देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2026 के अवसर पर पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतान सिंह पाल ने देवी अहिल्याबाई को देश की शान और धर्म की रक्षक बताया। सागर एवं रायसेन जिले में भव्य आयोजन, समाजसेवियों का सम्मान और युवाओं को प्रेरणादायी संदेश।
देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2026: देश की शान और धर्म की रक्षक रहीं देवी अहिल्याबाई – शैतान सिंह पाल
देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2026 का भव्य आयोजन
देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2026 के अवसर पर संपूर्ण देश के साथ-साथ सागर एवं रायसेन जिले में भी जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, पाल महासभा के पदाधिकारी, समाजसेवी और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सिलवानी संवाददाता वैभव जैन मस्ताना द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्व वंदनीय देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उनके आदर्शों को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2026 पर शैतान सिंह पाल का प्रेरणादायी संदेश
पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतान सिंह पाल ने अपने संबोधन में कहा कि देवी अहिल्याबाई देश की शान थीं और हमेशा रहेंगी। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई हमेशा धर्म की रक्षा के लिए तत्पर रहती थीं। उनका इतिहास गौरवशाली रहा है और उन्होंने गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता कर समाज को प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश दिया।
शैतान सिंह पाल ने कहा कि आज भी देवी अहिल्याबाई होल्कर करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और हम सभी के लिए आदर्श का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं कि हम उनके वंशज हैं और उनका नाम आज भी दुनिया में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है।
धर्म, समाज और राष्ट्र सेवा की अमर मिसाल
देवी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन त्याग, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने अपने शासनकाल में अनेक मंदिरों, धर्मस्थलों और जनकल्याणकारी कार्यों को बढ़ावा दिया।
उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया और महिलाओं के सम्मान, धार्मिक संरक्षण तथा सामाजिक समरसता को मजबूत किया। यही कारण है कि आज भी उनका नाम देश और दुनिया में आदर और श्रद्धा के साथ लिया जाता है।
युवाओं का सम्मान समारोह
कार्यक्रम के दौरान पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतान सिंह पाल द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट समाज सेवा करने वाले कई युवाओं का पुष्पमालाओं से सम्मान किया गया।
उन्होंने कहा कि समाज के युवा यदि सेवा और संस्कार की राह पर चलें तो समाज और राष्ट्र दोनों का विकास सुनिश्चित है। युवाओं को देवी अहिल्याबाई के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान भी किया गया।
वैभव जैन मस्ताना एवं बबलू पाल का सम्मान
इस अवसर पर सिलवानी से पहुंचे पाल महासभा के प्रदेश महामंत्री बबलू पाल का विशेष सम्मान किया गया।साथ ही सामाजिक कार्यों में निरंतर सहयोग देने वाले वैभव जैन उर्फ मस्ताना का भी पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दोनों समाजसेवियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पाल महासभा के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री बबलू पाल, सागर जिला अध्यक्ष सहित अनेक तहसील अध्यक्ष उपस्थित रहे।
इसके अलावा सागर एवं रायसेन जिले के समस्त पाल महासभा पदाधिकारी, सदस्यगण एवं समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभी ने देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा, धर्म रक्षा और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2026 का यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं बल्कि समाज को प्रेरणा देने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतान सिंह पाल द्वारा दिए गए संदेश ने युवाओं और समाज के लोगों को देवी अहिल्याबाई के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
आज भी देवी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन सेवा, समर्पण, धर्म रक्षा और जनकल्याण का सर्वोत्तम उदाहरण माना जाता है।

