रीवा जैन साध्वी हादसा के बाद जैन नारी शक्ति मंच ने संत सुरक्षा हेतु मुख्यमंत्री से विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल, ट्रैफिक नियंत्रण और पुलिस सहायता की मांग की। हादसे में आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी का निधन हुआ।
रीवा जैन साध्वी हादसा: संत सुरक्षा हेतु जैन नारी शक्ति मंच की संवेदनशील पहल, सरकार से विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग
रीवा जैन साध्वी हादसा ने पूरे जैन समाज को झकझोर दिया
रीवा जैन साध्वी हादसा ने देशभर के जैन समाज को गहरे दुख और चिंता में डाल दिया है। मध्यप्रदेश के रीवा क्षेत्र में विहार के दौरान हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे में आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी का दुखद निधन हो गया, जबकि एक अन्य माताजी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना के बाद पूरे देश में संतों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नागदा स्थित जैन नारी शक्ति मंच ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए संत समाज की सुरक्षा हेतु ठोस और स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है।
विहार के दौरान तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर
मिली सूत्रों की जानकारी के अनुसार बुधवार प्रातःकाल संतों का विहार चल रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने संत समूह को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य माताजी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को जबलपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस हादसे ने संतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जैन नारी शक्ति मंच ने जताया गहरा शोक
रीवा जैन साध्वी हादसा पर जैन नारी शक्ति मंच के संस्थापक अध्यक्ष राजेश सकलेचा एवं सहयोगी दीपक जैन ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संत समाज अहिंसा, त्याग, तपस्या और भारतीय संस्कृति के जीवंत प्रतीक हैं। उनका सुरक्षित विहार सुनिश्चित करना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है।
मंच ने कहा कि लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बीच संतों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता अब अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
संत सुरक्षा हेतु उठाई प्रभावी मांग
संतों के विहार मार्ग पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग
जैन नारी शक्ति मंच ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि जैन संतों एवं साध्वियों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। मंच ने निम्न मांगें प्रमुख रूप से रखीं —
प्रमुख मांगें
- संतों के विहार मार्ग पर पुलिस सुरक्षा दल नियुक्त किए जाएं
- हाईवे एवं मुख्य मार्गों पर चेतावनी संकेत लगाए जाएं
- विहार के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल की विशेष व्यवस्था हो
- संत विहार रूट की पूर्व सूचना प्रशासन को दी जाए
- रात्रिकालीन एवं सुबह के समय विशेष गश्त बढ़ाई जाए
- संतों की सुरक्षा हेतु स्थायी “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” बनाया जाए
मुख्यमंत्री से की गई भावनात्मक अपील
जैन नारी शक्ति मंच ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। मंच ने कहा कि संत समाज केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्र की नैतिक चेतना का आधार है।
यदि संत ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो समाज की आध्यात्मिक और नैतिक दिशा प्रभावित होगी।
विभिन्न शहरों से महिलाओं ने किया समर्थन
संत सुरक्षा आंदोलन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
रीवा जैन साध्वी हादसा के बाद जैन नारी शक्ति मंच से जुड़ी विभिन्न शहरों की महिलाओं ने संयुक्त रूप से संतों की सुरक्षा हेतु कड़े कदम उठाने की मांग की।
इनमें प्रमुख रूप से —
- आशा जैन पालरेचा (नागदा)
- चंचल जैन चोरड़िया (नागदा)
- प्रभा बेन संघवी (बांसवाड़ा)
- चित्रा बेन जैन (जावरा)
- हेमा बेन कावड़िया (कुशलगढ़)
- रेखा बेन गांधी (रतलाम)
- मयूरी बेन जैन (उदयपुर)
- शकुन्तला बेन खेमेसरा (भीलवाड़ा)
- प्रीति जैन (इंदौर)
- सीमा चोपड़ा (महिदपुर सिटी)
- जीवनलाल जैन
सभी ने संयुक्त रूप से कहा कि संतों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
संत समाज को बताया राष्ट्र की नैतिक चेतना
मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि संत समाज केवल एक धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता बल्कि वह पूरे राष्ट्र की नैतिक चेतना का आधार है। संतों का जीवन त्याग, तपस्या, अनुशासन और करुणा का संदेश देता है।ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल क्यों जरूरी है
लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं बनी चिंता
देशभर में हाईवे और सड़कों पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक और तेज रफ्तार वाहनों के कारण संतों के विहार के दौरान खतरा बढ़ता जा रहा है। जैन संत और साध्वियां पैदल विहार करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था आवश्यक है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करें तो भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।
समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी
जैन नारी शक्ति मंच ने कहा कि संतों की सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। वाहन चालकों को भी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और विहार कर रहे संतों के पास सावधानीपूर्वक वाहन चलाना चाहिए।
दिवंगत माताजी को विनम्र श्रद्धांजलि
जैन नारी शक्ति मंच ने दिवंगत पूज्य माताजी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायल माताजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना की।

