Twisha Sharma Death Case: समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत,
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को भेजा जेल
भोपाल की एक्ट्रेस Twisha Sharma की मौत मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मंगलवार, 2 जून को दोनों को भोपाल की CJM कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
इस बार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दोनों आरोपियों की दोबारा रिमांड नहीं मांगी। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 16 जून तक जेल भेजने का फैसला सुनाया। सुरक्षा कारणों को देखते हुए दोनों आरोपियों को भोपाल सेंट्रल जेल में अन्य कैदियों से अलग रखा जाएगा।
AIIMS की सेकंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बढ़ी जांच की गंभीरता
इस पूरे मामले में जांच को और मजबूती तब मिली जब दिल्ली AIIMS की टीम ने ट्विशा शर्मा के शव की सेकंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट CBI को सौंप दी। यह रिपोर्ट जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे मौत के कारणों को लेकर कई नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
इससे पहले 1 जून को CBI ने घटना स्थल यानी गिरिबाला सिंह के बंगले पर क्राइम सीन रीक्रिएशन भी किया था। इस दौरान पूरी घटना को दोबारा उसी तरह दोहराया गया, ताकि हर पहलू को समझा जा सके और बयान में किसी भी तरह की विसंगति की जांच की जा सके।
क्राइम सीन रीक्रिएशन में कई अहम तथ्य सामने आए
CBI द्वारा किए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन में जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों से घटना की पूरी प्रक्रिया को दोबारा दोहराने के लिए कहा। इस दौरान 80 किलो की डमी का उपयोग कर ट्विशा के कद और वजन के अनुरूप परिस्थितियों को दोबारा बनाया गया।
रीक्रिएशन के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के बयान और घटनाक्रम में अंतर पाया गया। जांच अधिकारियों के अनुसार, कई बातें पहले दिए गए बयानों से मेल नहीं खा रही थीं, जिससे केस की जटिलता और बढ़ गई है।
कोर्ट में पेशी के दौरान तीखी बहस
कोर्ट में पेशी के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि घर के सीसीटीवी फुटेज कैसे बाहर आए। उन्होंने मीडिया ट्रायल पर भी नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह की कवरेज से उनके परिवार पर दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बेटे समर्थ सिंह की जान को खतरा है और मीडिया ट्रायल को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। कोर्ट में उनके बयान के दौरान कई बार माहौल गरम होता रहा।
समर्थ सिंह का आक्रामक रुख
कोर्ट सूत्रों के अनुसार, पेशी के दौरान समर्थ सिंह का व्यवहार आक्रामक बताया गया। उसने दावा किया कि उन्होंने किसी भी प्रकार से सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं की है।
समर्थ ने कहा कि उन्होंने न तो कोई सीसीटीवी वीडियो जारी किया है और न ही किसी तरह की गलत गतिविधि में शामिल हैं। हालांकि, CBI पहले से ही डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
वकीलों के बीच तीखी बहस
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि मामले में गंभीर मारपीट की गई है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले में कई महत्वपूर्ण सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। वहीं, बचाव पक्ष ने बेल का विरोध करने को गलत बताया और कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
जज के यहां शरण का मामला उठा
कोर्ट में उस समय स्थिति और गंभीर हो गई जब यह सवाल उठाया गया कि एक इनामी आरोपी को किसी जज के यहां कथित शरण कैसे मिली। ट्विशा के वकील ने इस मुद्दे पर जांच की मांग की और कहा कि यह गंभीर मामला है और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
इस मुद्दे के बाद कोर्ट में बहस और तेज हो गई, जिसके बाद जज ने कोर्ट रूम को खाली कराने का आदेश दिया ताकि सुनवाई शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके।
मीडिया ट्रायल पर विवाद
गिरिबाला सिंह और उनके पक्ष ने लगातार मीडिया ट्रायल पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि मीडिया इस केस को एकतरफा तरीके से दिखा रहा है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, दूसरी ओर पीड़ित पक्ष का कहना है कि मीडिया कवरेज ने मामले को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई है।
CBI की जांच में क्या आगे होगा
CBI ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपियों को पहले 5 दिन की रिमांड पर लिया गया था। एजेंसी ने कहा कि अभी जांच जारी है और यदि जरूरत पड़ी तो आगे भी रिमांड की मांग की जा सकती है।
जांच एजेंसी अब सेकंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट, क्राइम सीन रीक्रिएशन और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
केस की मौजूदा स्थिति
फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और 16 जून तक जेल में रहेंगे। CBI केस के हर पहलू की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और पूछताछ की संभावना है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद है या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश भी शामिल है।
निष्कर्ष
ट्विशा शर्मा मौत मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। AIIMS की सेकंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट, क्राइम सीन रीक्रिएशन और कोर्ट में हुई तीखी बहस ने केस को और जटिल बना दिया है।
फिलहाल जांच शुरुआती और महत्वपूर्ण चरण में है। आने वाले दिनों में CBI की जांच से इस हाई-प्रोफाइल केस में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
