MP Weather Update: नौतपा में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश से मिली राहत; 45 जिलों में अलर्ट जारी
MP में नौतपा के दौरान मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट ले ली है। आमतौर पर इस अवधि में प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहता है, लेकिन इस बार लगातार हो रही बारिश, आंधी और कई इलाकों में ओलावृष्टि ने मौसम का पूरा स्वरूप बदल दिया है। पिछले आठ दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब बना रह सकता है। विभाग ने राज्य के 45 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
गर्मी पर बारिश का असर
मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में जहां प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। दिन और रात दोनों के तापमान में कमी आने से लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि नौतपा जैसी गर्म अवधि में भी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है।
धार और बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट
MP मौसम विभाग ने धार और बड़वानी जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, रतलाम, खरगोन, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, सीहोर, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, गुना, शिवपुरी और ग्वालियर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
जहां आम लोगों को बारिश के कारण गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश के कई हिस्सों में फसल कटाई और भंडारण का कार्य अभी भी जारी है। ऐसे में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में रखी उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि मौसम में अचानक आए इस बदलाव से गेहूं, चना और अन्य कृषि उत्पादों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कई क्षेत्रों में तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने केवल बारिश ही नहीं बल्कि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को लेकर भी चेतावनी जारी की है। कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों या खुले मैदानों में खड़े रहने से बचने की सलाह दी गई है।
नौतपा में बदला ट्रेंड
इस वर्ष नौतपा का मौसम पिछले वर्षों की तुलना में काफी अलग रहा। सामान्यतः नौतपा के दौरान प्रदेश में तेज गर्मी और लू का प्रभाव चरम पर रहता है, लेकिन इस बार अधिकांश दिनों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिला।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु पैटर्न और विभिन्न मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण इस प्रकार की परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं। यही वजह है कि नौतपा के दौरान भी लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है।
अगले कुछ दिनों तक बने रह सकते हैं ऐसे ही हालात
MP मौसम विभाग के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिक लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
लोगों को गर्मी से राहत
लगातार बारिश और बादलों के कारण प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है। जहां कुछ दिन पहले तक लोग भीषण गर्मी और लू से परेशान थे, वहीं अब तापमान में आई गिरावट से जनजीवन काफी हद तक सामान्य हो गया है।
हालांकि मौसम की यह राहत किसानों और कुछ अन्य वर्गों के लिए चिंता का विषय भी बन गई है। ऐसे में सभी की नजर अब आगामी दिनों के मौसम पर टिकी हुई है कि बारिश का यह दौर कब तक जारी रहता है।
