Twisha Sharma Death Case Update में नया मोड़, आरोपी समर्थ ने जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर अर्जी लगाई, हाई कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम और CBI जांच को दी मंजूरी।
Twisha Sharma Death Case Update: जबलपुर कोर्ट में आरोपी समर्थ की सरेंडर अर्जी
भोपाल के चर्चित Twisha Sharma Death Case Update में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले में आरोपी बताए जा रहे समर्थ सिंह ने जबलपुर जिला कोर्ट पहुंचकर सरेंडर की अर्जी दाखिल कर दी। जैसे ही समर्थ के कोर्ट पहुंचने की खबर सामने आई, कोर्ट परिसर में हलचल तेज हो गई और मामले ने एक बार फिर पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
ट्विशा शर्मा मौत मामले में लगातार हो रहे नए खुलासों और कानूनी घटनाक्रमों के कारण यह केस प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक इस केस को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
आरोपी समर्थ सिंह ने जबलपुर जिला कोर्ट में लगाई सरेंडर अर्जी
सूत्रों के अनुसार आरोपी समर्थ सिंह लंबे समय से फरार बताया जा रहा था। शुक्रवार को अचानक जबलपुर जिला कोर्ट में उसकी मौजूदगी की खबर सामने आई। इसके बाद कोर्ट परिसर में पुलिस और मीडिया की गतिविधियां बढ़ गईं।
समर्थ सिंह की ओर से कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की गई। हालांकि अदालत की ओर से आगे की प्रक्रिया को लेकर कानूनी कार्रवाई जारी है।मामले में ट्विशा शर्मा के परिवार ने पहले ही गंभीर आरोप लगाए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
Twisha Sharma Death Case Update में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही अदालत ने ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति भी दे दी।
इस फैसले के बाद केस ने नया मोड़ ले लिया है। अब दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences यानी एम्स की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंचकर नया पोस्टमार्टम करेगी।जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद या संदेह न रहे।
वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता ने रखा पक्ष
हाई कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता Tushar Mehta ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखा। इसके बाद अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए।
परिवार लंबे समय से दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा था। उनका आरोप था कि शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद परिवार को बड़ी राहत मिली है।
Twisha Sharma Death Case Update में CBI जांच को मंजूरी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने भी बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने Twisha Sharma Death Case Update की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation को सौंपने की मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार की ओर से CBI डायरेक्टर को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इसके बाद यह मामला अब राज्य पुलिस से निकलकर केंद्रीय एजेंसी की निगरानी में पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिले थे परिजन
दो दिन पहले ट्विशा शर्मा के परिजन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav से मिले थे।परिवार ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए CBI जांच कराने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सरकार के फैसले के बाद अब परिवार को उम्मीद है कि मामले की सच्चाई सामने आएगी।
12 मई को हुई थी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित बाग मुगलिया एक्सटेंशन में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।शुरुआती जांच में दहेज प्रताड़ना के आरोप सामने आए थे। इसके बाद पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पति समर्थ सिंह और पूर्व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।मामले ने धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में बड़ा रूप ले लिया और सोशल मीडिया पर न्याय की मांग तेज हो गई।
सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ रही प्रतिक्रियाएं
Twisha Sharma Death Case Update को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं बड़ी संख्या में लोग आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।मामले में नए घटनाक्रम आने के बाद ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर यह केस लगातार ट्रेंड कर रहा है।
दोबारा पोस्टमार्टम से खुल सकते हैं नए राज
विशेषज्ञों का मानना है कि एम्स की टीम द्वारा किया जाने वाला दोबारा पोस्टमार्टम जांच की दिशा बदल सकता है।यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नए तथ्य सामने आते हैं तो जांच एजेंसियां कई नए एंगल से केस की जांच कर सकती हैं। इसी कारण इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।
कानूनी विशेषज्ञों की नजर में अहम केस
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हाई कोर्ट द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति देना असाधारण कदम माना जाता है। यह तब होता है जब अदालत को शुरुआती जांच पर संदेह हो या परिवार द्वारा पर्याप्त तथ्य प्रस्तुत किए जाएं।इसी वजह से यह मामला अब कानूनी दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
