Shivraj singh chouhan Book Launch में पीएम नरेंद्र मोदी और मोहन यादव के शपथ ग्रहण से जुड़ी अंदर की कहानी सामने आई। जानिए कैसे पीएम मोदी ने शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुलाने की योजना पहले ही बना ली थी।
Shivraj singh chouhan Book Launch: PM मोदी ने मोहन यादव के शपथ ग्रहण में क्यों बुलाया था? सामने आई अंदर की कहानी
भोपाल।
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan की नई पुस्तक ‘अपनापन’ इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस पुस्तक में उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने तीन दशक पुराने रिश्तों, राजनीतिक संघर्षों और भावनात्मक अनुभवों का उल्लेख किया है।पुस्तक में सबसे ज्यादा चर्चा उस घटना की हो रही है, जब 13 दिसंबर 2023 को मध्यप्रदेश में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शिवराज सिंह चौहान को अलग से दिल्ली आने के लिए कहा था। उस समय प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में Mohan Yadav ने शपथ ली थी और पूरा फोकस उन्हीं पर था।लेकिन शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी उनके पास आए और धीरे से कहा —
“शिवराज, समय निकालकर दिल्ली आओ… आपसे कुछ बातें करनी हैं।”यही वह क्षण था, जिसने आगे चलकर उनके केंद्रीय मंत्री बनने की नींव रखी।
मोहन यादव के शपथ ग्रहण में क्या हुआ था?
13 दिसंबर 2023 को मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में देशभर की निगाहें थीं। मुख्यमंत्री पद की शपथ Mohan Yadav ने ली और मंच पर प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेता मौजूद थे।
Shivraj singh chouhan ने अपनी पुस्तक ‘अपनापन’ में लिखा कि जैसे ही मोहन यादव ने शपथ ली, पूरा ध्यान स्वाभाविक रूप से नए मुख्यमंत्री पर केंद्रित हो गया। लेकिन इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से दिल्ली आने का निमंत्रण दिया।करीब छह महीने बाद 9 जून 2024 को शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली और उन्हें कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली।उन्होंने पुस्तक में लिखा कि बाद में उन्हें समझ आया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उसी दिन उनके भविष्य की योजना बना ली थी।
Shivraj singh chouhan Book Launch में क्या खुलासे हुए?
Shivraj singh chouhan Book Launch के दौरान सामने आए अंशों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भावनात्मक संवेदनशीलता का विशेष उल्लेख किया गया है।पुस्तक में पहलगाम हमले के बाद हुई कैबिनेट बैठक का जिक्र भी किया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि उस समय प्रधानमंत्री सऊदी अरब दौरे पर थे, लेकिन हमले की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में छोड़ा और भारत लौट आए।उन्होंने लिखा कि 30 अप्रैल 2025 की कैबिनेट बैठक का माहौल तनावपूर्ण था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी शांत और दृढ़ दिखाई दिए।
प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा —“इस बार का ऑपरेशन अलग होगा। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से अलग होगा। जिन्होंने यह हरकत की है, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।”शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, यह सिर्फ गुस्से के शब्द नहीं थे, बल्कि दृढ़ नेतृत्व का संदेश था।
जब चुनाव सूची में नहीं था शिवराज सिंह चौहान का नाम
पुस्तक में 2023 मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया गया है।शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि भाजपा उम्मीदवारों की शुरुआती सूची में उनका नाम शामिल नहीं था। उस समय राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
इसी दौरान एक जनसभा में उन्होंने कहा था —“अगर हम नहीं रहे, तो हमें बहुत याद किया जाएगा।”विपक्ष ने इस बयान को अलग तरीके से पेश किया और यह प्रचारित किया कि उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो गया है।कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई टिप्पणियां कीं और “मामाजी का राजनीतिक अंतिम संस्कार” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
पीएम मोदी का भावुक फोन कॉल
Shivraj singh chouhan Book Launch में सबसे भावुक हिस्सा प्रधानमंत्री मोदी के फोन कॉल का बताया जा रहा है।चुनाव अभियान के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से शिवराज सिंह चौहान को फोन किया।शिवराज ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने उनसे मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्ते के साथ बात की।मोदी ने कहा —“आज मैं मुख्यमंत्री से बात नहीं कर रहा हूं। मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं।”प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि वह इतने चिंतित क्यों हैं और उन्हें सलाह दी कि कुछ समय आध्यात्मिक शांति और एकांत में बिताएं।
उत्तराखंड जाकर समझी पीएम मोदी की रणनीति
प्रधानमंत्री की सलाह मानते हुए शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड चले गए।उन्होंने ऋषिकेश के पास गंगा किनारे बिताए अपने एकांत के पलों का जिक्र किया।उन्होंने लिखा कि धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ व्यक्तिगत चिंता नहीं कर रहे थे, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के मनोबल को मजबूत बनाए रखने की रणनीति भी बना रहे थे।शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, यदि उनके मनोबल पर असर पड़ता, तो उसका असर पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी होता।
पुस्तक का विमोचन कब होगा?
Shivraj singh chouhan की पुस्तक ‘अपनापन’ का आधिकारिक विमोचन 26 मई 2026 को नई दिल्ली में किया जाएगा।इस कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu और पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

