MP में जुलाई से शुरू होगी ई-बस सेवा: इंदौर से होगी शुरुआत, 300 ई-बसें सड़कों पर उतरेंगी
MP सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के तहत राज्य में जुलाई 2026 से ई-बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत इंदौर संभाग से की जाएगी, जहां पहले चरण में इंटरसिटी ई-बस सेवाएं शुरू होंगी।
राज्य सरकार के अनुसार इस योजना के तहत कुल 300 ई-बसों का संचालन किया जाएगा, जिन्हें तीन प्रमुख श्रेणियों—सिटी बस, इंटरसिटी बस और इंटरस्टेट बस—में विभाजित किया गया है। धीरे-धीरे इन सेवाओं का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
इंदौर से होगी ई-बस सेवा की शुरुआत
योजना के पहले चरण में प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से ई-बस सेवाओं की शुरुआत की जाएगी। शुरुआत में इंदौर और आसपास के जिलों को जोड़ने वाली इंटरसिटी बसों का संचालन किया जाएगा। इसके बाद शहर के भीतर सिटी बस सेवाएं शुरू होंगी और अंत में उपनगरीय और अंतरराज्यीय मार्गों पर बसें चलाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत यह बसें नागरिकों को सुरक्षित, सस्ती और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
तीन श्रेणियों में होगा बसों का संचालन
सरकारी योजना के अनुसार ई-बसों का संचालन तीन प्रमुख कैटेगरी में किया जाएगा—
1. इंटरसिटी बस सेवा
सबसे पहले इंदौर से प्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाले इंटरसिटी मार्गों पर ई-बसें चलाई जाएंगी। यह सेवा उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होगी जो रोजाना या नियमित रूप से एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा करते हैं।
2. सिटी और उपनगरीय बस सेवा
इंदौर शहर के भीतर और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों में सिटी बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। ये बसें शहर के प्रमुख रूट्स के साथ-साथ अधिसूचित ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों तक भी जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
3. इंटरस्टेट बस सेवा
तीसरे चरण में अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इंदौर संभाग से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए ई-बसें संचालित की जाएंगी। यह सेवा अनुबंध के आधार पर चलाई जाएगी।
प्रदेश के सात क्षेत्रीय मुख्यालय होंगे संचालन केंद्र
परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मध्य प्रदेश को सात क्षेत्रीय मुख्यालयों में विभाजित किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर सिटी बस सेवाओं का संचालन किया जाएगा।
इन शहरों में बसों का संचालन इस तरह किया जाएगा कि वे केवल शहर तक सीमित न रहें, बल्कि उपनगरीय क्षेत्रों और आसपास के छोटे कस्बों तक भी लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान करें।
बैठक में बताया गया कि कुल 1164 रूट्स को चिन्हित किया गया है, जिन पर लगभग 5206 बसें संचालित करने की योजना है।
इंदौर संभाग में सबसे बड़ा नेटवर्क
इंदौर संभाग को इस योजना में सबसे बड़ा नेटवर्क दिया गया है। यहां कुल 121 रूट्स पर ई-बसों का संचालन प्रस्तावित है। इन रूट्स पर लगभग 608 बसें चलाई जाएंगी।
इसके अलावा इंदौर क्षेत्र में कुल 250 रूट्स पर सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट सेवाओं को मिलाकर 1688 बसों का संचालन प्रस्तावित है।
इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम की जिम्मेदारी अब ‘अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी’ को सौंपी गई है, जो पूरे संभाग में बस सेवाओं का संचालन करेगी।
राज्यभर में बस संचालन का विस्तृत खाका
सरकारी योजना के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए कुल 620 रूट्स चिन्हित किए गए हैं, जिन पर 2432 बसें चलाई जाएंगी। यह बसें जिला मुख्यालयों को एक-दूसरे से जोड़ेंगी और ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
इसके साथ ही इंटरसिटी और सिटी रूट्स पर अलग-अलग श्रेणियों में बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को एकीकृत और सुव्यवस्थित परिवहन प्रणाली मिल सके।
150 पदों की मंजूरी, नई संरचना तैयार
इस पूरी योजना के संचालन के लिए राज्य सरकार ने संगठनात्मक ढांचे को भी मंजूरी दी है। राज्य स्तरीय कंपनी और सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के लिए नई संरचना तैयार की गई है।
इन कंपनियों में उच्च प्रबंधन, वरिष्ठ प्रबंधन और कनिष्ठ प्रबंधन श्रेणियों में कुल 150 पदों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा भर्ती नियम-2026 को भी मंजूरी दी गई है, ताकि संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति समय पर की जा सके।
बैठक में हुआ बड़ा फैसला
भोपाल मंत्रालय में 1 जून 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को अंतिम रूप दिया गया। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना विकास निगम के संचालक मंडल की इस बैठक में ई-बस परियोजना को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार यह परियोजना न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
निष्कर्ष
MP में ई-बस सेवा की शुरुआत राज्य के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। इंदौर से शुरू होकर यह योजना धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में लागू होगी। 300 ई-बसों के साथ शुरू हो रही यह सेवा भविष्य में हजारों बसों के नेटवर्क में बदल सकती है।
सरकार का दावा है कि यह योजना आम जनता को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण हितैषी यात्रा सुविधा उपलब्ध कराएगी और राज्य को आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी।
