जैन साध्वी सड़क दुर्घटना विरोध रैली Indore में समग्र जैन समाज ने मौन रैली निकालकर संत सुरक्षा की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। राजेश जैन दद्दू सहित समाजजनों ने संतों के विहार के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग उठाई।
राजेश जैन दद्दू
Indore
रीवा हादसे से पूरे जैन समाज में शोक
जैन साध्वी सड़क दुर्घटना विरोध रैली Indore के माध्यम से समग्र जैन समाज ने रीवा में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। रीवा में दो पूज्य जैन साध्वीजी के सड़क दुर्घटना में देवलोकगमन का समाचार पूरे भारतवर्षीय जैन समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक और असहनीय माना जा रहा है। इस दुखद घटना के बाद इंदौर में समाजजनों ने मौन रैली निकालकर संतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।समाज प्रवक्ता राजेश जैन दद्दू ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि पूरे संत समाज और मानवता को झकझोर देने वाली घटना है। जैन साधु-साध्वीजन नगर-नगर विहार करते हुए अहिंसा, संयम और सद्मार्ग का संदेश देते हैं। ऐसे पूज्य संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
राजबाड़ा से कलेक्टर कार्यालय तक निकली मौन रैली
जैन साध्वी सड़क दुर्घटना विरोध रैली Indore के तहत दिगंबर जैन समाज, सामाजिक सांसद एवं सकल जैन समाज के तत्वावधान में राजबाड़ा इंदौर से विशाल मौन रैली निकाली गई। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।रैली में शामिल समाजजनों ने शांतिपूर्ण तरीके से संत सुरक्षा की मांग उठाई। समाज के लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
संत सुरक्षा को लेकर उठी बड़ी मांग
ज्ञापन में समाज की ओर से सरकार और प्रशासन से मांग की गई कि जब भी जैन साधु-संतों का विहार हो, तब पुलिस प्रशासन की गाड़ी एक स्थान से दूसरे स्थान तक उनके साथ चले ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।समाजजनों का कहना है कि संत समाज देशभर में पैदल विहार करता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को विशेष सुरक्षा व्यवस्था बनानी चाहिए।
राजेश जैन दद्दू ने क्या कहा
समाज प्रवक्ता राजेश जैन दद्दू Indore ने कहा कि यह विषय केवल जैन समाज का नहीं बल्कि धार्मिक आस्था, मानवता और संस्कृति की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को इस दुखद घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज सदैव अहिंसा, शांति और मानव कल्याण का संदेश देता आया है। ऐसे पूज्य संतों की सुरक्षा को लेकर सरकार को स्थायी प्रोटोकॉल तैयार करना चाहिए।
समाजजनों ने सरकार से क्या मांग की
प्रमुख मांगें:
- संतों के विहार के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए
- सड़क मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रबंधन किया जाए
- संत सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाया जाए
- दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
जैन साध्वी सड़क दुर्घटना विरोध रैली Indore में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। इस अवसर पर आनंद नवीन गोधा, हर्ष जैन, एम के जैन, अमित कासलीवाल, सुशील पांड्या, डॉ. जैनेन्द्र जैन, हंसमुख गांधी, टीके वेद, डीके जैन, डीएसपी मनोहर झांझरी, आनंद कासलीवाल, राहुल जैन, मनीष नायक, प्रवीण जैन, राकेश विनायका, प्रदीप चौधरी, केलाश वेद सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती साधना दगडे, श्रीमती रेखा जैन सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी रैली में भाग लिया। इसके अलावा संजय अहिंसा, अजय मिटा, अक्षय कासलीवाल, होलास सोनी, संजय काका तथा उदासीन आश्रम, पचबालयती आश्रम एवं साधिका आश्रम की बहनें और भैया भी उपस्थित हुए।
जैन संतों की सुरक्षा क्यों जरूरी
जैन संत और साध्वीजन वर्षों से पैदल विहार की परंपरा का पालन करते आ रहे हैं। वे समाज को संयम, शांति और अहिंसा का संदेश देते हैं। लेकिन बढ़ती ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क दुर्घटनाओं के कारण संतों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।समाज का कहना है कि सरकार को अब संत सुरक्षा को लेकर स्थायी नीति तैयार करनी चाहिए ताकि देशभर में विहार कर रहे साधु-संत सुरक्षित रह सकें।
निष्कर्ष
जैन साध्वी सड़क दुर्घटना विरोध रैली Indore केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि संत सुरक्षा को लेकर समाज की भावनाओं और आस्था की अभिव्यक्ति थी। समग्र जैन समाज ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि संत समाज की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस मांग पर कितना गंभीर कदम उठाते हैं।




