंदोलन को और व्यापक बनाने की भी तैयारी की जा रही है, जिसमें आसपास के और गांवों के किसानों के शामिल होने की संभावना है।
Indore में चल रहा यह विरोध प्रदर्शन अब धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है और प्रशासन के लिए इसे संभालना चुनौती बनता जा रहा है।
