जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा को लेकर राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी में विशेष निर्देश जारी किए हैं। विहार, स्वास्थ्य, चिकित्सा सहायता, पानी, भोजन एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा: भीषण गर्मी में राजस्थान प्रशासन का बड़ा फैसला, जारी हुए विशेष निर्देश
सवाई माधोपुर | राजेश जैन दद्दू
जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी के बीच महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आमजन के साथ-साथ विहाररत जैन साधु-साध्वियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना बनी हुई है।
इसी को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सवाई माधोपुर द्वारा जिले में विहार कर रहे समस्त जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का आदेश
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मीना मनोज कुमार द्वारा जैन समुदाय स्वयं सेवा संगठन/संस्था, सवाई माधोपुर को पत्र क्रमांक 2391-99 दिनांक 29 मई 2026 के माध्यम से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
यह आदेश अखिल राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के पत्र क्रमांक 1125/2025 दिनांक 19 मई 2026 के क्रम में जारी किया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य भीषण गर्मी के दौरान विहाररत जैन संतों एवं साध्वियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा हेतु जारी किए गए प्रमुख निर्देश
सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी के दौरान जैन साधु-साध्वियों के विहार के समय पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना से बचाव करना है।
2. पानी, भोजन और छाया की पर्याप्त व्यवस्था
जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा के अंतर्गत गर्मी से बचाव हेतु शुद्ध पेयजल, आवश्यक भोजन तथा विश्राम के लिए छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।विशेष रूप से दोपहर के समय बढ़ते तापमान को देखते हुए यह निर्देश अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3. विहार कार्यक्रम की पूर्व सूचना
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि साधु-साध्वियों के विहार कार्यक्रम की सूचना पूर्व में ही स्थानीय प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।इससे सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक संसाधनों की तैयारी समय पर की जा सकेगी।
4. चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना
यदि किसी साधु या साध्वी की तबीयत गर्मी अथवा अन्य कारणों से खराब होती है तो तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क रहने के लिए भी कहा है।
5. प्रातःकालीन विहार का विशेष आग्रह
जिला प्रशासन ने विशेष रूप से निवेदन किया है कि भीषण गर्मी को देखते हुए विहार का कार्यक्रम केवल प्रातःकालीन समय में ही आयोजित किया जाए।दोपहर के समय तापमान अत्यधिक बढ़ने के कारण यह निर्णय स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अखिल राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद की पहल
इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे अखिल राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद की सक्रिय भूमिका भी सामने आई है।परिषद द्वारा जैन साधु-साध्वियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर प्रशासन को पत्र भेजा गया था, जिसके आधार पर यह आदेश जारी किया गया।जैन समाज के विभिन्न संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया है।
मध्यप्रदेश में भी व्यवस्था लागू करने की मांग
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने राजस्थान सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना करते हुए मध्यप्रदेश सरकार से भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी बड़ी संख्या में जैन संत एवं साध्वियां विहार करते हैं। भीषण गर्मी के दौरान उनकी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए प्रशासनिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।यदि राजस्थान की तरह मध्यप्रदेश में भी समन्वित व्यवस्था बनाई जाती है तो जैन संतों को राहत मिलेगी और उनका विहार अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
जैन समाज ने जताया आभार
जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों का जैन समाज ने स्वागत किया है।समाज के विभिन्न संगठनों का मानना है कि यह निर्णय केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि संतों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का परिचायक है।साथ ही समाज ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है।
निष्कर्ष
जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा को लेकर राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देश वर्तमान समय में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। भीषण गर्मी के दौरान विहाररत संतों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। जैन समाज ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए इसे अन्य राज्यों में लागू करने की मांग की है।
