विश्व तंबाकू निषेध दिवस Indore के अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा विशाल जागरूकता रैली, चित्र प्रदर्शनी और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी, डॉ. माधव हसानी, डॉ. दिलीप आचार्य सहित कई विशेषज्ञों ने नशामुक्त भारत का संदेश दिया।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस Indore: नशामुक्त भारत के लिए हजारों लोगों को किया गया जागरूक
इंदौर, 31 मई। विश्व तंबाकू निषेध दिवस Indore के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल प्रभाग द्वारा ज्ञानशिखर ओमशांति भवन से आमजन को नशे के विरुद्ध जागरूक करने के लिए विशाल रैली निकाली गई। रैली का समापन पलासिया चौराहा स्थित “आई लव इंदौर” के पास हुआ, जहां व्यसन मुक्ति पर आधारित आकर्षक आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी लगाई गई।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस Indoreपर ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी का प्रेरक संदेश
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए Indore जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि मनुष्य अक्सर तनाव से मुक्ति पाने के लिए नशे का सहारा लेता है, लेकिन किसी भी प्रकार का नशा व्यक्ति के तन, मन, धन और संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।उन्होंने कहा कि जीवन की प्रत्येक श्वास अमूल्य है। इसे धुएं में उड़ाने के बजाय स्वयं को श्रेष्ठ, दिव्य और संस्कारवान बनाने में लगाना चाहिए। उन्होंने सभी से स्वयं, परिवार और समाज को श्रेष्ठ बनाने के लिए नशे से दूर रहने का संकल्प लेने का आह्वान किया।उन्होंने बताया कि परमात्मा से जुड़कर और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से इच्छाशक्ति को मजबूत बनाया जा सकता है, जिससे नशे जैसी बुराइयों पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से लोगों को नशे से मुक्त करने का प्रयास कर रही है। जन-जागरूकता इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है और स्वास्थ्य विभाग ऐसे प्रयासों में पूरा सहयोग प्रदान करेगा।
तंबाकू में मौजूद 700 से अधिक रसायन बनते हैं बीमारी का कारण
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कमेटी के अध्यक्ष डॉ. दिलीप आचार्य ने बताया कि तंबाकू में लगभग 700 प्रकार के हानिकारक रसायन पाए जाते हैं। एक बार इसकी लत लगने के बाद व्यक्ति के लिए इसे छोड़ना अत्यंत कठिन हो जाता है।उन्होंने कहा कि नशे से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है इसकी शुरुआत ही न करना।
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय
वी वन हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. ए. एल. शर्मा ने कहा कि छोटे-छोटे पाउच के रूप में उपलब्ध तंबाकू उत्पाद युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं।उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज कॉलेजों और हॉस्टलों में पढ़ने वाली युवतियां भी सिगरेट और शराब जैसी बुरी आदतों की ओर बढ़ रही हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को भी सजग रहना होगा।
राजयोग मेडिटेशन है प्रभावी समाधान
सामाजिक न्याय विभाग के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर रजत नागदा ने कहा कि तंबाकू अक्सर अन्य नशों की पहली सीढ़ी साबित होता है।उन्होंने कहा कि दवाइयों के साथ-साथ राजयोग मेडिटेशन भी नशे से मुक्ति पाने का प्रभावी माध्यम है, जो व्यक्ति के मनोबल को मजबूत बनाता है।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का बड़ा कारण है नशा
सुप्रसिद्ध कैंसर सर्जन डॉ. संजय देसाई ने कहा कि मुख, पेट, लिवर और आंतों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के पीछे प्रमुख कारण नशा है।उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अपने मनोबल को मजबूत बनाए और नशे से दूर रहे तो वह स्वयं को अनेक जानलेवा बीमारियों से बचा सकता है।
स्वच्छता और नशामुक्ति का है गहरा संबंध
नगर निगम के पूर्व अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा ने कहा कि तंबाकू और गुटखे का सेवन करने वाले लोग सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाकर शहर की स्वच्छता को भी प्रभावित करते हैं।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं को नशे से दूर रखकर स्वच्छ और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
बच्चों के नुक्कड़ नाटक ने किया जागरूक
कार्यक्रम में कालानी नगर के बच्चों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर नशे के दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराया। उनके संदेश ने उपस्थित नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया।
नशामुक्त भारत का लिया सामूहिक संकल्प
Indore कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा शिव ध्वज दिखाकर रैली को रवाना करने से हुई। इसके बाद संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की विभिन्न क्षेत्रों की वरिष्ठ बहनें, डॉ. शिल्पा देसाई, डॉ. गिरीश टावरी, डॉ. संगीता टावरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।अंत में ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों एवं अनेक गणमान्य नागरिकों ने मिलकर स्वयं, परिवार, समाज और राष्ट्र को नशामुक्त भारत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का संचालन मेडिकल विंग की जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा बहन ने किया। पूरे आयोजन के दौरान “नशा मुक्ति रथ” लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।

