त्विषा शर्मा मौत केस में नया मोड़: Samarth Singh के दावों से बढ़ी जांच की उलझन,
भोपाल। त्विषा शर्मा मौत मामले (Twisha Sharma Death Case) में आरोपी Samarth Singh से पुलिस रिमांड के दौरान लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस ने पिछले तीन दिनों में उससे करीब 10 घंटे तक सवाल-जवाब किए हैं। इस दौरान सामने आए उसके कई दावे और डिजिटल साक्ष्यों के बीच अंतर ने मामले को और अधिक जटिल बना दिया है। पुलिस अब मोबाइल डेटा, डिलीटेड चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
लगातार पूछताछ, कई सवालों के घेरे में आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार समर्थ सिंह से अलग-अलग पहलुओं पर गहन पूछताछ की जा रही है। वह दावा कर रहा है कि घटना वाले दिन सब कुछ सामान्य था और दोनों ने साथ में जिम और वॉक भी किया था।
हालांकि जांच टीम के पास मौजूद डिजिटल सबूत और परिवार के बयान इस कहानी से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। इसी वजह से पुलिस हर बयान को तकनीकी साक्ष्यों से मिलाकर जांच कर रही है।
डिलीटेड चैट्स और डिजिटल सबूतों की जांच तेज
जांच में सामने आए व्हाट्सएप चैट्स और मोबाइल डेटा ने मामले को और उलझा दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ चैट्स में प्रेग्नेंसी को लेकर विवाद की बात सामने आई है, जहां समर्थ ने सवाल उठाए थे कि “यह बच्चा किसका है।”
इसके अलावा कई चैट्स डिलीट भी पाए गए हैं, जिन्हें रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल डेटा इस केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
गर्भपात और रिश्तों को लेकर विरोधाभासी दावे
पूछताछ के दौरान समर्थ सिंह ने दावा किया कि वह पिता बनना चाहता था, जबकि त्विषा बच्चा नहीं चाहती थी। उसके अनुसार त्विषा ने अपनी इच्छा से गर्भपात कराया था और इसके लिए डॉक्टर से दवा ली गई थी।
समर्थ ने यह भी आरोप लगाया कि गर्भपात का कारण मानसिक स्थिति और नशे से जुड़ा हो सकता है। हालांकि पुलिस अभी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकी है और मेडिकल रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं।
डॉक्टर और मेडिकल रिकॉर्ड पर जांच केंद्रित
पुलिस अब इस मामले में डॉक्टर निधि नागर से जुड़े दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गर्भपात से जुड़ी प्रक्रिया किस परिस्थिति में और किन परिस्थितियों में हुई थी।
इसके साथ ही अस्पताल और क्लिनिक से संबंधित सभी रिकॉर्ड भी मंगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की पुष्टि हो सके।
बाइपोलर बीमारी का दावा और नई बहस
पूछताछ में समर्थ सिंह ने यह दावा भी किया कि त्विषा बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित थी और इसी कारण उसका व्यवहार कई बार बदलता था।
हालांकि पुलिस और विशेषज्ञ इस दावे को केवल बयान के रूप में देख रहे हैं और इसका कोई स्वतंत्र मेडिकल प्रमाण अब तक सामने नहीं आया है। जांच टीम इस पहलू को भी गंभीरता से परख रही है ताकि किसी भी गलत निष्कर्ष से बचा जा सके।
पुलिस को मिली अलग तस्वीर
जांच में यह भी सामने आया है कि कई बार त्विषा द्वारा भेजे गए मैसेज का समर्थ जवाब नहीं देता था। इस बात की शिकायत उसने अपने परिवार से भी की थी।
इसके अलावा डिजिटल साक्ष्यों में दोनों के बीच तनाव और विवाद की झलक भी मिल रही है, जो समर्थ के दावों से मेल नहीं खाती।
सीडीआर और कॉल रिकॉर्ड की गहन जांच
पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन डेटा और चैट हिस्ट्री का तकनीकी विश्लेषण कर रही है।
जांच का उद्देश्य यह समझना है कि घटना से पहले दोनों के बीच वास्तविक स्थिति क्या थी और किन परिस्थितियों में तनाव बढ़ा।
डिजिटल फॉरेंसिक टीम की मदद ले रही पुलिस
इस पूरे मामले में डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने और चैट्स की टाइमलाइन तैयार करने का काम चल रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूत इस केस में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
परिवार के आरोप और बढ़ती जटिलता
त्विषा के परिवार ने पहले ही समर्थ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रिश्तों में लगातार तनाव था और कई बार मानसिक प्रताड़ना की स्थिति बनी।
वहीं समर्थ अपने बयानों में खुद को निर्दोष बताते हुए घटनाओं का अलग ही विवरण दे रहा है, जिससे मामला और उलझता जा रहा है।
जांच के कई पहलुओं पर फोकस
पुलिस इस केस में कई पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है—
- डिजिटल चैट्स और कॉल रिकॉर्ड
- मेडिकल और गर्भपात से जुड़े दस्तावेज
- घटना से पहले की लोकेशन और गतिविधियां
- परिवार और दोस्तों के बयान
निष्कर्ष
त्विषा शर्मा मौत मामले में हर दिन नए खुलासे और दावे सामने आ रहे हैं, जिससे जांच लगातार जटिल होती जा रही है। समर्थ सिंह के बाइपोलर बीमारी और गर्भपात जैसे दावों ने मामले में नई बहस छेड़ दी है, लेकिन पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि अंतिम सच्चाई डिजिटल साक्ष्यों और मेडिकल रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही सामने आएगी।
