जैन समाज नाराज होने के बाद Indore में कलेक्टर के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। 5000 से अधिक समाजजन ने मौन रैली निकाली और CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत अभियान शुरू किया।
जैन समाज नाराज: कलेक्टर के व्यवहार से Indore में बढ़ा विरोध
राजेश जैन दद्दू
Indore
Indore में जैन समाज द्वारा निकाला गया शांतिपूर्ण मौन मार्च उस समय बड़े विवाद में बदल गया जब हजारों की संख्या में पहुंचे समाजजनों को कथित रूप से कलेक्टर शिवम सिंह वर्मा से मिलने का समय नहीं मिला। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब “जैन समाज नाराज” मुद्दा शहर में चर्चा का केंद्र बन गया है। विश्व जैन संगठन और राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने इसे समाज के आत्मसम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराने का अभियान शुरू कर दिया है।समाज के लोगों का आरोप है कि जैन संतों की सुरक्षा और हाल ही में सामने आई घटनाओं को लेकर वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कलेक्टर महोदय मिलने नहीं आए। इसी के बाद समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
जैन समाज नाराज क्यों हुआ?
Indore में जैन समाज के हजारों लोग जैन संतों की सुरक्षा और कथित घटनाओं के विरोध में शांतिपूर्ण मौन रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। समाज का कहना है कि प्रशासन से उन्हें उम्मीद थी कि जिले के मुखिया उनकी बात सुनेंगे और उनकी चिंताओं पर गंभीरता से चर्चा करेंगे।लेकिन समाजजनों के अनुसार कई घंटों तक इंतजार के बावजूद कलेक्टर शिवम सिंह वर्मा उनसे मिलने नहीं पहुंचे। आरोप यह भी लगाया गया कि अधिकारियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि “उनके पास समय नहीं है।” इसी कथित बयान ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया।“जैन समाज नाराज” मुद्दा इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर शहरभर में चर्चा का विषय बन गया।
5000 लोगों की मौन रैली ने खींचा ध्यान
विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस रैली में लगभग 5000 से अधिक समाजजन शामिल हुए। पुरुष वर्ग श्वेत वस्त्रों में और महिलाएं केसरिया वस्त्रों में शामिल हुईं। रैली में छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।राजबाड़ा से शुरू होकर यह रैली कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची। समाजजन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक धूप में बैठे रहे। लोगों का कहना है कि वे केवल अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहते थे।
कलेक्टर कार्यालय के बाहर 6 घंटे इंतजार
समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि वे घंटों तक भूखे-प्यासे कलेक्टर कार्यालय के बाहर बैठे रहे। कई महिलाओं और बच्चों की तबीयत भी खराब हुई। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष मयंक जैन, नकुल पाटोदी, पारस जैन और राहुल जैन सहित कई समाजजन लगातार अधिकारियों से अनुरोध करते रहे कि कलेक्टर बाहर आकर ज्ञापन ले लें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।यही कारण है कि “जैन समाज नाराज” अभियान अब डिजिटल विरोध में बदलता जा रहा है।
विश्व जैन संगठन ने खोला मोर्चा
विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि शांतिप्रिय जैन समाज हमेशा कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखता आया है। ऐसे समाज के साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।उन्होंने कहा कि अब समाज इस मामले को गंभीरता से उठाएगा और मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएगा। संगठन ने कलेक्टर शिवम सिंह वर्मा को तत्काल इंदौर से हटाने की मांग की है।
CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत अभियान शुरू
“जैन समाज नाराज” अभियान के तहत अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराने का अभियान शुरू किया गया है। संगठन की ओर से समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे घर बैठे ऑनलाइन और 181 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।समाज का कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। डिजिटल विरोध के इस अभियान को सोशल मीडिया पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है।
समाज की मुख्य मांगें
1. कलेक्टर का निलंबन
समाज ने मांग की है कि जनता और धार्मिक समाज के प्रति कथित गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने के कारण कलेक्टर को तत्काल हटाया जाए।
2. जैन संतों की सुरक्षा
जैन समाज ने शहर में जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
3. प्रशासनिक संवेदनशीलता
समाज का कहना है कि प्रशासन को धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
जैन संतों की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
हाल के दिनों में जैन संतों से जुड़ी घटनाओं के बाद समाज में चिंता लगातार बढ़ रही है। इसी कारण इंदौर में यह मौन मार्च आयोजित किया गया था। समाजजन चाहते हैं कि सरकार संतों की सुरक्षा को लेकर ठोस नीति बनाए।जैन संगठनों का कहना है कि साधु-संत समाज की आध्यात्मिक धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा मामला
“जैन समाज नाराज” अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से ट्रेंड कर रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर लोग इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।कई लोगों ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन और समाज के बीच संवाद होना चाहिए ताकि विवाद आगे न बढ़े।
राजनीतिक और सामाजिक असर
Indore में यह मामला अब केवल प्रशासनिक विवाद नहीं रह गया है। सामाजिक संगठनों के साथ-साथ कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवाद और संवेदनशीलता बेहद जरूरी होती है। समाज और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय ही समाधान का रास्ता निकाल सकता है।
निष्कर्ष
Indore में “जैन समाज नाराज” मुद्दा अब बड़ा सामाजिक विषय बन चुका है। शांतिपूर्ण रैली, घंटों इंतजार और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर समाज में भारी असंतोष दिखाई दे रहा है। विश्व जैन संगठन और अन्य सामाजिक संस्थाएं अब इस मामले को मुख्यमंत्री स्तर तक ले जाने की तैयारी में हैं।अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और सरकार इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाते हैं और समाज की मांगों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया दी जाती है।

