—Advertisement—

त्विषा शर्मा मौत मामला: CBI जांच के पहले ही दिन SIT की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

Author Picture
Published On: 27 May 2026
CBI

—Advertisement—

त्विषा शर्मा मौत मामला: CBI जांच के पहले ही दिन SIT की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंट्री के साथ ही जांच की दिशा और रफ्तार दोनों बदलती दिखाई दे रही हैं। मंगलवार को जांच का जिम्मा संभालते ही सीबीआई अधिकारियों ने स्थानीय विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पहले ही दिन जांच एजेंसी को जो केस डायरी और दस्तावेज सौंपे गए, उन्हें देखकर अधिकारी नाराज हो गए। सूत्रों के मुताबिक, केस डायरी अधूरी, अव्यवस्थित और कई महत्वपूर्ण जानकारियों से रहित थी। यही वजह रही कि सीबीआई अधिकारियों ने मौके पर मौजूद एसआईटी अधिकारियों को फटकार लगाई और पूरे मामले की जांच को नए सिरे से व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

अव्यवस्थित केस डायरी से नाराज हुई CBI

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एसआईटी द्वारा तैयार की गई केस डायरी में घटनाक्रम को क्रमवार तरीके से दर्ज नहीं किया गया था। कई अहम दस्तावेजों को बिना क्रम के फाइल में जोड़ दिया गया था और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख तक नहीं किया गया था। सीबीआई अधिकारियों को यह देखकर हैरानी हुई कि इतने संवेदनशील और चर्चित मामले में जांच दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से तैयार नहीं किया गया।

बताया जा रहा है कि एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया और एसआईटी टीम को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद एसआईटी प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप संशोधित केस डायरी और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे। देर शाम तक केस रिकॉर्ड को दोबारा व्यवस्थित करने का काम चलता रहा।

घटनास्थल का दोबारा किया गया निरीक्षण

सीबीआई टीम ने जांच की शुरुआत घटनास्थल से की। मंगलवार सुबह अधिकारी उस बंगले पर पहुंचे, जहां त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। टीम ने कमरे, आसपास के हिस्सों और पूरे परिसर का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि घटना के समय हालात कैसे रहे होंगे और मौके पर कौन-कौन से साक्ष्य मौजूद थे।

सीबीआई ने घटनास्थल पर मौजूद भौतिक साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने घटनास्थल की तस्वीरें, कमरे की स्थिति, वस्तुओं की लोकेशन और अन्य तकनीकी पहलुओं का भी विश्लेषण किया है। संभावना जताई जा रही है कि एजेंसी कई पुराने साक्ष्यों की दोबारा फॉरेंसिक जांच भी करा सकती है।

पुराने साक्ष्यों की फिर हो सकती है जांच

सीबीआई इस मामले में किसी भी तरह की चूक नहीं छोड़ना चाहती। इसलिए एजेंसी अब उन साक्ष्यों की भी दोबारा जांच कराने की तैयारी में है, जिनकी पहले जांच हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि कई तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं की पुनः जांच कराई जा सकती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी महत्वपूर्ण तथ्य की अनदेखी न हुई हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-प्रोफाइल मामलों में फॉरेंसिक जांच बेहद अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में सीबीआई हर छोटे-बड़े साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से जांचने की रणनीति पर काम कर रही है।

डिजिटल साक्ष्य जांच के केंद्र में

जांच एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्यों को भी अपने दायरे में ले लिया है। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, त्विषा शर्मा की आखिरी बातचीत, कॉल डिटेल और डिजिटल कम्युनिकेशन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीबीआई को उम्मीद है कि डिजिटल डेटा से घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले मृतका मानसिक रूप से किस स्थिति में थी और परिवार के भीतर क्या हालात थे।

समर्थ सिंह की मां से हुई पूछताछ

जांच के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने आरोपित समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह से भी लंबी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, उनसे परिवार के माहौल, त्विषा और समर्थ के वैवाहिक संबंधों तथा घटना से पहले के घटनाक्रम को लेकर सवाल किए गए।

अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि क्या परिवार में किसी प्रकार का तनाव था और क्या मृतका किसी मानसिक दबाव में थी। पूछताछ के दौरान परिवार के आंतरिक संबंधों और दैनिक व्यवहार को लेकर भी जानकारी ली गई।

परिवार ने मानसिक तनाव का लगाया आरोप

इसके बाद सीबीआई टीम लालघाटी स्थित थ्रीईएमई सेंटर पहुंची, जहां त्विषा शर्मा के माता-पिता और अन्य परिजन ठहरे हुए हैं। यहां करीब एक घंटे तक चली पूछताछ में परिवार ने कई अहम दावे किए।

परिजनों ने एजेंसी को बताया कि शादी के बाद से ही त्विषा मानसिक तनाव में थी। परिवार का कहना है कि वह लगातार दबाव और परेशानियों का सामना कर रही थी। उन्होंने मोबाइल चैट, फोन कॉल रिकॉर्ड और अंतिम बातचीत से जुड़ी कई जानकारियां भी सीबीआई को उपलब्ध कराईं।

सूत्रों के अनुसार, मृतका के परिवार ने कुछ ऐसे डिजिटल साक्ष्य भी एजेंसी को दिए हैं, जिन्हें जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इन सभी पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है।

पुलिस कमिश्नर से भी मिली CBI टीम

दिनभर चली कार्रवाई के बाद सीबीआई अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात की। इस दौरान स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच, कार्रवाई और जुटाए गए साक्ष्यों की जानकारी ली गई।

सीबीआई ने यह भी जाना कि शुरुआती जांच में किन-किन पहलुओं पर फोकस किया गया था और कौन-कौन से कदम उठाए गए थे। इसके अलावा एसआईटी द्वारा जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी सीबीआई को सौंप दी गई।

देर रात तक चलता रहा दस्तावेजों का आदान-प्रदान

सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक एसआईटी और सीबीआई अधिकारियों के बीच दस्तावेजों का आदान-प्रदान चलता रहा। संशोधित केस डायरी के अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी सीबीआई टीम को सौंपे गए।

सीबीआई अब इन सभी उपकरणों की तकनीकी जांच करेगी। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम भी लगाई जा सकती है ताकि डेटा रिकवरी और डिजिटल विश्लेषण के जरिए नए सुराग तलाशे जा सकें।

आरोपित समर्थ सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी

जांच एजेंसी अब आरोपित समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि सीबीआई आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की रणनीति अपना सकती है।

एजेंसी यह जानना चाहती है कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और उस दिन घर में क्या परिस्थितियां थीं। इसके अलावा घटना के समय मौजूद लोगों के बयान भी दोबारा दर्ज किए जा सकते हैं।

मामले पर पूरे देश की नजर

त्विषा शर्मा मौत मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक इस केस को लेकर चर्चा जारी है। ऐसे में सीबीआई पर निष्पक्ष और तेजी से जांच पूरी करने का दबाव भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीबीआई की एंट्री के बाद जांच अब अधिक तकनीकी और साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ेगी। एजेंसी हर पहलू को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

फॉरेंसिक और डिजिटल जांच बनेगी सबसे अहम कड़ी

इस पूरे मामले में अब फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य सबसे अहम भूमिका निभा सकते हैं। मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री और इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन की जांच से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

सीबीआई यह भी जांच रही है कि घटना से पहले मृतका की मानसिक स्थिति कैसी थी और क्या किसी प्रकार का दबाव या विवाद चल रहा था। एजेंसी की कोशिश है कि हर पहलू को वैज्ञानिक तरीके से जांचकर सच्चाई सामने लाई जाए।

आगे क्या?

आने वाले दिनों में सीबीआई की जांच और तेज होने की संभावना है। एजेंसी कई लोगों से दोबारा पूछताछ कर सकती है और पुराने साक्ष्यों की पुनः जांच भी हो सकती है। इसके अलावा अदालत में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भी सबकी नजर रहेगी।

फिलहाल पूरे मामले में सीबीआई की सक्रियता ने यह संकेत दे दिया है कि एजेंसी जांच को बेहद गंभीरता से ले रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में जांच से कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और इस बहुचर्चित मामले में आगे क्या मोड़ आता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp