पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप द्वारा मज़दूरों को भोजन वितरण कार्यक्रम इंदौर में आयोजित किया गया। जैन समाज की महिलाओं ने मानव सेवा प्रकल्प के अंतर्गत मजदूरों को भोजन वितरित कर मानवता और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया।
पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप द्वारा मज़दूरों को भोजन वितरण
इंदौर।
पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप द्वारा मज़दूरों को भोजन वितरण कार्यक्रम का आयोजन कर मानव सेवा और सामाजिक समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल पेश की गई। “भूखे को भोजन देना सबसे बड़ा पुण्य है, मानव सेवा ही सच्ची प्रभु सेवा है” इस संदेश को साकार करते हुए पश्चिम क्षेत्र के समग्र जैन समाज की महिलाओं के संगठन पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप ने जरूरतमंद मजदूरों के बीच भोजन वितरण कर सेवा भाव का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
यह सेवा कार्य संस्था अध्यक्ष जैन अंतिम नरेंद्र राठौर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन संगीता करनावट, अल्पना मोगरा तथा साधना रांका ने किया। आयोजन कालानी नगर स्थित बीएसएफ पानी की टंकी के समीप मजदूर चौक पर संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के लोगों को भोजन वितरित किया गया।
मजदूर चौक में किया गया भोजन वितरण
पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप द्वारा मज़दूरों को भोजन वितरण कार्यक्रम के दौरान सुबह से ही सेवा कार्य की तैयारियां शुरू हो गई थीं। मजदूर चौक पर उपस्थित श्रमिकों को सम्मानपूर्वक भोजन वितरित किया गया। इस दौरान महिलाओं ने स्वयं आगे बढ़कर भोजन पैकेट बांटे और जरूरतमंदों से संवाद भी किया।
कार्यक्रम में क्षेत्र की सक्रिय पार्षद शीखा संदीप दुबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्य लगातार होने चाहिए, जिससे जरूरतमंद लोगों को सहायता मिल सके।
मानव सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा धर्म है। पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप द्वारा मज़दूरों को भोजन वितरण केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं बल्कि मानवता का संदेश देने वाला अभियान है।
संस्था की महिलाओं ने कहा कि मजदूर वर्ग समाज की रीढ़ होता है। दिनभर कठिन परिश्रम करने वाले इन श्रमिकों के लिए भोजन वितरण कर उन्हें सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी भी है।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बनी आकर्षण
इस सेवा प्रकल्प में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी सहयोगियों ने मिलकर सेवा, समर्पण और मानवता का परिचय दिया। जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान देखकर सभी सदस्यों ने आत्मसंतोष महसूस किया।
इस अवसर पर संस्था की किरण लोढ़ा, सुनीता सगरावत, संगीता मोगरा, सारिका गांधी, अंगुरबाला कटारिया, विमला आंचलिया, नीता छाजेड़, अर्चना धींग, मंजू पामेचा, प्रतिमा जैन, समिष्ठा जैन, ज्योति जैन, समता जैन, पिंकी संघवी, नीमा जैन, निधी जैन, आभा पारख सहित अनेक सदस्याएं उपस्थित थीं।
पार्षद शीखा संदीप दुबे ने की सराहना
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं पार्षद शीखा संदीप दुबे ने कहा कि समाज में इस प्रकार के सेवा कार्य सकारात्मक संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा संचालित इस प्रकार के मानव सेवा अभियान समाज के लिए प्रेरणा हैं।उन्होंने संस्था की सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्य निरंतर जारी रहने चाहिए।
जरूरतमंदों के चेहरे पर दिखी खुशी
पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप द्वारा मज़दूरों को भोजन वितरण कार्यक्रम के दौरान कई मजदूरों ने संस्था का आभार व्यक्त किया। भोजन प्राप्त करने के बाद मजदूरों के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।संस्था की महिलाओं ने कहा कि छोटी-छोटी सेवाएं भी किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में बड़ी खुशी बन सकती हैं। यही भावना समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा देने का कार्य करती है।
सामाजिक संगठनों के लिए प्रेरणादायक पहल
आज के समय में जहां सामाजिक संवेदनाएं कम होती दिखाई दे रही हैं, वहीं पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। सेवा और सहयोग की भावना समाज को मजबूत बनाती है।विशेष रूप से महिलाओं द्वारा इस तरह के सामाजिक अभियान चलाना समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। जैन समाज हमेशा से सेवा और परोपकार के कार्यों में अग्रणी रहा है और यह आयोजन उसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला प्रयास है।
निष्कर्ष
पार्श्वनाथ सखी सहेली ग्रुप द्वारा मज़दूरों को भोजन वितरण कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। जरूरतमंदों की सहायता कर समाज में प्रेम, सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश दिया जा सकता है।यह आयोजन केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि छोटी-छोटी सेवाएं किसी के जीवन में बड़ी राहत बन सकती हैं।उक्त जानकारी लीना जैन द्वारा प्रदान की गई।

