शेयर बाजार में तूफानी शुरुआत: Sensex 800 अंक उछला, निफ्टी ने दिखाई रफ्तार
मुंबई में सोमवार को मजबूत ओपनिंग
भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जोरदार और उत्साहपूर्ण शुरुआत की। बाजार खुलते ही दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेज उछाल देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 800 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 76,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी मजबूत तेजी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
प्री-ओपनिंग सत्र में ही बाजार के सकारात्मक संकेत मिल चुके थे, जिसके चलते जैसे ही नियमित ट्रेडिंग शुरू हुई, निवेशकों में खरीदारी का माहौल बन गया और बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली।
Sensex ने पार किया 76,000 का स्तर
Sensex ने पिछले कारोबारी सत्र के बंद स्तर 75,415 की तुलना में 76,135 पर मजबूत ओपनिंग की। इसके बाद शुरुआती कुछ ही मिनटों में यह सूचकांक तेजी पकड़ते हुए 874 अंकों की छलांग लगाकर 76,289 के स्तर तक पहुंच गया।
इस तेजी ने बाजार में निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया और कई प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी बढ़ गई। बैंकिंग, ऑटो, एनर्जी और फाइनेंस सेक्टर में शुरुआती दौर में अच्छी मांग देखी गई, जिससे सेंसेक्स को मजबूती मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि वैश्विक संकेतों के कारण भी प्रेरित रही है, जिसने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया।
निफ्टी में भी दमदार बढ़त
निफ्टी ने भी सेंसेक्स के समान ही मजबूत प्रदर्शन किया। यह अपने पिछले बंद 23,719 के मुकाबले 23,940 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही यह सूचकांक तेजी दिखाते हुए 23,984 के स्तर तक पहुंच गया।
निफ्टी में यह तेजी दर्शाती है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी हो रही है और केवल कुछ ही सेक्टर नहीं बल्कि लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स में सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है।
आईटी, बैंकिंग, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में तेजी ने निफ्टी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।
बाजार में तेजी के पीछे प्रमुख कारण
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण वैश्विक और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव में संभावित कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है।
पहला कारण यह है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान युद्ध को समाप्त करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग को फिर से खोलने के संकेत मिले हैं। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम हुई है।
दूसरा बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। इससे वैश्विक महंगाई में कमी की उम्मीद बढ़ी है, जिसका सीधा सकारात्मक असर शेयर बाजार पर पड़ा है।
तीसरा महत्वपूर्ण कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर आई सकारात्मक खबरें हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिए हैं कि यह समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
वैश्विक संकेतों ने बदला बाजार का मूड
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार की दिशा बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और ऊर्जा बाजार में स्थिरता ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया है।
विशेषकर मध्य-पूर्व में तनाव कम होने और शिपिंग मार्गों के सुरक्षित होने की उम्मीद ने निवेशकों को राहत दी है। इससे जोखिम वाली संपत्तियों में निवेश बढ़ा है और शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है।
क्रूड ऑयल में गिरावट से राहत
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को अतिरिक्त मजबूती दी है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।
तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई कम होने की संभावना बढ़ती है, जिससे आरबीआई पर ब्याज दरों को लेकर दबाव कम होता है और बाजार में तरलता बढ़ती है।
India-US Trade Deal से बढ़ा भरोसा
भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से दिए गए संकेतों के बाद निवेशकों में यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग और बढ़ेगा।
इससे आईटी, फार्मा, ऑटो और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विशेष लाभ मिलने की संभावना है, जिसका असर बाजार की तेजी में साफ दिखाई दिया।
प्रमुख शेयरों ने दिखाई मजबूती
तेजी के इस माहौल में कई प्रमुख शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया और निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया।
लार्जकैप सेगमेंट में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर 2.90% की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। HDFC बैंक के शेयरों में 2.30% की मजबूती रही, जबकि इंडिगो के शेयरों में 2.10% की बढ़त दर्ज की गई।
मिडकैप श्रेणी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयर 4.20% की तेजी के साथ सबसे आगे रहे। अशोक लेलैंड में 3.60% और AU बैंक में 2.30% की बढ़त देखने को मिली।
स्मॉलकैप श्रेणी में एनएच के शेयर 6% की तेजी के साथ सबसे बड़े गेनर रहे। कोहांस के शेयर 4.20%, IIFL 3% और इनॉक्स विंड 2.50% की बढ़त में रहे।
सेक्टोरल रैली ने बढ़ाया उत्साह
बाजार में केवल कुछ चुनिंदा शेयर ही नहीं बल्कि कई सेक्टरों में एक साथ तेजी देखने को मिली। बैंकिंग सेक्टर में मजबूत खरीदारी, ऑटो सेक्टर में मांग और एनर्जी सेक्टर में स्थिरता ने बाजार को मजबूती दी।
फाइनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे बाजार का समग्र सेंटीमेंट सकारात्मक बना रहा।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी के बावजूद बाजार मजबूत
दिलचस्प बात यह रही कि देश में लगातार चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। सामान्य परिस्थितियों में ईंधन की कीमतों में वृद्धि बाजार पर दबाव डालती है, लेकिन इस बार वैश्विक संकेतों ने इस असर को संतुलित कर दिया।
निवेशकों ने घरेलू महंगाई की चिंता से अधिक वैश्विक सकारात्मक संकेतों पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे बाजार में खरीदारी बनी रही।
निवेशकों की बढ़ती भागीदारी
बाजार में तेजी के साथ ही निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी है। प्री-ओपनिंग सत्र में ही मजबूत संकेत मिलने के बाद रिटेल और संस्थागत निवेशकों दोनों ने सक्रिय रूप से खरीदारी की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक माहौल इसी तरह सकारात्मक बना रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
25 मई को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वैश्विक संकेतों के दम पर शानदार और तूफानी शुरुआत की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज उछाल देखने को मिला, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अंतरराष्ट्रीय तनाव में संभावित कमी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों ने बाजार को मजबूती दी है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं, लेकिन फिलहाल बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम, आर्थिक आंकड़ों और तेल कीमतों की स्थिति पर निर्भर करेगी। वर्तमान में निवेशकों का रुख सकारात्मक है और बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है।
