जल गंगा संवर्धन अभियान khachrod के अंतर्गत गंगा दशहरा पर नीलकंठ महादेव मंदिर तालाब परिसर में श्रमदान, साफ-सफाई, दीपोत्सव और जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जल गंगा संवर्धन अभियान khachrod: गंगा दशहरा पर भव्य आयोजन
खाचरोद। संवाददाता गिरधारी लाल गेहलोत।
जल गंगा संवर्धन अभियान khachrod के अंतर्गत नगर पालिका परिषद द्वारा गंगा दशहरा उत्सव बड़े उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित तालाब परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा श्रमदान कर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया।तालाब एवं उसके आसपास फैली गंदगी को हटाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया और नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर जल स्रोतों को बचाने का संकल्प लिया।
जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य
जल गंगा संवर्धन अभियान khachrod का मुख्य उद्देश्य नगर के जल स्रोतों को संरक्षित करना, नागरिकों को जल बचाने के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। नगर पालिका परिषद लगातार विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों के माध्यम से लोगों को जल के महत्व के बारे में समझा रही है।गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता का भी महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया।
तालाब परिसर में चला श्रमदान अभियान
नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित तालाब परिसर में सुबह से ही सफाई अभियान प्रारंभ हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों, नगर पालिका कर्मचारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्वयं श्रमदान कर तालाब परिसर की सफाई की।तालाब के किनारों पर फैली गंदगी हटाई गई, प्लास्टिक एवं कचरे को एकत्रित कर उचित स्थान पर पहुंचाया गया। अभियान के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।इस दौरान मौजूद नागरिकों ने भी स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
नागरिकों को दिया जल संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में जल संकट एक बड़ी समस्या बन सकता है। इसलिए अभी से जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाना जरूरी है।नगरवासियों से अपील की गई कि वे जल का अनावश्यक उपयोग न करें और वर्षा जल संचयन जैसे उपाय अपनाएं। जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और तालाबों के संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी आवश्यक बताई गई।
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर
जल गंगा संवर्धन अभियान khachrod के तहत नगर पालिका परिषद इस वर्ष निजी, सामाजिक एवं सार्वजनिक भवनों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है।नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि वर्षा जल संचयन से भूजल स्तर को बढ़ाने में सहायता मिलती है और भविष्य के जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है।नगर में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को वाटर हार्वेस्टिंग के लाभ समझाए जा रहे हैं।
दीपों से रोशन हुआ महाँकाल का दरबार
गंगा दशहरा पर्व पर 25 मई की शाम नगर पालिका परिषद द्वारा श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।महाँकाल मंदिर प्रांगण में नगर पालिका द्वारा आकर्षक दीप सज्जा की गई। मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा और श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।दीपोत्सव के दौरान मंदिर परिसर का दृश्य अत्यंत मनमोहक दिखाई दिया।
30 मई को होगा रामतलाई तालाब का गहरीकरण
नगर पालिका अध्यक्ष श्री गोविन्द भरावा ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई को जल गंगा संवर्धन अभियान खाचरोद के अंतर्गत नगर के रामतलाई क्षेत्र स्थित तालाब का गहरीकरण जेसीबी मशीन के माध्यम से किया जाएगा।उन्होंने बताया कि जिन नागरिकों को मुरम एवं काली मिट्टी की आवश्यकता हो, वे अपने स्वयं के संसाधनों से उक्त मिट्टी ले जा सकते हैं। इस पहल से तालाब की जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहे उपस्थित
इस अवसर पर निकाय अध्यक्ष महोदय श्री गोविन्द भरावा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री अश्विन दिंडोरकर, भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष श्रीमती मनीषा अखिलेश शर्मा, पार्षद दशरथ वाकतारिया, पार्षद प्रतिनिधि राजेन्द्र धाकड़, बाबू नागर, अनुविभागीय अधिकारी नेहा साहू, वरिष्ठ भाजपा नेता राधेश्याम बंबोरिया, जगदीश मंडावलिया, प्रवीण नायक, परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास मनोज जाट सहित बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक, निकाय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जल संरक्षण क्यों है जरूरी
आज देश के कई हिस्सों में जल संकट गहराता जा रहा है। ऐसे समय में जल गंगा संवर्धन अभियान khachrodजैसी पहल समाज के लिए प्रेरणादायक साबित हो रही है।तालाब, कुएं और अन्य जल स्रोत केवल पानी का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण संतुलन का आधार भी हैं। यदि समय रहते जल संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
नगर पालिका की जनजागरूकता पहल
नगर पालिका परिषद द्वारा लगातार स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम और जल संरक्षण गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।इसके साथ ही नागरिकों को प्लास्टिक मुक्त वातावरण, जल बचत और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नगर पालिका की यह पहल स्थानीय लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचा रही है।
निष्कर्ष
जल गंगा संवर्धन अभियान khachrod के अंतर्गत आयोजित गंगा दशहरा उत्सव ने सामाजिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का प्रेरणादायक संदेश दिया। तालाब सफाई अभियान, दीपोत्सव और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों ने नगरवासियों को जल बचाने के लिए प्रेरित किया।नगर पालिका परिषद की यह पहल भविष्य में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
