साधु संत सुरक्षा अभियान को लेकर मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने जैन समाज से संगठित होकर संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कराने की अपील की।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
साधु संत सुरक्षा अभियान को लेकर मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज का बड़ा संदेश
गिरीडीह से पूज्य Pramansagar Maharaj ने मध्यप्रदेश के रीवा में घटी हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि केवल शोक संदेश, संवेदनाएं अथवा श्रद्धांजलि देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह घटना सम्पूर्ण समाज के लिए गंभीर चिंतन का विषय बन चुकी है।समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने पूरे भारत वर्षीय सकल जैन समाज से संगठित होकर साधु-संतों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है।
साधु संत सुरक्षा अभियान पर मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज की चिंता
पूज्य Pramansagar Maharaj ने कहा कि आज देश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें साधु-संतों के जीवन पर संकट दिखाई दे रहा है। त्याग, तपस्या और संयम का जीवन जीने वाले तथा समाज को प्रेम और अहिंसा का संदेश देने वाले पदविहारी साधु-संतों के साथ यदि इस प्रकार की घटनाएं घटित होती रहेंगी, तो यह किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने कहा कि हर बार किसी घटना के बाद लोग शोक व्यक्त करते हैं, कुछ दिन चर्चा होती है और फिर सब कुछ शांत हो जाता है। लेकिन कुछ समय बाद पुनः कोई दूसरी घटना सामने आ जाती है। आखिर यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा?उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब समाज को केवल मौन दर्शक बने रहने के बजाय जागरूक और संगठित होकर कार्य करना होगा।
25 मई को देशभर में मौन रैली और ज्ञापन अभियान
समाज प्रवक्ता राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इसी उद्देश्य से गुरुवर ने पूरे देश में “साधु संत सुरक्षा अभियान” चलाने का प्रस्ताव रखा है।इसके तहत 25 मई सोमवार को प्रातः 8 बजे भारत वर्षीय समस्त जैन समाज द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरण अभियान संचालित करने की बात कही गई है।मुनि श्री ने सुझाव दिया कि प्रथम चरण में देशभर में मौन रैलियां, कैंडल मार्च एवं ज्ञापन अभियान आयोजित किए जाएं। पुरुष सफेद वस्त्र तथा महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण कर शांतिपूर्ण ढंग से रैलियां निकालें और जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपें।
संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग
मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने भारत सरकार से “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग की।उन्होंने कहा कि ज्ञापन केवल एक घटना तक सीमित न होकर ठोस मांगों पर आधारित होना चाहिए। ज्ञापन जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मानवाधिकार आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, प्रधानमंत्री कार्यालय एवं गृह मंत्रालय को भेजे जाएं।इन ज्ञापनों में साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष व्यवस्था, निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच, आवश्यकता पड़ने पर एसआईटी गठन, सीसीटीवी एवं डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा तथा आरोपियों पर कठोर धाराओं में कार्रवाई की मांग शामिल होनी चाहिए।यदि किसी घटना में षड्यंत्र सिद्ध होता है, तो हत्या की धाराओं में दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी की जानी चाहिए।
साधु संत सुरक्षा अभियान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गाइडलाइन बनाने की मांग
मुनि श्री ने कहा कि सरकार को विहार मार्गों पर पुलिस समन्वय, संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, हाईवे पर स्पीड कंट्रोल तथा धार्मिक पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि साधु-संतों पर होने वाले अपराधों को “विशेष संवेदनशील अपराध” घोषित किया जाए, क्योंकि साधु-संत आत्मरक्षा नहीं करते, उनका किसी से वैर नहीं होता और वे केवल शांति एवं अहिंसा का संदेश देते हैं।
दिगंबर और श्वेतांबर समाज से एकजुट होने की अपील
मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने दिगंबर एवं श्वेतांबर समाज से एकजुट होकर इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि भविष्य में किसी भी साधु-संत, मुनि अथवा आर्यिकाओं को ऐसी घटनाओं का शिकार नहीं बनने देंगे।उन्होंने कहा कि जैन समाज को अब भावनात्मक प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर संगठित और योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे।
हर शहर और गांव में बने “संत सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ”
पूज्य मुनि श्री ने सुझाव दिया कि हर शहर और गांव में “संतों की सड़क सुरक्षा हेतु प्रकोष्ठ” बनाए जाएं।उन्होंने कहा कि संतों के विहार के समय प्रशिक्षित स्वयंसेवक उनके साथ चलें। स्वयंसेवक विशेष जैकेट पहनें ताकि दूर से उनकी पहचान हो सके तथा पीछे सुरक्षा वाहन भी रहे।उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी और जागरूकता का प्रतीक भी बनेगी।
तेज रफ्तार और सड़क अव्यवस्था भी बड़ी वजह
मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि इन घटनाओं के पीछे तेज रफ्तार, असहिष्णुता, सड़क अव्यवस्था और कहीं-कहीं दुर्भावना जैसे कारण भी दिखाई देते हैं।इन सभी कारणों के निवारण के लिए समाज और शासन दोनों को गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर आक्रोश व्यक्त करने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि योजनाबद्ध और संगठित प्रयास करने होंगे।
अभी समय है जागने का : मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज
अंत में पूज्य Pramansagar Maharaj ने कहा कि अभी समय है जागने का। यदि आज समाज संगठित होकर ठोस कदम उठाएगा, तभी भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।उन्होंने कहा कि यदि समाज केवल शोक और संवेदनाओं तक सीमित रह जाएगा, तो कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आएगा।
समाज प्रवक्ताओं ने दी जानकारी
उपरोक्त जानकारी गुणायतन मध्यभारत के प्रवक्ता Avinash Jain Vidyawani एवं समाज प्रचारक Rajesh Jain Daddu द्वारा दी गई।
