इंदौर के Rajendra Nagar में फायरिंग से दहशत, भाजपा विधायक समर्थकों और शराब ठेकेदार के बीच विवाद के बाद चली गोली
इंदौर के Rajendra Nagar थाना क्षेत्र में बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब विवाद के दौरान अचानक गोली चल गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग डर के कारण घरों और दुकानों के अंदर छिप गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों पक्ष वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने मामले में शराब ठेकेदार के गार्ड के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के पीछे भाजपा विधायक के समर्थकों और शराब ठेकेदार के बीच चल रहा विवाद बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पानी और नमकीन की दुकान हटाने को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा था, जिसके बाद मामला हिंसक रूप ले बैठा।
Rajendra Nagar इलाके में देर रात मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार रात अचानक क्षेत्र में शोर-शराबा और विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। इसी दौरान पथराव और फिर फायरिंग की घटना हुई।
गोली चलने की आवाज सुनते ही इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोग डरकर अपने घरों और दुकानों के शटर बंद कर अंदर छिप गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तब तक विवाद में शामिल दोनों पक्ष वहां से जा चुके थे। हालांकि घटनास्थल से पुलिस को पत्थर और अन्य सामान मिला है, जिसके आधार पर जांच की जा रही है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
एडिशनल डीसीपी जोन-1 सुमित केरकेट्टा के अनुसार विवाद की शुरुआत भाजपा विधायक के समर्थक भानू सिसोदिया उर्फ छोटा भानू और शराब ठेकेदार सिद्धार्थ जायसवाल के बीच हुई थी।
जानकारी के मुताबिक भानू सिसोदिया ने सिद्धार्थ जायसवाल से बातचीत कर पानी और नमकीन की दुकान ली थी। इस दुकान का संचालन भानू का साथी किशोर मराठा करता था।
कुछ दिनों पहले नगर निगम ने क्षेत्र में गंदगी और कचरा फैलने की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर जुर्माना लगाया था। इसके बाद से दुकान हटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था।
बताया जा रहा है कि शराब ठेकेदार लगातार दुकान हटाने का दबाव बना रहा था। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में कई बार बहस भी हो चुकी थी।
दुकान हटाने की सूचना के बाद पहुंचे समर्थक
बुधवार रात भानू सिसोदिया को सूचना मिली कि शराब ठेकेदार सिद्धार्थ जायसवाल दुकान हटाने वाला है। यह जानकारी मिलते ही वह अपने करीब 20 समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर पहुंचते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। विवाद इतना बढ़ गया कि गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
पथराव के बाद चली गोली
पुलिस के अनुसार विवाद बढ़ने पर भानू के साथियों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान शराब ठेकेदार सिद्धार्थ जायसवाल का गार्ड बचाव के लिए आगे आया और उसने हवा में फायर कर दिया। गोली चलने के बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई।
हालांकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में फायर हवा में किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। स्थानीय लोग काफी देर तक सहमे रहे और कई दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें बंद कर दीं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने घटना के बाद मामले में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शराब ठेकेदार के गार्ड के खिलाफ फायरिंग का मामला दर्ज किया है।
टीआई यशवंत बड़ोले ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में बढ़ाई गई पुलिस निगरानी
फायरिंग की घटना के बाद राजेंद्र नगर इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
नगर निगम की कार्रवाई भी बनी विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कचरा फैलने और अव्यवस्था मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना लगाया गया था।
इसके बाद शराब ठेकेदार और दुकान संचालकों के बीच विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
कई लोगों का मानना है कि यदि समय रहते विवाद को सुलझा लिया जाता तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
घटना के बाद इलाके के लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिली। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि रात के समय हुई फायरिंग से लोग काफी घबरा गए।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में आए दिन विवाद और असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से इलाके में सख्त कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस पहुंच जाती तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था।
पुलिस जुटा रही तकनीकी साक्ष्य
पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
इसके अलावा मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस कुछ संदिग्धों की पहचान कर चुकी है और उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
चोइथराम सब्जी मंडी में भी हुआ खूनी विवाद
इधर, बुधवार रात इंदौर की चोइथराम सब्जी मंडी में भी हम्मालों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला चाकूबाजी तक पहुंच गया।
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। घटना में चार लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
शराब के लिए पैसे मांगने पर हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक चोइथराम मंडी में विवाद की शुरुआत सूरज कुशवाह और गणेश के बीच हुई थी।
बताया जा रहा है कि गणेश ने शराब पीने के लिए सूरज से पैसे मांगे थे। सूरज ने पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और गणेश ने अपने साथी आकाश और धर्मेंद्र को बुला लिया। दूसरी ओर सूरज के दोस्त सुनील, रंजीत और अरुण भी मौके पर पहुंच गए।
चाकू से हमला, चार लोग घायल
दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपितों ने चाकू निकाल लिए और हमला कर दिया।
इस हमले में चार लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।
लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं
इंदौर में हाल के दिनों में विवाद, मारपीट और फायरिंग जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे शहर की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे-छोटे विवाद तेजी से हिंसक रूप ले रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने दोनों घटनाओं के बाद लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और किसकी कितनी भूमिका थी।
पुलिस का दावा है कि सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
इंदौर में हुई इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर शहर में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते विवादों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर पुलिस कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।
