आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बनेगा Khedapatiहनुमान लोक कॉरिडोर:
भोपाल। राजधानी भोपाल के प्राचीन और अत्यंत श्रद्धेय Khedapati हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन “Khedapatiहनुमान लोक कॉरिडोर” को लेकर सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक अनुभव उपलब्ध कराना है।
आस्था और विरासत को मिलेगा भव्य स्वरूप
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह मंदिर वर्षों से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है और इसकी महत्ता पूरे प्रदेश में विशेष स्थान रखती है।
उन्होंने कहा कि “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ इस परियोजना को विकसित किया जा रहा है, ताकि प्राचीन धार्मिक धरोहर को आधुनिक स्वरूप के साथ संरक्षित किया जा सके।
उनके अनुसार, यह कॉरिडोर न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगा, बल्कि भोपाल को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगा।
₹100 करोड़ की लागत से विकसित हो रहा भव्य कॉरिडोर
मंत्री ने जानकारी दी कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना तेजी से आकार ले रही है।
करीब 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस कॉरिडोर में मंदिर परिसर का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, विशाल कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, पार्किंग सुविधा और अन्य आधुनिक अधोसंरचना तैयार की जा रही है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ प्रबंधन के साथ सहज और सुरक्षित दर्शन अनुभव प्रदान करना है।
महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक विकास
मंत्री सारंग ने बताया कि इस परियोजना को उज्जैन स्थित महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
इसमें पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और आधुनिक निर्माण तकनीक का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। परियोजना में राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कॉरिडोर को भव्य और आकर्षक स्वरूप मिलेगा।
इसके साथ ही मंदिर परिसर में नागर शैली की वास्तुकला को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है, जो इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को और मजबूत बनाएगी।
नागर शैली में होगा मंदिर परिसर का विकास
खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर में पारंपरिक नागर शैली की झलक प्रमुख रूप से दिखाई देगी।
मंदिर परिसर में सुंदरकांड की झलक को दर्शाने वाले भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिलेगा।
इस डिजाइन का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को संरक्षित रखते हुए एक ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां श्रद्धालु शांति और भक्ति का अनुभव कर सकें।
दशहरा मैदान में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत दशहरा मैदान के खुले स्वरूप को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
यहां दर्शक दीर्घा, विशाल मंच, रावण दहन स्थल और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है।
इसके साथ ही पूरे परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के आवागमन में सुविधा होगी।
रोजगार और स्थानीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री सारंग ने बताया कि यह परियोजना केवल धार्मिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
दर्शक दीर्घा के नीचे लगभग 100 से अधिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर प्राप्त होंगे।
इन दुकानों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छोटे व्यापारियों को भी लाभ होगा।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और भीड़ प्रबंधन को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों को न्यूनतम परेशानी हो।
तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
मंत्री विश्वास सारंग ने स्पष्ट कहा कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
साथ ही सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूर्ण करने और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया।
भोपाल की नई पहचान बनेगा हनुमान लोक
मंत्री ने कहा कि खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर आने वाले समय में भोपाल की नई पहचान के रूप में उभरेगा।
यह परियोजना आस्था, संस्कृति और विकास का एक अनूठा संगम होगी, जो न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगी बल्कि शहर के पर्यटन और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगी।
निष्कर्ष
खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर परियोजना भोपाल के धार्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को नया आयाम देने जा रही है। आधुनिक सुविधाओं, पारंपरिक वास्तुकला और रोजगार सृजन के साथ यह परियोजना शहर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
यह कॉरिडोर न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि भोपाल को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर भी एक नई पहचान दिलाने में सफल होगा।
