Rewa की दुखद घटना के विरोध में जावरा बंद जैसा माहौल, सकल जैन समाज ने निकाली मौन वाहन रैली
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा की उठाई मांग
जावरा में सोमवार को सकल जैन समाज द्वारा Rewa में हुई दर्दनाक घटना के विरोध में विशाल मौन वाहन रैली निकाली गई। समाजजनों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी सुनील जायसवाल को सौंपा। रैली में जैन समाज के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों और सर्व समाज के लोगों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुर्घटना के बाद पूरे देश में जैन समाज में गहरा आक्रोश और शोक का वातावरण बना हुआ है। जावरा में आयोजित यह विरोध प्रदर्शन उसी श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें समाज ने शासन-प्रशासन से जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
Rewa में हुई थी दर्दनाक घटना
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 20 मई को रीवा में तीन जैन साध्वियां विहार कर रही थीं। इसी दौरान एक कार चालक ने कथित रूप से लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए साध्वियों को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि पूज्य श्रुतिमति माताजी महाराज सा. का मौके पर ही देवलोकगमन हो गया, जबकि पूज्य उपसमिति माताजी महाराज सा. ने उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। एक अन्य साध्वी का उपचार अभी भी जारी है।
जैन समाज ने इस घटना को केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं माना, बल्कि इसे सुनियोजित साजिश होने की आशंका भी व्यक्त की। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पहले भी कई बार जैन साधु-साध्वियों के साथ सड़क हादसे और हमले हो चुके हैं, लेकिन इस बार की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
घंटाघर चौराहे से निकली मौन वाहन रैली
जावरा में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय घंटाघर चौराहे से हुई। यहां बड़ी संख्या में समाजजन एकत्रित हुए। सभी ने हाथों में काली पट्टी बांधकर मौन विरोध दर्ज कराया। इसके बाद वाहन रैली नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंची।
रैली के दौरान पूरा वातावरण शांतिपूर्ण और अनुशासित बना रहा। समाजजन बिना किसी नारेबाजी के मौन रहकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे थे। कई लोगों के हाथों में तख्तियां भी थीं, जिन पर जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग लिखी हुई थी।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
रैली समाप्त होने के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी सुनील जायसवाल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जैन साधु-साध्वियों के विहार के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई।
समाज ने यह भी मांग की कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन स्तर पर स्थायी सुरक्षा नीति बनाई जाए। ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-साध्वियां पैदल विहार करते हैं और पूरी तरह अहिंसा तथा संयम का जीवन जीते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन दोनों की है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि सांसद सुधीर गुप्ता के प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी तथा विधायक डॉ. राजेंद्र पाण्डेय के कार्यालय में भी भेजी गई।
विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन
इस विरोध प्रदर्शन में केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठनों और सर्व समाज के लोगों ने भी अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि संत समाज पर हमला किसी एक समुदाय का नहीं बल्कि पूरे समाज का विषय है।
व्यापारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने घटना की निंदा करते हुए शासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने कहा कि संत समाज हमेशा शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का संदेश देता है, इसलिए उनके साथ इस प्रकार की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
समाज के वरिष्ठजनों ने रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान जैन समाज एवं सर्व समाज के वरिष्ठजनों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि देशभर में जैन साधु-साध्वियों पर हमले और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के ठोस इंतजाम करे।
कई वक्ताओं ने कहा कि जैन संत कठोर तपस्या और अनुशासन का जीवन जीते हैं। वे पैदल विहार कर समाज को अहिंसा, संयम और सदाचार का संदेश देते हैं। ऐसे संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे समाजजन
कार्यक्रम में खरतरगच्छ श्रीसंघ अध्यक्ष प्रदीप चौधरी, त्रिस्तुतिक श्रीसंघ अध्यक्ष प्रकाश चौरड़िया, साधुमार्गी संघ अध्यक्ष पंकज काठेड़, हुमड़ संघ अध्यक्ष रितेश जैन, शांत क्रांत संघ अध्यक्ष अनिल पोखरना और दिगंबर संघ अध्यक्ष पवन पाटनी सहित विभिन्न जैन संघों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा, व्यापारी महासंघ अध्यक्ष प्रकाश कोठारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से नेपाल सिंह डोडिया सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारी नेता भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली। समाज की मातृशक्ति ने भी मौन रैली में शामिल होकर दिवंगत साध्वियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अनुशासन और शांतिपूर्ण विरोध बना चर्चा का विषय
जावरा में निकाली गई मौन वाहन रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। समाजजनों ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। स्थानीय नागरिकों ने भी समाज के इस शांतिपूर्ण विरोध की सराहना की।
रैली के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन भी पूरे समय मुस्तैद नजर आया।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि शासन का ध्यान संत समाज की सुरक्षा की ओर आकर्षित करना है।
ज्ञापन का वाचन और संचालन
कार्यक्रम में ज्ञापन का वाचन दिगंबर संघ अध्यक्ष पवन पाटनी द्वारा किया गया। उन्होंने विस्तार से समाज की मांगों को प्रशासन के सामने रखा। कार्यक्रम का संचालन संदीप रांका ने किया।
अंत में हुमड़ संघ अध्यक्ष रितेश जैन ने आभार व्यक्त करते हुए सकल जैन समाज, सर्व समाज, सामाजिक संगठनों और प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।
दिवंगत साध्वियों को दी गई श्रद्धांजलि
रैली और ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान दिवंगत साध्वियों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी गई। कई स्थानों पर समाजजनों ने मौन रखकर आत्मशांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक बना रहा। कई समाजजनों की आंखें नम दिखाई दीं। वक्ताओं ने कहा कि यह घटना केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि पूरे मानव समाज के लिए पीड़ादायक है।
जैन समाज ने उठाई स्थायी सुरक्षा नीति की मांग
समाजजनों ने मांग की कि जैन साधु-साध्वियों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। इसके साथ ही ऐसे मार्गों पर वाहन चालकों के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई जाए।
समाज का कहना है कि कई बार साधु-साध्वियों को पैदल विहार के दौरान तेज रफ्तार वाहनों और असामाजिक तत्वों से खतरा बना रहता है। इसलिए शासन को स्थायी नीति बनाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
पूरे देश में जारी हैं विरोध प्रदर्शन
रीवा की घटना के बाद देशभर में जैन समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। विभिन्न राज्यों में ज्ञापन सौंपकर संत समाज की सुरक्षा की मांग की जा रही है।
जावरा में आयोजित यह कार्यक्रम भी उसी राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा था। समाज के लोगों ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए जाते, तब तक समाज अपनी आवाज उठाता रहेगा।
निष्कर्ष
रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे जैन समाज को गहरे दुख और आक्रोश से भर दिया है। जावरा में निकाली गई मौन वाहन रैली और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन इसी पीड़ा और चिंता का प्रतीक था।
सकल जैन समाज ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए शासन से मांग की कि जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
कार्यक्रम में समाज की एकजुटता, अनुशासन और शांतिपूर्ण विरोध ने यह संदेश दिया कि समाज न्याय और सुरक्षा की मांग लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से भी प्रभावी ढंग से उठा सकता है।
